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5G आने से पहले बढ़ सकता है 4G का दाम:शुरुआत में प्रीमियम ग्राहकों तक सीमित रहेगी सेवा, देश में 5G सर्विसेज का काउंटडाउन शुरू

नई दिल्ली12 दिन पहले
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10 किमी तक कवरेज देने में सक्षम है 700 मेगाहर्ट्ज बैंड का स्पेक्ट्रम। - Money Bhaskar
10 किमी तक कवरेज देने में सक्षम है 700 मेगाहर्ट्ज बैंड का स्पेक्ट्रम।

देश में 5G टेलीकॉम सर्विसेज शुरू होने से पहले 4G के टैरिफ में बढ़ोतरी की जा सकती है। क्रिसिल रेटिंग्स, नोमुरा और गोल्डमैन साक्स का अनुमान है कि 2022 में कंपनियां 30% तक टैरिफ बढ़ाएंगी। इसके बाद 5G के लिए प्रीमियम टैरिफ वसूलेंगी।

सोमवार को खत्म 5G स्पेक्ट्रम की नीलामी में 1.5 लाख करोड़ रुपए की बोलियां लगाई गईं। 5G स्पेक्ट्रम में बड़े निवेश को देखते हुए क्रिसिल रेटिंग्स का अनुमान है कि कंपनियां 5G सेवाओं के लिए अलग-अलग दाम वसूलेंगी।

क्रिसिल के मुताबिक, 5G सर्विसेज का इस्तेमाल 4G टैरिफ के ऊपर प्रीमियम पर निर्भर करेगा। इसीलिए यह पक्का करने के लिए कि लोग बड़े पैमाने पर 5G अपनाएं, कंपनियां 4G सेवाओं का टैरिफ बढ़ा सकती हैं। नोमुरा ग्लोबल मार्केट रिसर्च का भी अनुमान है कि कंपनियां 1.5GB प्रति दिन वाले 4G प्लान्स के टैरिफ पर 30% तक प्रीमियम वसूल सकती हैं।

टेलीकॉम कंपनियां 5G पर प्रीमियम टैरिफ वसूलेंगी
नोमुरा ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है, ‘शुरुआती तौर पर प्रीमियम ग्राहक (जिनके पास 15,000 रुपए से ज्यादा के स्मार्टफोन हैं) 5G सेवाएं सब्सक्राइब करेंगे। ऐसे में हमारा अंदाजा है कि टेलीकॉम कंपनियां 5G पर प्रीमियम टैरिफ वसूलेंगी।’ उधर गोल्डमैन साक्स ने एक नोट में कहा है, ‘हमारा पहले से अनुमान रहा है कि 2022 के अंत तक टेलीकॉम कंपनियां एक बार फिर टैरिफ बढ़ाएंगी। हमारी राय में यह इस सेक्टर में आय वृद्धि का अगला पड़ाव साबित होगा।’

रिलायंस जियो 5G के लिए सबसे मजबूत स्थिति में
जियो सभी 22 टेलीकॉम सर्किल में प्रीमियम 700 मेगाहर्ट्ज बैंड में 5G स्पेक्ट्रम खरीदने वाला अकेला ऑपरेटर है। इसके चलते जियो ने 5G की दौड़ में शुरुआती बढ़त हासिल कर ली है। टेलीकॉम एक्सपर्ट्स के मुताबिक लो फ्रीक्वेंसी बैंड होने के कारण इसके सिगनल इमारतों के भीतर तक पहुंच सकते हैं। इसलिए ये इनडोर कवेरज के लिए मुफीद है। इसका आउटडोर कवरेज भी शानदार है। 700 मेगाहर्ट्ज बैंड का टावर करीब 10 किलोमीटर तक कवरेज दे सकता है।

देश में 5G सर्विसेज की शुरुआत को लेकर हमने भास्कर एक्सपर्ट महेश उप्पल से बात की, जिसमें हमने उनसे कई सवालों के जवाब जानें...

कंपनियों को 5G स्पेक्ट्रम मिलने में कितना समय लगेगा?
इसकी प्रक्रिया अगले 10-15 दिन में पूरी हो जानी चाहिए।

देश में 5G सर्विसेज की शुरुआत कब तक हो पाएगी?
अक्टूबर-नवंबर या साल के आखिर तक कॉरपोरेट और प्रोफेशनल्स जैसे चुनिंदा यूजर्स के लिए 5G सर्विसेज शुरू होने की संभावना है। आम लोगों तक ये सेवाएं पहुंचने में 2-3 साल लग सकते हैं।

लंबा समय लगने की कोई खास वजह?
5G का इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करने में कंपनियों को बड़ा निवेश करना पड़ेगा और इसमें समय भी लगेगा। इसके अलावा कंपनियां यह देखते हुए 5G का दायरा बढ़ाएंगी की मांग किस रफ्तार से बढ़ रही है।

5G के लिए कंपनियों का 700 मेगा हर्ट्ज के स्पेक्ट्रम पर जोर क्यों रहा?
इसलिए कि इस स्पेक्ट्रम की रेंज हाई-फ्रीक्वेंसी स्पेक्ट्रम से कई गुना ज्यादा है। इसके चलते कंपनियों को टावर कम लगाने पड़ते हैं।

क्या 5G सर्विसेज 4G के मुकाबले महंगी होंगी?
हां, 5G सर्विसेज के लिए कंपनियां शुरुआत में काफी प्रीमियम प्राइस वसूलेंगी। लेकिन जैसे-जैसे इसकी पहुंच बढ़ेगी, कीमतें कम होने की संभावना बनी रहेगी।