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बजट में किसानों और आम आदमी का रखा है ध्यान

बजट में किसानों और आम आदमी का रखा है ध्यान
वित्‍त मंत्री अरूण जेटली ने इस बार बजट में किसानों और गरीब जनता को ध्‍यान में रखा है। ज्‍यादातर बजट रूरल सेक्‍टर के लिए है। बजट में कई डायरेक्‍ट टैक्‍स इनीशिएटिव्‍स भी हैं।जिनके पास अपना मकान नहीं है और वे किराए पर रह रहे हैं, उनके लिए यह बजट अच्‍छा है। अब वे वह किराए के रूप में किए जाने वाले भुगतान पर 60 हजार रुपए तक की टैक्स रिबेट ले सकते हैं।
 
अगर उन्‍हें एचआरए नहीं मिलता हो तो भी वे इनकम टैक्स के सेक्शन 80GG के तहत टैक्‍स में छूट के लिए क्‍लेम कर सकते हैं। अब टैक्‍स छूट की लिमिट हर महीने 2 हजार से बढ़ाकर 5 हजार रुपए कर दी गई है, यानी टैक्‍स देने वाला 24 हजार की जगह 60 हजार रुपए के लिए क्‍लेम कर सकता है।
 
 
मिडिल क्‍लास की जरूरतों को ध्‍यान में रखते हुए जेटली ने 35 लाख रुपए के हाउस लोन पर हर साल 50 हजार रुपए अतिरिक्‍त ब्‍याज की छूट देने का फैसला किया है। लेकिन यह छूट उन्‍हीं को मिलेगी, जो पहली बार घर खरीद रहे हों और घर की कीमत 50 लाख रुपए तक होगी। जो लोग 1 अप्रैल 2016 से 31 मार्च 2017 के बीच किसी फाइनेंशियल इंस्‍टीटयूट से लोन ले रहे हों, यह स्‍कीम उन्‍हीं पर लागू होगी।
 
इस बार इनकम टैक्‍स स्‍लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है। लेकिन 5 लाख की सलाना आमदनी पर इनकम टैक्स के सेक्शन 87A के तहत मिलने वाली 2,000 रुपए की टैक्स छूट सीमा को बढ़ाकर 5,000 रुपए कर दिया। यानी 3,000 रुपए की रियायत दी गई। इससे लो इनकम अर्नर्स की बचत बढ़ सकेगी। यह 3,000 रुपए की अतिरिक्‍त छूट उन्‍हीं को मिलेगी,जिनकी सलाना इनकम 5 लाख रुपए होगी।
 
अभी अगर लोन लेने के 3 साल के अंदर घर के कंस्‍ट्रक्‍शन का काम पूरा हो जाए तो 2 लाख रुपए तक की छूट मिलती है। अब समयसीमा 5 साल की जा रही है। इससे उन्‍हें फायदा होगा, जिन्‍हें बिल्‍डर्स की लापरवाही की वजह से देर से घर का पजेशन मिलता है। 
 
अर्चित गुप्‍ता
सीईओ, क्लीयरटैक्‍स

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