• Home
  • Market
  • Now, like property, investment of mutual funds will be charged on stamp duty, investors in both debt and equity.

नया नियम /अब प्रॉपर्टी की तरह म्यूचुअल फंड के निवेश पर लगेगी स्टैंप ड्यूटी, डेट और इक्विटी दोनों में निवेशकों को देना होगा चार्ज

म्यूचु्अल फंड इंडस्ट्री पहले से ही वितरकों की कमी और कम जागरुकता से दिक्कत में है म्यूचु्अल फंड इंडस्ट्री पहले से ही वितरकों की कमी और कम जागरुकता से दिक्कत में है

  • कुल निवेश पर 0.005 प्रतिशत लगेगी स्टैंप ड्यूटी
  • यूनिट का ट्रांसफर करने पर भी लगेगी स्टैंप ड्यूटी

मनी भास्कर

Jul 01,2020 09:01:53 PM IST

मुंबई. कोरोना के बीच म्यूचु्अल फंड निवेशकों के लिए बुरी खबर है। अगर आप म्यूचुअल फंड में निवेश करना चाहते हैं तो अब से आपको स्टैंप ड्यूटी का पेमेंट करना होगा। यह ठीक उसी तरह है जैसे आपको प्रॉपर्टी खरीदने पर स्टैंप ड्यूटी देना होता है। कुल निवेश पर 0.005 प्रतिशत स्टैंप ड्यूटी लगेगी।

एसआईपी, एसटीपी सभी पर लगेगी स्टैंप ड्यूटी

पूंजी बाजार नियामक सेबी ने एक जुलाई से इस नियम को लागू कर दिया है। इस नियम के मुताबिक अगर आप म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं तो आपको कुल निवेश की रकम पर स्टैंप ड्यूटी देना होगा। आप चाहे एसआईपी के जरिए निवेश करें या एसटीपी के जरिए। आप चाहे डेट में निवेश करें या फिर इक्विटी में, आपको सभी तरह से स्टैंप ड्यूटी देनी होगी।

छोटी अवधि के निवेश पर ज्यादा असर होगा

इस स्टैंप ड्यूटी का सबसे ज्यादा असर डेट फंड्स पर देखने को मिलेगा जो आम तौर पर छोटी अवधि के लिए होता है। कुल इनवेस्टमेंट का 0.005 फीसदी रकम आपको स्टांप ड्यूटी के तौर पर चुकाना होगा। अगर आप म्यूचुअल फंड यूनिट का ट्रांसफर करते हैं तो भी आपको स्टैंप ड्यूटी चुकाना होगा। इसमें आपको तीन गुना ज्यादा यानी 0.015 फीसदी स्टैंप ड्यूटी देना होगा।

पहले अप्रैल से लागू होना था यह नियम

इस स्टैंप ड्यूटी को इस तरह डिजाइन किया गया है कि 90 दिन या इससे कम समय तक होल्ड करने वाले यूनिट पर इसका सबसे ज्यादा असर होगा। पहले यह स्टैंप ड्यूटी इस साल जनवरी से ही लगने वाली थी। पर इसे पहले टालकर अप्रैल किया गया। अब एक जुलाई से इसे लागू कर दिया गया है। बता दें कि म्यूचुअल फंड में वैसे ही निवेशक नहीं आना चाहते हैं। इस सेक्टर में एक तो डिस्ट्रीब्यूटर भी कम हैं। ऐसे में स्टैंप ड्यूटी लगाने से निवेशक और दूर होंगे। इससे म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री को और झटका लग सकता है।

हाल के समय में इस इंडस्ट्री का एयूएम हालांकि अच्छा बढ़ा है और यह इस समय 25 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा है।

X
म्यूचु्अल फंड इंडस्ट्री पहले से ही वितरकों की कमी और कम जागरुकता से दिक्कत में हैम्यूचु्अल फंड इंडस्ट्री पहले से ही वितरकों की कमी और कम जागरुकता से दिक्कत में है

Money Bhaskar में आपका स्वागत है |

दिनभर की बड़ी खबरें जानने के लिए Allow करे..

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.