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फंस गया पाकिस्तान:तालिबान में नंबर 2 मुल्ला बरादर के पास पाकिस्तानी पासपोर्ट और नेशनल ID कार्ड, अफगान मीडिया की रिपोर्ट वायरल

काबुल/इस्लामाबादएक महीने पहले
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दुनिया के सामने एक बार फिर साबित हो गया है कि पाकिस्तान और आतंकवाद एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। तालिबान में नंबर दो की हैसियत रखने वाले और हाल ही उप प्रधानमंत्री घोषित किए गए मुल्ला अब्दुल गनी बरादर के पास पाकिस्तानी पासपोर्ट और नेशनल आईडेंटिटी कार्ड होने की खबर फिर सामने आई है। इतना ही नहीं मुल्ला बरादर के पासपोर्ट की फोटो भी उपलब्ध है। इसमें उसने असली पहचान छिपाकर फर्जी नाम का सहारा लिया है और इसका आईडी नंबर भी पाकिस्तान का ही निकला।

अफगान मीडिया की सच्ची रिपोर्ट
अफगानिस्तान में एक न्यूज एजेंसी है खामा। इसकी khaama.com नाम से एक वेबसाइट भी है। 25 जून 2020 को इस एजेंसी ने एक रिपोर्ट पब्लिश की। इसमें बताया गया था कि तालिबान में नंबर दो कहे जाने वाले मुल्ला बरादर के पास पाकिस्तान का पासपोर्ट और वहीं का राष्ट्रीय पहचान पत्र है।

पासपोर्ट पर मुल्ला बरादर का नाम मोहम्मद आरिफ आगा और उसके बाप का नाम सैयद नजीर आगा दर्ज है। मजे की बात यह है कि पासपोर्ट और नेशनल आईडी कार्ड पर फोटो मुल्ला बरादर के ही हैं। माना जा रहा है कि ISI ने ही इस तालिबान नेता को यह डॉक्यूमेंट्स मुहैया कराए।

फिर वायरल हो रहे ये डॉक्यूमेंट्स
करीब डेढ़ साल बाद खामा न्यूज की खबर और मुल्ला के पासपोर्ट-आईडी कार्ड सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। एक और खास बात यह है कि न्यूज एजेंसी को तब यह डॉक्यूमेंट्स अफगानिस्तान की इंटेलिजेंस एजेंसी NDS ने ही लीक किए थे।

ID कार्ड का सीरियल नंबर 42201-5292460-5 है और यह 10 जुलाई 2014 को जारी किया गया है। इसमें मुल्ला के जन्म का सन 1963 बताया गया है। इस पर पाकिस्तान के रजिस्ट्रार जनरल के दस्तखत हैं। पासपोर्ट नंबर GF680121 है। हैरानी की बात यह भी है कि नेशनल आईडी कार्ड और पासपोर्ट एक ही दिन जारी किए गए हैं, जबकि तकनीकि तौर पर इसकी जांच प्रक्रिया में कुछ दिन तो लगते ही हैं।

क्वेटा शूरा के दावे गलत नहीं
तालिबानी कब्जे के पहले अफगान सरकारों ने हमेशा कहा कि तालिबान के तमाम बड़े नेता पाकिस्तान में रहते हैं। क्वेटा में बैठे तालिबानी नेता अफगानिस्तान में हिंसा कराते हैं। इन नेताओं की जमात को ही ‘क्वेटा शूरा’ यानी क्वेटा की समिति कहा जाता है। पाकिस्तान इससे इनकार करता रहा। बरादर और शेर मोहम्मद अब्बास स्टेनेकजई ने ही कतर की राजधानी दोहा में अमेरिका से बातचीत की थी।

तालिबान सरगना हिब्तुल्लाह अखुंदजादा और बाकी कुछ नेता भी लंबे वक्त तक पाकिस्तान में ही रहे हैं। पाकिस्तान के होम मिनिस्टर शेख रशीद भी यह बात कई बार मान चुके हैं कि तालिबान नेता इस्लामाबाद और मुल्क के दूसरे हिस्सों में रहते आए हैं। इनके परिवार भी पाकिस्तान में ही हैं। मुल्ला बरादर को 2010 में कराची में गिरफ्तार भी किया गया था, लेकिन फौज ने बाद में चुपचाप उसे रिहा कर दिया था।