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विनिवेश प्रक्रिया /कोल इंडिया लिमिटेड और आईडीबीआई बैंक में हिस्सेदारी बेचेगी सरकार, 20 हजार करोड़ रुपए जुटाने की है योजना

सरकार ने जनवरी 2015 में कोल इंडिया में से 10 फीसदी हिस्सेदारी बेच दी थी। इस बिक्री से सरकार को 22,550 करोड़ रुपए मिले थे। 

  • प्रोत्साहन पैकेज में इस्तेमाल हो सकती है यह राशि
  • इस साल 2.1 लाख करोड़ रुपए जुटाने का है लक्ष्य

मनी भास्कर

Jul 10,2020 03:04:37 PM IST

नई दिल्ली. केंद्र सरकार दुनिया की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) और आईडीबीआई बैंक में हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर रही है। इस हिस्सेदारी बिक्री से सरकार 20 हजार करोड़ रुपए जुटाएगी। इस राशि का इस्तेमाल कोरोना से प्रभावित अर्थव्यवस्था में तेजी लाने के लिए घोषित किए गए प्रोत्साहन पैकेज में किया जाएगा।

शेयर सेल के जरिए की जाएगी बिक्री

इस मामले से वाकिफ अधिकारियों के हवाले से ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, यह बिक्री शेयर सेल के जरिए की जाएगी। हालांकि, यह पूरी तरह से मार्केट सेंटीमेंट पर निर्भर है। कोल इंडिया के मामले में यदि आकर्षक वैल्यूएशन नहीं मिल पाता है तो कंपनी सरकार से शेयरों को बायबैक कर सकती है। कोविड-19 महामारी के कारण केंद्र सरकार के बजट लक्ष्य पटरी से उतर गए हैं। महामारी को रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन के चलते सरकार को वेलफेयर कार्यक्रमों पर खर्च बढ़ाना पड़ा है। इसके अलावा सरकार को अर्थव्यवस्था में रिकवरी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।

विनिवेश से इस साल 2.1 लाख करोड़ जुटाने की योजना

फरवरी में पेश किए गए आम बजट में केंद्र सरकार ने विनिवेश से 2.1 लाख करोड़ रुपए जुटाने का लक्ष्य तय किया था। यह पिछले साल के विनिवेश लक्ष्य से दोगुना है। इस विनिवेश के जरिए सरकार बजट डेफिसिट को जीडीपी के 3.5 फीसदी के बराबर रखना चाहती है। कोविड-19 के कारण अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर अनिश्चित प्रतिबंध और तेल की कम कीमतों के कारण सरकार की एयर इंडिया और भारत पेट्रोलियम को बेचने की योजना को झटका लगा है।

आईडीबीआई बैंक में सरकार की 47% हिस्सेदारी

पिछले साल सरकारी बीमा कंपनी लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड ने आईडीबीआई बैंक में 51 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी थी। इस खरीदारी के बाद बैंक में सरकार की 47 फीसदी हिस्सेदारी रह गई थी। कोल इंडिया में 66 फीसदी हिस्सेदारी है। सरकार ने जनवरी 2015 में कोल इंडिया में से 10 फीसदी हिस्सेदारी बेच दी थी। इस बिक्री से सरकार को 22,550 करोड़ रुपए मिले थे।

जीडीपी का 7 फीसदी हो सकता है फिस्कल डेफिसिट

ब्लूमबर्ग के अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि इस साल देश का फिस्कल डेफिसिट जीडीपी के 7 फीसदी तक हो सकता है। यदि ऐसा होता है तो यह 1994 के स्तर तक पहुंच सकता है। इंटरनेशनल मॉनिटरी फंड (आईएमएफ) ने भी कहा है कि अगले साल तक देश का पब्लिक डेट जीडीपी के 85.7 फीसदी के बराबर पहुंच सकता है। अभी पब्लिक डेट जीडीपी के 70 फीसदी के बराबर है।

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