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पंचायत चुनाव में रिश्तेदार आमने-सामने:सीतामढ़ी में दो मुखिया सीट पर सबकी नजर; एक जगह मां-बेटी तो दूसरी जगह 20 साल से लड़ रहे भाई-भाई फिर आमने-सामने

सीतामढ़ीएक महीने पहले
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मुखिया प्रत्याशी सकिला हुसैन और उनकी बेटी अनिसा हुसैन। - Money Bhaskar
मुखिया प्रत्याशी सकिला हुसैन और उनकी बेटी अनिसा हुसैन।

मुखिया के चुनाव में रिश्तों के बीच सियासी जंग छिड़ गई है। कहीं मां-बेटी तो कहीं भाई-भाई एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव मैदान में हैं। सीतामढ़ी के चोरौत प्रखंड की यदुपट्टी पंचायत से मुखिया पद के लिए सकिला हुसैन और उनकी बेटी अनिसा हुसैन ने पर्चा दाखिल किया है। यहीं चोरौत पूर्वी पंचायत से मुखिया पद के लिए दो भाई राम प्रवेश चौधरी और राम नरेश चौधरी चुनाव मैदान में आमने-सामने हैं।

अब तक की रिपोर्ट के अनुसार, जिले का पहला ऐसा मामला है, जहां मुखिया की कुर्सी के लिए मां-बेटी आमने-सामने चुनाव मैदान में हैं। राजनीति में सक्रिय रहने वाले लोगों की नजर खासकर इस बार यदुपट्टी पंचायत पर ही अटकी हुई है कि मां सकिला हुसैन या बेटी अनिसा हुसैन मुखिया की कुर्सी पर काबिज होती हैं। लोगों का यह भी मानना है कि कहीं मां-बेटी की लड़ाई में कोई और मुखिया की कुर्सी पर कब्जा न जमा ले।

राम नरेश चौधरी और उनके छोटे भाई रामप्रवेश चौधरी।
राम नरेश चौधरी और उनके छोटे भाई रामप्रवेश चौधरी।

भाई-भाई के बीच 2001 से चल रही चुनावी रंजिश

दूसरा मामला इसी प्रखंड के चोरौत पूर्वी पंचायत का है। खास बात यह है कि यहां भाई-भाई के बीच चुनावी रंजिश का यह सिलसिला 2001 पंचायत चुनाव से जारी है। 2001 में हुए चुनाव में बड़े भाई डॉ. रामनरेश चौधरी ने अपने छोटे भाई रामप्रवेश चौधरी को पीछे छोड़ते हुए मुखिया की कुर्सी पर कब्जा जमाया था। उस चुनाव में छोटे भाई रामप्रवेश चौधरी तीसरे स्थान पर रहे, लेकिन छोटे भाई ने हार नहीं मानी। 2016 के चुनाव में छोटे भाई रामप्रवेश चौधरी ने अपने बड़े भाई रामनरेश चौधरी को पछाड़ते हुए कुर्सी पर कब्जा जमाया था। फिर से इस वर्ष भी दोनों भाई आमने-सामने चुनाव मैदान में है। बता दें कि 2006 और 2011 में मुखिया पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित रहने के कारण दोनों भाई चुनाव नहीं लड़ सके थे।

पूर्व मुखिया रामनरेश चौधरी ने पंचायत समिति सदस्य की सीट पर अपनी पत्नी ज्योति चौधरी को 2006 और 2011 में उतारा था। 2006 में उन्हें सफलता नहीं मिली, लेकिन 2011 में पत्नी ने पंचायत समिति सदस्य की कुर्सी पर कब्जा कर लिया। चोरौत और नानपुर प्रखंड में 29 सितंबर को चुनाव होना है।

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