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हर बूथ पर बायोमेट्रिक, जानिए वोटर्स की कैसे करेगी पहचान:बायोमेट्रिक मशीन वोट देने से पहले करेगी पहचान, कौन से कागजात की होगी जरूरत; बोगस वोटिंग करने वालों की भी खैर नहीं

पटनाएक महीने पहले
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सांकेतिक तस्वीर। - Money Bhaskar
सांकेतिक तस्वीर।

बिहार पंचायत चुनाव में पहली बार मतदाताओं की पहचान के लिए बायोमेट्रिक मशीन बूथों पर लगाई जा रही है । 24 सितंबर को पहले चरण की सीटों पर मतदान होना है। आइए जानते हैं बूथों पर बायोमेट्रिक मशीन कैसे करेगी काम, और कैसे करेगी बोगस वोटरों की पहचान करेगी।

बायोमेट्रिक मशीन और टेबलेट के साथ तकनीकी कर्मी होंगे तैनात

बायोमेट्रिक से मतदाताओं की पहचान करने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग की तरफ से हर बूथ पर पर एक तकनीकी कर्मी बायोमेट्रिक उपकरण एवं टेबलेट के साथ प्रतिनियुक्त होगा । तकनीकी कर्मी वोटर के अंगूठे का निशान, उनका फोटो, इपिक (अन्य वैकल्पिक पहचान-पत्र दस्तावेज) तथा मतदाता पर्ची का 'फोटो लेकर उसे बायोमेट्रिक प्रणाली के डेटाबेस में सुरक्षित करेंगे।

दूसरी बार मतदान करने पहुंचे तो सिस्टम देगा अलर्ट का मैसेज

यदि कोई वोटर किसी भी मतदान केन्द्र पर दोबारा मत डालने के लिए आते हैं, तो सिस्टम उस व्यक्ति की तुरंत पहचान कर लेगा। साथ ही उसे 'बोगस' मतदाता के रूप में चिन्हित कर उसके द्वारा पूर्व में किए गए मतदान के विवरण के साथ Alert करेगा।

बोगस वोटिंग करनेवाले जाएंगे जेल

बोगस वोटिंग करनेवालों पर बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006 की धारा 130 (9) के अन्तर्गत कानूनी कार्रवाई होगी ।

हर बूथ के वोटर की जानकारी पहले से होगी सिस्टम में मौजूद

सत्यापन संबंधी डाटा क्लाउड पर होस्टेड केन्द्रीय सर्वर पर संग्रहित होगा। मतलब अगर मतदाता किसी अन्य मतदान केंद्र पर भी मतदान करना चाहे तो बायोमेट्रिक सत्यापन से उसकी पहचान तत्काल स्थापित हो सकेगी।

इंटरनेट कनेक्टिविटी नहीं होने पर भी बोगस वोटर की होगी पहचान

मतदान केन्द्र पर इंटरनेट कनेक्टिविटी बाधित होती है, तो उस स्थिति में भी उस मतदान केन्द्र पर वोटर यदि दोबारा मतदान करने आता है, तो 'सिस्टम' उसे तत्काल 'डुप्लीकेट' मतदाता के रूप में भी चिन्हित कर लेगा । ऐसा इसलिए क्योंकि मतदान केन्द्र पर जितने भी मतदाता मत का प्रयोग करने आएंगे, उनके अंगूठे का निशान, खींची गयी फोटो, प्रयुक्त पहचान पत्र 'टैबलेट' में लगातार सुरक्षित किया जाता रहेगा।

बीईसीआईएल और सीएससी सहयोगी

बायोमेट्रिक से वोटरों की पहचान का जिम्मा राज्य निर्वाचन आयोग ने ब्रॉडकास्ट इंजीनियरिंग कंसल्टेंटस इंडिया लिमिटेड को दिया है। कंपनी कॉमन सर्विस सेन्टर के तकनीकी कर्मियों के साथ मिलकर इस कार्य को करेगी । कॉमन सर्विस सेन्टर (CSC)के कर्मी मतदान के दिन के दो दिन पहले प्रखण्ड में पहुंच जाएंगे । मतदान केन्द्र पर प्रतिनियुक्त कर्मियों के अलावा हर पंचायत स्तर पर एक कर्मी, प्रखण्ड स्तर पर एक वरीय कर्मी और जिला स्तर पर एक सीनियर कर्मी को मॉनिटरिंग के लिए नियुक्त किया जाएगा । ।

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