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यूनिकॉर्न ने बनाई रिकॉर्ड वैल्यू:44 प्लेटफॉर्म्स की वैल्यू 7.6 लाख करोड़ रुपए हुई, इनमें हर साल 14 लाख लोगों को नौकरी मिलती है

नई दिल्ली13 दिन पहले
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  • 2020 में 12 स्टार्टअप्स को यूनिकॉर्न का दर्जा मिला, यह 1 साल में सबसे ज्यादा
  • एक बिलियन डॉलर से ज्यादा की वैल्यू वाले स्टार्टअप को यूनिकॉर्न कहा जाता है

स्टार्टअप्स से यूनिकॉर्न बने प्लेटफॉर्म्स को रिकॉर्ड वैल्यू बनाने में कामयाबी मिली है। ओरियस वेंचर पार्टनर्स की द इंडिया टेक यूनिकॉर्न रिपोर्ट-2020 के मुताबिक, देश के 44 यूनिकॉर्न की वैल्यू अब 106 बिलियन डॉलर करीब 7.6 लाख करोड़ रुपए हो गई है। इससे इन यूनिकॉर्न के फाउंडर्स, एंप्लॉयी, इन्वेस्टर्स और अर्थव्यवस्था को लाभ मिला है।

2020 में 12 स्टार्टअप्स को मिला यूनिकॉर्न का दर्जा

2020 में देश के कुल 12 स्टार्टअप्स को यूनिकॉर्न का दर्जा मिला है। इसमें रेजरपे, फार्मईजी, जिरोधा, नाइका डॉट कॉम, अनएकेडमी, पाइन लैब्स, पोस्टमैन, जेनोटी, ग्लांस, डेलीहंट, फर्स्टक्राई और कार्स-24 शामिल हैं। यह किसी एक साल में सबसे ज्यादा यूनिकॉर्न बनने का रिकॉर्ड है। 1 बिलियन डॉलर यानी करीब 7,200 करोड़ रुपए की वैल्यूएशन वाले स्टार्टअप को यूनिकॉर्न कहा जाता है।

16 बिलियन डॉलर की वैल्यू के साथ पेटीएम टॉप पर

वेंचर इंटेलीजेंस के डाटा के मुताबिक, 16 बिलियन डॉलर की वैल्यू के साथ पेटीएम सबसे वैल्यूएबल यूनिकॉर्न की लिस्ट में टॉप पर है। इसके बाद 10.8 बिलियन डॉलर की वैल्यू के साथ एजुकेशन यूनिकॉर्न बायजूस क्लासेस का नंबर आता है। 10 बिलियन डॉलर की वैल्यू के साथ ओयो रूम्स तीसरे नंबर पर है, जबकि 6.4 बिलियन डॉलर की वैल्यू के साथ ओला चौथे नंबर पर है। 3.9 बिलियन डॉलर की वैल्यू के साथ जोमैटो पांचवें नंबर पर है। इसमें फ्लिपकार्ट और स्नैपडील को शामिल नहीं किया गया है क्योंकि इनका अधिग्रहण या मौजूदा स्थिति स्पष्ट नहीं है।

बेंगलुरु में सबसे ज्यादा यूनिकॉर्न

सबसे दिलचस्प बात यह है कि देश के कुल 41% यूनिकॉर्न अकेले बेंगलुरु में हैं। इसके बाद 34% के साथ दिल्ली-NCR दूसरे और 14% के साथ मुंबई तीसरे स्थान पर है। द इंडिया टेक यूनिकॉर्न रिपोर्ट 86% यूनिकॉर्न के फाउंडर इंजीनियर हैं। इन यूनिकॉर्न के कुल फाउंडर्स में 1 या इससे ज्यादा व्यक्ति इंजीनियर है। केवल 14% यूनिकॉर्न के फाउंडर गैर-इंजीनियर हैं।

44 में से केवल 3 यूनिकॉर्न लिस्टेड

द इंडिया टेक यूनिकॉर्न रिपोर्ट के मुताबिक, देश के कुल 44 यूनिकॉर्न में से केवल 3 ही बाजार में लिस्टेड हैं, इसमें मेकमाईट्रिप, जस्ट डायल और नौकरी डॉट कॉम शामिल हैं। 44 में से 1 यूनिकॉर्न यानी फ्लिपकार्ट का अधिग्रहण हो चुका है। स्नैपडील, क्विकर और हाईक की मौजूदा स्थिति की जानकारी नही है। वहीं शॉपक्लूज की मौजूदा स्थिति की जानकारी नहीं है लेकिन इसका अधिग्रहण हो चुका है।

ये है देश के कुल 44 यूनिकॉर्न

मेकमाईट्रिप, इनमोबी, फ्लिपकार्ट, जस्टडायल, म्यू सिग्मा, नौकरी डॉट कॉम, स्नैपडील, ओला, क्विकर, पेटीएम, हाइक, शॉपक्लूज, बायजूस, पेटीएम मॉल, ओयो, उड़ान, स्विगी, पॉलिसीबाजार, फ्रैशवर्क्स, जोमैटो, बिलडेस्क, फोनपे, बिग बास्केट, ड्रीम-11, ब्लैकबक, देल्हीवेरी, ओला इलेक्ट्रिक, ड्रूवा, Icertis, सिटीयस टेक, रिविगो, लेंसकार्ट, पोस्टमैन, पाइन लैब्स, अनएकेडमी, नाइका डॉट कॉम, जिरोधा, फार्मइजी, रेजरपे, जिनोटी, ग्लांस, डेलीहंट, फर्स्टक्राई और कार्स-24।

7 स्टार्टअप को यूनिकॉर्न बनने में 14.6 साल लगे

देश के कुल सात स्टार्टअप्स को यूनिकॉर्न बनने में सबसे ज्यादा 14.6 साल का समय लगा। 9 स्टार्टअप्स को यूनिकॉर्न बनने में 8.7 साल का समय लगा। 13 को यूनिकॉर्न बनने में 7.4 साल का समय लगा। 4 स्टार्टअप को यूनिकॉर्न बनने में 5.8 साल का समय लगा। 8 को यूनिकॉर्न बनने में 5 साल का समय लगा। 3 स्टार्टअप को यूनिकॉर्न बनने में 2.4 साल का समय लगा। सबसे ज्यादा समय में यूनिकॉर्न बनने वाले स्टार्टअप्स में जस्ट डायल, नौकरी डॉट कॉम, बिलडेस्क, पाइन लैब्स, म्यू सिग्मा, मेकमाईट्रिप और सिटीयस टेक शामिल हैं। सबसे कम समय में यूनिकॉर्न बनने वालों में उड़ान, ओला इलेक्ट्रिक और ग्लांस शामिल हैं।

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