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फीचर आर्टिकल:सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी 2021, भारत की लगभग 7.3% आबादी के पास क्रिप्टो एसेट

नई दिल्ली5 महीने पहले
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क्रिप्टो, क्रिप्टो, क्रिप्टो! हर कोई क्रिप्टो के बारे में बातें कर रहा है; इन दिनों यह चर्चा का सबसे लोकप्रिय विषय बना हुआ है। जहां भारत की लगभग 7.3% आबादी के पास कुछ न कुछ मात्रा में क्रिप्टो एसेट है, वहां ऐसे बहुत सारे लोग हैं जो अभी भी डिजिटल करेंसी के पूरे कॉन्सेप्ट के बारे में आशंकित हैं।

अधिकांश क्रिप्टो करेंसियां ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी से संचालित होती हैं। ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी में ब्लॉक्स एक आधार के रूप में काम करते हैं क्योंकि लेनदेन को इन ब्लॉक्स के भीतर रिकॉर्ड और टाइम-स्टैम्प (समयबद्ध ) किया जाता है।

हर ब्लॉक एक दूसरे से जुड़ा रहता है, और हैकर्स को आपके लेनदेन के डिजिटल लेजर में छेड़छाड़ करने के लिए, उन्हें एक-एक ब्लॉक को उलटना-पलटना पड़ेगा। यानी दूसरे शब्दों में कहें तो ऐसी कोशिश करने का भी कोई अर्थ नहीं है क्योंकि यह एक असंभव कार्य है।ब्लॉक चेन का तीन मुख्य प्रकार की क्रिप्टोकरेंसियों के साथ जुड़ी हुई हैं। पहली ब्लॉकचेन बिटकॉइन थी, इसके बाद ऑल्टकॉइन्स और टोकन्स आईं।

बिटकॉइन
मजेदार तथ्य: बिटकॉइन के खोजकर्ता को लेकर अभी तक एक रहस्य ही बना हुआ है। इसका नाम सातोशी नाकामोतो है। जबकि कुछ लोगों का कहना है कि यह नाम बस एक छद्म व्यक्ति है और कुछ लोग मानते हैं कि यह कुछ लोगों का समूह है जिन्होंने बिटकॉइन की खोज की है। बिटॉइन्स को जनवरी 2009 में एक डिजिटल करेंसी के रूप में लॉन्च किया गया था। यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक जुड़ी हुई प्रणाली है जहां पर प्रत्येक लेनदेन दो लोगों के बीच में होता है। ब्लोच्क्चैन टेक्नोलॉजी को पहली बार बिटकॉइन लेनदेनों में शुरू किया गया था जिसने यूजर्स को बगैर किसी तीसरे पक्ष के माध्यम से पैसे का लेनदेन करने में मदद की। इसलिए आपको अपनी पहचान का खुलासा करने की जरूरत नहीं है और फिर भी अनाधिकृत पहुंच से सुरक्षित है।

अगली, ऑल्टकॉइन
वर्तमान में 1000 से ज्यादा ऑल्टकॉइन सर्कुलेशन में हैं। का सबसे बेहतरीन उदाहरण एथेरियम और कार्डानो हैं। हालांकी बिटकॉइन सबसे जानी-पहचानी क्रिप्टो करेंसी है, एथेरियम और कार्डानो ने पिछले कुछ समय से सर्वाधिक ध्यान आकर्षित किया है। इन प्लेटफार्म्स को डेवलपर्स को ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी का उपयोग करके एप्स बनाने में मदद करने के लिए डिजाइन किया गया था। लेकिन सबसे मुख्य बात यह है कि सभी क्रिप्टोकरेंसियां महज बिटकॉइन की कॉपी नहीं हैं; बिटकॉइन के जो भी विकल्प हैं वे अपने मूल्य और उद्देश्यों में उल्लेखनीयरूप से अलग हैं।

टोकन्स
दूसरी कई क्रिप्टोकरेंसियों के विपरीत, क्रिप्टो टोकन्स एसेट-आधारित होते हैं और उनकी ब्लॉकचेन में स्थित होते हैं। क्रिप्टो टोकन्स क्राउड फंडिंग के माध्यम से धन जुटाने के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। टोकन का इस्तेमाल धन को स्टोर करने, निवेश करने, या चीज़ों को खरीदने में किया जा सकता है। पेमेंट टोकन्स का इस्तेमाल मूल्य को स्टोर करने में किया जाता है जबकि यूटिलिटी टोकन्स का इस्तेमाल किसी ब्लॉकचेन- आधारित उत्पाद या सेवा में पहुंच प्राप्त करने के लिए किया जाता है, वहीं सिक्योरिटी टोकन्स अपने धारक को स्वामित्व का अधिकार प्रदान करते हैं; यहां पर प्रत्येक टोकन एक विशिष्ट एसेट का प्रतिनिधित्व करता है जैसे कि डिजिटल इमेज यावीडियो और ऑडियो।

लाइटकॉइन और डैश, पेमेंट टोकन्स का उदाहरण हैं जबकि बेसिक अटेंशन टोकन्स और ब्रिकब्लॉक का उपयोग यूटिलिटी टोकन्स के रूप में किया जाता है। CyberPunks (सायबरपंक्स) और Nyan cats (न्यान कैट्स) लोकप्रिय एनएफटी हैं वहीं MemePad (मीम पैड) और TrustPad (ट्रस्ट पैड) कुछ सिक्योरिटी टोकन्स में शामिल हैं।

अन्य प्रकार की क्रिप्टोकरेंसियों में शामिल हैं :
डिजिटल गोल्ड - जमीन से निकलने वाले सोने की तरह है लेकिन सीमित सप्लाई और डिजिटल स्वरूप में। इंटरनेट मनी - इंटरनेट पर खरीदारी के लिए उपयोग की जाती है। रिपल (XRP) एक बेहतरीन उदाहरण है। स्टेबल कॉइन - इस क्रिप्टोकरेंसी को सरकारी करेंसी का समर्थन प्राप्त है। टीथर की तरह जिसका मूल्य डॉलर के
अनुपात में तय है।

अब चूंकि आपको 2021 में अलग-अलग तरह की क्रिप्टोकरेंसियों के बारे में संतुलित जानकारी प्राप्त हो गई है, आप इस साल का अंत या अगले साल की शुरुआत भारत के सबसे सरल क्रिप्टो प्लेटफार्म, कॉइनस्विच कुबेर पर अपनी पसंदीदा क्रिप्टोकरेंसी की खरीदारी के साथ कर सकते हैं। कॉइनस्विच कुबेर पर 80 से भी अधिक क्रिप्टोकरेंसियों को खरीदा जा सकता है, और आप महज 100 रुपयों से खरीदारी की शुरुआत कर सकते हैं। लेकिन क्रिप्टो में निवेश करने से पहले अपनी खुद की रिसर्च करना न भूलें !