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योजना /पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस 45,000 करोड़ रुपए जुटाने के लिए शेयर धारकों की मंजूरी लेगी, सिक्योर्ड, अन सिक्योर्ड एनसीडी से जुटाएगी पैसे

वित्त वर्ष 2020-21 की पहली छमाही में कंपनी को क्रेडिट ग्रोथ के बारे में अनुमान है कि यह धीमा रहेगी वित्त वर्ष 2020-21 की पहली छमाही में कंपनी को क्रेडिट ग्रोथ के बारे में अनुमान है कि यह धीमा रहेगी

  • 5 अगस्त को कंपनी की एजीएम है उसमें शेयर धारकों से मंजूरी ली जाएगी
  • कंपनी का एयूएम 2020 में 2 प्रतिशत गिरकर 83,346 करोड़ रुपए हुआ

मनी भास्कर

Jul 11,2020 07:59:30 PM IST

मुंबई. पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस 45,000 करोड़ रुपए जुटाने की योजना बना रही है। कंपनी इसके लिए अगले महीने शेयर धारकों से मंजूरी लेगी। 5 अगस्त को इसकी एजीएम है। यह पैसा डेट सिक्योरिटीज से जुटाया जाएगा। यह जानकारी कंपनी ने एक्सचेंज को दी है।

एक बार में या कई बार में जुटाने की प्लान

स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी में कंपनी ने कहा है कि शेयरधारकों से यह अपील की जाएगी कि वे बोर्ड के इस ऑफर को मंजूरी दें। यह पैसा सिक्योर्ड, अनसिक्योर्ड एनसीडी से जुटाया जाएगा। इसके जरिए 45,000 करोड़ रुपए जुटाए जाएंगे। इसे एक बार में या कई बार में जुटाया जाएगा। कंपनी इसके लिए बांड भी जारी कर सकती है जो प्राइवेट प्लेसमेंट के लिए होगा।

इस पैसे को लोन के रूप में कंपनी बांटेगी

कंपनी का उद्देश्य लंबी अवधि के लिए पैसा जुटाना है। इन पैसों को कंपनी लोन के रूप में वितरित करेगी। अगर शेयरधारकों से मंजूरी मिलती है तो कंपनी इसे किसी भी तरह से जुटा सकती है। इसमें प्राइवेट प्लेसमेंट और पब्लिक इश्यू शामिल हो सकता है। 2019-20 में कंपनी को ब्याज से शुद्ध आय 2,308 करोड़ रुपए हुई थी। यह एक साल पहले की तुलना में 12 प्रतिशत अधिक था।

कर्ज के वितरण में आई भारी कमी

पीएनबी हाउसिंग ने बताया कि उसके कर्ज का वितरण वित्त वर्ष 2020 में 48 प्रतिशत गिरकर 18,626 करोड़ रुपए हो गया है। जबकि असेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) 2 प्रतिशत गिरकर 83,346 करोड़ रुपए रह गया है। इसमें से 85 प्रतिशत एयूएम रिटेल बिजनेस से आता है। पीएनबी हाउसिंग को पंजाब नेशनल बैंक ने प्रमोट किया है।

मास हाउसिंग और रिटेल पर होगा फोकस

कोविड की वजह से कंपनी का फोकस मास हाउसिंग और कैपिटल एफिसिएंट रिटेल सेगमेंट पर होगा। यह ऑपरेटिंग खर्च को कम करने पर भी फोकस करेगी। वित्त वर्ष 2020-21 की पहली छमाही में क्रेडिट ग्रोथ के बारे में अनुमान है कि यह धीमा रहेगी। जबकि रिकवरी आर्थिक गतिविधियों पर निर्भर करेगी। कंपनी के एमडी एवं सीईओ नीरज व्यास ने कहा कि यह अनुमान लगाना अभी जल्दबाजी होगा कि किस तरह की स्थिति आगे रहेगी। उन्होंने कहा कि कंपनी लगातार अपने कॉर्पोरेट बुक को कम करेगी।

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वित्त वर्ष 2020-21 की पहली छमाही में कंपनी को क्रेडिट ग्रोथ के बारे में अनुमान है कि यह धीमा रहेगीवित्त वर्ष 2020-21 की पहली छमाही में कंपनी को क्रेडिट ग्रोथ के बारे में अनुमान है कि यह धीमा रहेगी

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