Home »States »Madhya Pradesh» Leather Industry Are In Trouble Because Of Less Order From Europe

लेदर इंडस्ट्री में छंटनी का डर, डिमांड कम होने से एक्सपोर्ट 40 फीसदी तक गिरा

नई दिल्‍ली।अमेरिकी और यूरोपीय मार्केट में स्लोडाउन, ब्रेक्जिट और नोटबैन का असर लेदर एक्सपोर्ट पर नजर आ रहा है। कारोबारियों के मुताबिक लेदर एक्सपोर्ट बीते साल की तुलना में 40 फीसदी तक कम है। कारोबारियों को साल 2017 के ऑर्डर नहीं मिले हैं जिसके कारण वह कर्मचारियों की अब छंटनी कर रहे हैं।
 
लेदर एक्सपोर्ट में कम हुई डिमांड
 
यूपी लेदर एसोसिएशन के वाइस चेयरमैन ताज आलम ने कहा कि बीते एक साल में लेदर एक्सपोर्ट 35 से 40 फीसदी तक गिरा है। ब्रेक्जिट, स्लोडाउन और नोटबंदी का असर एक्सपोर्ट पर नजर आ रहा है। यूरोपियन मार्केट में 65 फीसदी लेदर एक्सपोर्ट होता है। ऑर्डर कम रहने के कारण एक्सपोर्टर कर्मचारियों की छंटनी कर रहे हैं।
 
चीन से मिल रहा है कंपिटशिन
 
फियो के प्रेसिडेंट आर सी रल्हान ने moneybhaskar.com को बताया कि लेदर इंटरनेशनल मार्केट में इंडियन लेदर एक्सपोर्ट को चीन से कंपिटिशन मिल रहा है। इंडियन लेदर कास्ट के मामले में चीन से महंगा पड़ता है। लेदर एक्सपोर्टर को साल 2017-18 के लिए ऑर्डर काफी कम मिले हैं और इनमें कोई ग्रोथ नहीं है। 
 
बायर नहीं बढ़ा रहे हैं कीमतें
 
आगरा लेदर शूज मैन्‍युफैक्‍चरर और एक्‍सपोर्टर रहान खान ने moneybhaskar.com  को बताया कि एक्सपोर्टर्स की इन्पुट कॉस्ट बढ़ी है लेकिन विदेशी बायर ऑर्डर का अमाउंट 1 फीसदी भी नहीं बढ़ा रहे हैं। यूरोप के बायर पोस्ट ब्रेक्जिट ऑर्डर की कीमत नहीं बढ़ा रहे हैं। पाउंड के 25 फीसदी तक डेप्रिशिएशन होने से एक्सपोर्टर के मार्जिन पर भी असर पड़ा है।
 
पाल्युशन और महंगी लेबर से परेशान हैं एक्सपोर्टर्स
 
कड़े पॉल्युशन नॉर्म्स, नोटबैन और महंगा लेबर कॉस्ट ने लेदर इंडस्ट्री के लिए मुश्किलें बढ़ा दी है। एक्सपोर्टर सरकार से इंसेटिव की जगर इन मुद्दों को सुलझाने की मांग कर रहे हैं। एनवॉयरमेंट रेग्युलेशन लेदर कारोबारियों को कारोबार करना मुश्किल बना रहा है।
 
अगली स्लाइड में जानें -  कारोबारियों को टारगेट पूरा करना लग रहा है मुश्किल
 
 

और देखने के लिए नीचे की स्लाइड क्लिक करें

Recommendation

    Don't Miss

    NEXT STORY