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  • Industrial Production Rate May Come To 10.7 Percent In July, August Retail Inflation Expected At 5.60 Percent In August

इकोनॉमिक रिकवरी जारी:10.7% रह सकती है जुलाई में औद्योगिक उत्पादन दर, अगस्त में खुदरा महंगाई दर 5.60% रहने का अनुमान

नई दिल्ली7 दिन पहले
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औद्योगिक उत्पादन दर (IIP) जुलाई में 10.7% रहने का अनुमान है। यह अनुमान रॉयटर्स ने हाल में किए गए सर्वे के आधार दिया है। सरकार IIP के जुलाई के आंकड़े शुक्रवार को जारी करने वाली है। इस साल जून में औद्योगिक उत्पादन दर 13.6% रही थी। कल ही सरकार मैन्युफैक्चरिंग के भी आंकड़े जारी करने वाली है।

महंगाई लगातार दूसरे महीने RBI के कंफर्ट जोन में रह सकती है

न्यूज एजेंसी के सर्वे के मुताबिक, अगस्त में महंगाई लगातार दूसरे महीने रिजर्व बैंक (RBI) के कंफर्ट जोन में रह सकती है। सर्वे में शामिल अर्थशास्त्रियों ने खुदरा महंगाई दर 5.60% रहने का अनुमान दिया है। पिछले महीने खाने-पीने के सामान में महंगाई घटी, लेकिन उनको कंज्यूमर तक पहुंचाने में आने वाली दिक्कतें बनी रहीं।

रॉयटर्स ने महंगाई के अनुमान के लिए 6 से 8 सितंबर तक 41 इकोनॉमिस्ट के बीच सर्वे कराया। गौरतलब है कि जुलाई में खुदरा महंगाई पिछले साल के मुकाबले 5.59% रही थी जो तीन महीने का निचला स्तर था।

सर्वे में शामिल 41 अर्थशास्त्रियों ने दी 5.10% से 5.90% की रेंज

DBS बैंक की अर्थशास्त्री राधिका राव कहती हैं, 'अगस्त में महंगाई जुलाई के लेवल के पास रह सकती है। बेस इफेक्ट के साथ ही खाने-पीने के सामान सस्ता होने से बाद के महीनों में कमी आ सकती है।' सर्वे में शामिल अर्थशास्त्रियों ने अगस्त में महंगाई सबसे कम 5.10% और सबसे ज्यादा 5.90% रहने का अनुमान दिया है।

राव के मुताबिक, 'रिजर्व बैंक ने महंगाई में उछाल के आसार को देखते हुए अपने अनुमान को एडजस्ट किया है। महंगाई घटे या बढ़े, अहम ब्याज दरों को लेकर उसके रुख में कोई फर्क नहीं पड़ेगा।' पिछले महीने रिजर्व बैंक ने मॉनेटरी पॉलिसी को उदार बनाए रखने का फैसला किया। हालांकि उसने महंगाई बढ़ने की भी चिंता जताई।

अगले साल अप्रैल तक जस की तस रह सकती है अहम ब्याज दर

रॉयटर्स के दूसरे सर्वे के मुताबिक, रिजर्व बैंक महंगाई पर इकोनॉमिक ग्रोथ को तरजीह दे रहा है। इसलिए वह कम से कम अगले साल अप्रैल तक अहम ब्याज दर को जस का तस रख सकता है। उसने पिछले साल रेपो रेट में 115 बेसिस पॉइंट यानी लगभग 1.15 पर्सेंटेज पॉइंट की कटौती की थी।

कोविड की दूसरी लहर के बावजूद जून तिमाही में जीडीपी ग्रोथ अब तक सबसे ज्यादा रही। यह पिछली जून तिमाही के दौरान जीडीपी में 24.4% गिरावट के चलते बने कमजोर बेस की वजह से हुआ। इसमें मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की जोरदार सालाना ग्रोथ का भी हाथ रहा। RBI ने इस वित्त वर्ष 9.5% की ग्रोथ का अनुमान दिया है।

रेट पर MPC मेंबर्स को आने वाले महीनों में असुविधा हो सकती है

फाइनेंस मिनिस्ट्री की तरफ से जारी हालिया मंथली इकोनॉमिक रिव्यू के मुताबिक, दूसरी लहर के बावजूद जून की पहली तिमाही में V शेप रिकवरी बताती है कि देश के मैक्रोइकोनॉमिक फंडामेंटल्स कितने मजबूत हैं। हालांकि, उसने केरल और महाराष्ट्र में कोविड संक्रमण के ज्यादा मामले सामने आने पर चिंता जताई है।

डोएचे बैंक के चीफ इंडिया इकोनॉमिस्ट कौशिक दास ने कहा, 'ग्रोथ में रिकवरी हो रही है और महंगाई में कमी आ रही है। लेकिन कोर इन्फलेशन (फूड और एनर्जी आइटम को छोड़कर बाकी सामान और सेवाओं में महंगाई) ऊपर बना हुआ है। इससे पॉलिसी रेट को लेकर नरम रुख बनाए रखने के बावजूद MPC मेंबर्स को आने वाले महीनों में असुविधा हो सकती है।'

औद्योगिक उत्पादन दर जुलाई में 10.7% रह सकती है, जून में 13.6% थी

रॉयटर्स के हालिया सर्वे के मुताबिक औद्योगिक उत्पादन दर (IIP) जुलाई में 10.7% रह सकती है, जो जून में 13.6% रही थी। जुलाई में आठ मेन इंडस्ट्रीज वाला इंफ्रास्ट्रक्चर आउटपुट बढ़कर 9.4% हो गया था। कोविड पर रोकथाम के वास्ते लगाए गए लॉकडाउन के चलते पिछले साल जुलाई में यह नेगेटिव में 7.6% रह गया था।

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