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  • After Getting A Home Loan, Keep These 5 Things In Mind, Including Pre payment And Timely Installment, Otherwise You May Have To Worry

काम की बात:होम लोन मिलने के बाद प्री-पेमेंट और समय पर किस्त चुकाने सहित इन 5 बातों का रखें ध्यान, नहीं तो होना पड़ सकता है परेशान

नई दिल्ली4 दिन पहले
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कोई भी व्यक्ति लोन ऐसी आर्थिक जरूरतें पूरी करने के लिए लेता है, जिसे वो मौजूदा संसाधनों से पूरा नहीं कर सकता। हालांकि, लोन मिलने के साथ ही उसके भुगतान की जिम्मेदारी भी आती है, जिसे ठीक से ना निभाने पर उधारकर्ता के वित्तीय स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है।

चूंकि लोन की रकम के साथ ब्याज भी चुकाना पड़ता है, इसलिए जब भी संभव हो ब्याज की लागत कम करने के प्रयास करने चाहिए। अगर आपने हाल ही में लोन लिया है, तो पैसाबाजार.कॉम के सीईओ एंड को-फाउंडर नवीन कुकरेजा के इन पांच सुझावों पर आपको जरूर गौर करना चाहिए...

EMI के भुगतान में कभी चूक ना करें
अपनी EMI का भुगतान तय तारीख तक कर दें। EMI भुगतान में चूक होने पर भारी पेनल्टी चार्ज और ब्याज दोनों लगता है। इसके अलावा, क्रेडिट ब्यूरो जब किसी व्यक्ति का क्रेडिट स्कोर कैलकुलेट करते हैं तो वो उसके लोन ईएमआई और क्रेडिट कार्ड बिल भुगतान के रिकॉर्ड पर भी विचार करते हैं। EMI का तय तारीखों तक भुगतान न करने से आपके क्रेडिट स्कोर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है, जिससे भविष्य में आपको लोन या क्रेडिट कार्ड लेने में मुश्किल आ सकती है।

इमरजेंसी फंड में लोन EMI जोड़ें
इमरजेंसी फंड बनाने का प्राथमिक उद्देश्य अप्रत्याशित स्थितियों जैसे अचानक नौकरी छूटना, गंभीर बीमारी या जीवन में अन्य प्रतिकूल घटनाओं में आर्थिक संकट से बचना है। इमरजेंसी फंड का आकार आपके कम से कम छह महीने के जरूरी मासिक खर्चों जैसे किराया, इंश्योरेंस प्रीमियम, EMI, आदि के बराबर होना चाहिए। मौजूदा लोन को चुकाने वालों के लिए ज़रूरी है कि वो अपने इमरजेंसी फंड में अपनी छह महीनों की EMI के बराबर राशि इकट्ठा करने के लिए, योगदान शुरू करें।

जब भी संभव हो बैलेंस ट्रांसफर करें
आप बैलेंस ट्रांसफर का विकल्प चुनकर अपने मौजूदा लोन को किसी अन्य बैंक में ट्रांसफर कर सकते हैं, जहां कम ब्याज देना पड़े। जिनकी ठीकठाक लोन अवधि बची है, उन्हें समय-समय पर अपने लोन पर लागू ब्याज दरों की तुलना अन्य बैंकों द्वारा ऑफर ब्याज से करनी चाहिए। बैलेंस ट्रांसफर विकल्प का प्रयोग करने से पहले प्री-पेमेंट फीस आदि का भी ध्यान रखें। बैलेंस ट्रांसफर का विकल्प तभी चुनें जब इन सभी शुल्क के बाद भी आपको ब्याज लागत में महत्वपूर्ण बचत हो रही हो।

जब भी अतिरिक्त पैसे हों प्री-पेमेंट करें
लोन का प्री-पेमेंट करने से ब्याज लागत कम करने में काफी मदद मिलती है, खास तौर पर तब जब लोन की शुरुआती अवधि में ही प्री-पेमेंट कर दिया जाए। इसलिए, उधारकर्ता के पास जब भी अतिरिक्त पैसा हो, उन्हें लोन प्री-पेमेंट करने का प्रयास करना चाहिए। यदि आप कई लोन का भुगतान कर रहे हैं, तो हमेशा सबसे ज्यादा ब्याज दर वाले लोन का प्री-पेमेंट करें। हालांकि, प्री-पेमेंट करने से पहले लागू प्री-पेमेंट फीस (यदि कोई हो) को ध्यान में रखें। यदि यह फीस बचत से ज्यादा हो तो दोबारा विचार करें।

अपनी क्रेडिट रिपोर्ट चेक करते रहें
आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में आपके विभिन्न लोन और क्रेडिट कार्ड से संबंधित जानकारी होती है। क्रेडिट ब्यूरो इस जानकारी के आधार पर ही आपका क्रेडिट स्कोर तय करते हैं। बैंक या ब्यूरो की ओर से हुई कोई भी गलती आपके क्रेडिट स्कोर पर प्रतिकूल असर डाल सकती है। इस जोखिम को कम करने का एकमात्र तरीका समय-समय पर अपनी क्रेडिट रिपोर्ट चेक करना है। आप साल में एक बार प्रत्येक क्रेडिट ब्यूरो से एक निःशुल्क क्रेडिट रिपोर्ट ले सकते हैं। इससे यह भी अंदाजा मिलेगा कि आपकी माली हालत कैसी है।