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अर्थव्यव्यवस्था /कोरोनावायरस महामारी के बीच मार्च तिमाही में सऊदी अरब का तेल निर्यात 22 फीसदी घटा, कुल वस्तु निर्यात भी 20.7 फीसदी गिरा

पहली तिमाही में सऊदी अरब का सबसे बड़ा निर्यात बाजार चीन रहा। उसने चीन को 3.5 करोड़ सऊदी रियाल से ज्यादा का वस्तु निर्यात किया। इसके बाद उसने जापान को 2.0165 करोड़ रियाल और भारत को 1.9571 करोड़ रियाल का निर्यात किया पहली तिमाही में सऊदी अरब का सबसे बड़ा निर्यात बाजार चीन रहा। उसने चीन को 3.5 करोड़ सऊदी रियाल से ज्यादा का वस्तु निर्यात किया। इसके बाद उसने जापान को 2.0165 करोड़ रियाल और भारत को 1.9571 करोड़ रियाल का निर्यात किया

  • पहली तिमाही में सऊदी अरब का वस्तु निर्यात 20.7 फीसदी घटकर 19,784.4 करोड़ रियाल रहा
  • कुल वस्तु निर्यात में तेल निर्यात का हिस्सा 77 फीसदी से घटकर 75.8 फीसदी पर आया

मनी भास्कर

Jun 08,2020 08:21:00 PM IST

नई दिल्ली. इस साल की पहली तिमाही (जनवरी-मार्च) में सऊदी अरब का तेल निर्यात 21.9 फीसदी या करीब 1.1 करोड़ डॉलर घट गया। यह बात सऊदी अरब के जनरल अथॉरिटी फॉर स्टैटिस्टिक्स ने सोमवार को कही। एजेंसी ने कहा कि इस साल की पहली तिमाही में सऊदी अरब का वस्तु निर्यात 20.7 फीसदी या 51,518 रियाल घटकर 19,784.4 करोड़ रियाल दर्ज किया गया, जो पिछले साल की पहली तिमाही में 24,936.2 करोड़ रियाल था। वस्तु निर्यात में गिरावट का मुख्य कारण रहा तेल निर्यात। तेल निर्यात इस दौरान 21.9 फीसदी या 4,207.6 करोड़ रियाल कम रहा।

कुल निर्यात में तेल का हिस्सा 77 फीसदी से घटकर 75.8 फीसदी पर आया

एजेंसी ने कहा कि सऊदी अरब के कुल निर्यात में तेल निर्यात की हिस्सेदारी घटकर 75.8 फीसदी पर आ गई। 2019 की पहली तिमाही में कुल निर्यात में तेल निर्यात की हिस्सेदारी 77 फीसदी थी। पहली तिमाही में सऊदी अरब का सबसे बड़ा निर्यात बाजार चीन रहा। उसने चीन को पहली तिमाही में 3.5 करोड़ सऊदी रियाल से ज्यादा का वस्तु निर्यात किया। इसके बाद उसने जापान को 2.0165 करोड़ रियाल और भारत को 1.9571 करोड़ रियाल का निर्यात किया।

सऊदी अरब के तेल निर्यात पर आपेके प्लस उत्पादन कटौती समझौते की भी सीमा लगी हुई है

एक प्रमुख तेल निर्यातक होने के कारण सऊदी अरब पर कोरोनावायरस महामारी और तेल प्रोसेसिंग में गिरावट का बेहद बुरा असर पड़ा। दुनियाभर में लॉकडाउन के कारण इतिहास में पहली बार मध्य अप्रैल में तेल की कीमत शून्य से नीचे चली गई थी। सऊदी अरब के तेल निर्यात पर आपेके प्लस उत्पादन कटौती समझौते की भी सीमा लगी हुई है। समझौता 12 अप्रैल को हुआ था। इसके तहत ओपेक प्लस उत्पादक देश सम्मिलित तौर पर मई और जून में हर दिन 97 लाख बैरल उत्पादन कटौती पर सहमत हुए हैं।

अप्रैल 2022 तक तेल उत्पादन पर कटौती का समझौता लागू होगा

इसके बाद अगले 6 महीने यानी 31 दिसंबर 2020 तक हर रोज उत्पादन में 77 लाख बैरल की कटौती होगी। जनवरी 2021 से लेकर अप्रैल 2022 तक तेल उत्पादन में रोजाना 58 लाख बैरल की कटौती होगी। शनिवार को 23 देशों ने 97 लाख बैरल रोजाना कटौती को जुलाई तक जारी रखने का फैसला किया। ओपेक प्लस के ऊर्जा मंत्रियों ने इस साल हर महीने एक बार उत्पादन कटौती समीक्षा बैठक करने का भी फैसला किया। अगली बैठक 18 जून को होगी।

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पहली तिमाही में सऊदी अरब का सबसे बड़ा निर्यात बाजार चीन रहा। उसने चीन को 3.5 करोड़ सऊदी रियाल से ज्यादा का वस्तु निर्यात किया। इसके बाद उसने जापान को 2.0165 करोड़ रियाल और भारत को 1.9571 करोड़ रियाल का निर्यात कियापहली तिमाही में सऊदी अरब का सबसे बड़ा निर्यात बाजार चीन रहा। उसने चीन को 3.5 करोड़ सऊदी रियाल से ज्यादा का वस्तु निर्यात किया। इसके बाद उसने जापान को 2.0165 करोड़ रियाल और भारत को 1.9571 करोड़ रियाल का निर्यात किया

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