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  • 11 tonnes of silver were imported in September a decline of 96 pc over the same period last year

सिल्वर के प्रति लोगों का घटा प्यार /सितंबर में सिर्फ 11.28 टन सिल्वर का आयात हुआ, पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 96% की रही गिरावट

जनवरी से सितंबर तक करीब 1,468 टन सिल्वर आयात हुआ, जबकि 2019 में सालभर में 5,598 टन सिल्वर का आयात हुआ था जनवरी से सितंबर तक करीब 1,468 टन सिल्वर आयात हुआ, जबकि 2019 में सालभर में 5,598 टन सिल्वर का आयात हुआ था

  • स्क्रैप सिल्वर की ज्यादा आपूर्ति से आयात की जरूरत घटी
  • प्राइस में भारी इजाफे के कारण चांदी से बाहर निकल रहे हैं लोग

मनी भास्कर

Oct 17,2020 04:16:28 PM IST

नई दिल्ली. देश के निवेशक और निम्न आय वर्ग के लोग सिल्वर बेच रहे हैं। स्क्रैप सिल्वर की आपूर्ति ज्यादा हो रही है, जो घरेलू मांग को पूरा कर रही है। इसके कारण आयात की जरूरत भी काफी कम हो गई है।

वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक सितंबर 2020 में सिर्फ 11.28 टन सिल्वर का आयात हुआ, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 96 फीसदी कम है। इस साल अब तक (जनवरी से सितंबर तक) देश में करीब 1,468 टन सिल्वर का आयात हुआ। जबकि 2019 में सालभर में 5,598 टन सिल्वर का आयात हुआ था।

बाजार में स्क्रैप की बढ़ी आपूर्ति

मेटल फोकस के प्रिंसिपल कंसल्टेंट-साउथ एशिया चिराग सेठ ने कहा कि आयात इसलिए घटा है, क्योंकि बाजार में बड़े पैमाने पर सिल्वर ज्वैलरी स्क्रैप और बार्स आ रहे हैं। एक बड़े बुलियन डीलर एसबी ओर्नामेंट्स के चीफ मार्केटिंग ऑफीसर रिषभ सिंघल ने कहा कि हर महीने बाजार में करीब 300 टन स्क्रैप सिल्वर आ रहा है।

पिछले साल स्क्रैप सिल्वर नहीं आ रहा था

पिछले साल इस समय स्क्रैप सिल्वर न के बराबर आ रहा था, लेकिन इस साल बड़े पैमाने पर आ रहा है। जो कमी रह जाती है, वह हिंदुस्तान जिंक पूरी कर देता है। हिंदुस्तान जिंक घरेलू बाजार में हर महीने करीब 40-50 टन सिल्वर की आपूर्ति करता है।

2011 में जिन्होंने 72,000 के स्तर पर खरीदारी की थे, वे अब बेच रहे हैं

सिंघल ने कहा कि जिन्होंने 2011 में 72,000 रुपए प्रति किलोग्राम के भाव पर सिल्वर में निवेश किया था, अब वे बेच रहे हैं। मैं यह ट्र्रेंड भी देख रहा हूं कि गांवों में निम्न मध्य वर्ग के लोग और प्रवासी लोग सिल्वर बेचकर दैनिक जरूरत की पूर्ति के लिए नकदी जुटा रहे हैं। एक प्रमुख सिल्वर आयातक आम्रपाली ग्रुप गुजरात के सीईओ चिराग ठक्कर ने कहा कि प्राइस में हुए इजाफे के कारण लोग सिल्वर बेचने में रुचि ले रहे हैं।

अगस्त में सिल्वर फ्यूचर ने 77,949 का रिकॉर्ड ऊपरी स्तर छुआ था

एमसीएक्स पर सिल्वर फ्यूचर जनवरी में 46,000 पर ट्रेड कर रहा था। अगस्त में इसने 77,949 रुपए का रिकॉर्ड ऊपरी स्तर छू लिया था। शुक्रवार को यह 61,653 रुपए प्रति किलोग्राम के स्तर पर बंद हुआ। ठक्कर ने कहा कि लंबे समय से सिल्वर का प्राइस निचले स्तर पर चल रहा था, अब जबकि इसमें तेज आई है, तब लोग इससे बाहर निकल रहे हैं।

मांग में भी कमी

कोरोनावायरस महामारी और लॉकडाउन के कारण आई आर्थिक सुस्ती से भी बाजार में सिल्वर की मांग घट गई है। चेन्नई के एक ज्वैलर ने कहा कि मार्च के बाद से बाजार में पायल नहीं बिक रही है। ट्रेडर्स के मुताबिक इस साल कुल सिल्वर आयात 3,200-3,500 के दायरे में रह सकता है, जो पिछले साल के मुकाबले 40 फीसदी कम होगा।

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जनवरी से सितंबर तक करीब 1,468 टन सिल्वर आयात हुआ, जबकि 2019 में सालभर में 5,598 टन सिल्वर का आयात हुआ थाजनवरी से सितंबर तक करीब 1,468 टन सिल्वर आयात हुआ, जबकि 2019 में सालभर में 5,598 टन सिल्वर का आयात हुआ था

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