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पैसे की जरूरत /देश में स्टार्टअप्स को पैसे मिलने में हो रही है भारी दिक्कत, लॉकडाउन की तुलना में केवल 8 प्रतिशत को मिली पूंजी

मौजूदा समय में वर्किंग कैपिटल की कमी के कारण स्टार्टअप्स भारी दबाव से जूझ रहे हैं मौजूदा समय में वर्किंग कैपिटल की कमी के कारण स्टार्टअप्स भारी दबाव से जूझ रहे हैं

  • फिक्की ने 250 से ज्यादा स्टार्टअप्स का किया सर्वेक्षण
  • केवल 8 प्रतिशत स्टार्टअप्स को ही मिला निवेशकों से पैसा

मनी भास्कर

Jul 06,2020 03:43:49 PM IST

मुंबई. कोरोना महामारी ने देश के स्टार्टअप्स में होने वाले निवेश को प्रभावित किया है। इस तरह के स्टार्टअप्स अपने विकास के लिए ऐसे निवेश पर काफी निर्भर रहते हैं। भारतीय स्टार्टअप्स पर कोविड-19 का पड़ने वाले प्रभाव पर फिक्की-आईएएन सर्वेक्षण के अनुसार, 250 से अधिक स्टार्टअप्स का सर्वेक्षण किया गया। लॉकडाउन से पहले की तुलना में केवल 8 प्रतिशत को ही पैसा मिला है।

33 प्रतिशत स्टार्टअप्स ने कहा निवेशकों ने रोके फैसले

सर्वे के अनुसार 33 प्रतिशत स्टार्टअप्स ने कहा कि उनके निवेशकों ने अपने फैसलों को रोक दिया है। 17 प्रतिशत स्टार्ट अप ने निवेशकों के साथ समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं लेकिन अभी तक फंड मिलना बाकी है। 10 प्रतिशत ने कहा कि उनके निवेशकों ने सौदों को रद्द कर दिया है। 32 प्रतिशत स्टार्टअप्स ने कहा कि उनके निवेशकों ने अभी तक अपना मन नहीं बनाया है कि वे निवेश करना चाहते हैं या नहीं।

35 प्रतिशत स्टार्टअप्स को रोकना पड़ा बिजनेस

पूंजी की दिक्कतों से जूझ रहे स्टार्टअप्स ने कहा कि उनमें से 35 प्रतिशत को व्यापार की गतिविधियों पर रोक लगानी पड़ी। 33 प्रतिशत ने कंपनी के विस्तार या मैन्यूफैक्चरिंग गतिविधियों को होल्ड पर रखा है। 23 प्रतिशत ने बिक्री के अवसरों में नुकसान बताया और 9 प्रतिशत ने कहा कि कंपनी की कुल लागत में वृद्धि हुई है।

स्टार्टअप्स ने निवेश को बढ़ावा देने की मांग की

कुल मिलाकर स्टार्टअप्स ने अपने निवेश को बढ़ावा देने और तुरंत सरकारी मंजूरी और सरकारी खरीद (government procurements) के अच्छे अवसरों के लिए निवेशकों को आर्थिक सहायता, टैक्स राहत, तेजी से टैक्स रिफंड और वैधानिक राहत (statutory relief) की मांग की है। फिक्की का कहना है कि आईएएन पोर्टफोलियो वाली कंपनियों की मदद करने के लिए उनकी वर्किंग कैपिटल बढ़ानी चाहिए। व्यापार में निरंतरता सुनिश्चित करने और लोन देने वालों के साथ साझेदारी करने के लिए IAN ने हाल ही में एक डेट फंड की घोषणा की है।

बड़ी संख्या में स्टार्टअप्स को इन कठिन समय से बचने के लिए पैसे के रूप में सहायता प्रदान की जा सके।

स्टार्टअप्स में नया करने की अपार संभावनाएं

फिक्की के अनुसार स्टार्ट-अप्स में कुछ नया करने की अपार संभावनाएं हैं। हालांकि मौजूदा समय में वर्किंग कैपिटल की कमी के कारण स्टार्टअप्स भारी दबाव से जूझ रहे हैं। सरकार और उद्योग को फंडिंग और व्यापार के अवसरों के माध्यम से उनका समर्थन करने की जरूरत है।

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मौजूदा समय में वर्किंग कैपिटल की कमी के कारण स्टार्टअप्स भारी दबाव से जूझ रहे हैंमौजूदा समय में वर्किंग कैपिटल की कमी के कारण स्टार्टअप्स भारी दबाव से जूझ रहे हैं

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