Home »States »Haryana» Maruti Factory Violence Case Manager Killed, Factory Burnt, 31 Convicted

मारुति के मानेसर प्लांट हिंसा केस में 31 दोषी करार, 117 लोग बरी किए गए

नई दिल्‍ली. मानेसर स्थित मारुति के प्लान्ट में 2012 में हुई भीषण तोड़फोड़ और आगजनी के मामले में शुक्रवार को यहां की एक कोर्ट ने 31 लोगों को दोषी करार दिया है। वहीं, एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन्स कोर्ट ने 117 को बरी कर दिया गया। बता दें कि इस उपद्रव के दौरान कंपनी के तब जीएम (एचआर) रहे अवनीश कुमार देव की जलने से मौत हो गई थी, वहीं कई घायल हो गए थे। इसके चलते 546 मजदूरों को बर्खास्त कर दिया गया था। इस मामले में पुलिस ने 147 लोगों को गिरफ्तार किया था। 11 लोग अभी जेल में हैं और बाकी जमानत पर बाहर हैं।
 
पुलिस-प्रशासन भी तैयार
 
मानेसर के एसीपी धर्मबीर ने बताया कि इलाके में सिक्युरिटी को लेकर पुलिस तैयार है। किसी भी प्रकार की अनहोनी घटना को अंजाम नहीं देने दिया जाएगा। सभी प्लान्टों एवं आईएमटी के सार्वजनिक इलाकों पर पुलिस ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। आपराधिक घटना को अंजाम देने वालों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
 
यह था घटनाक्रम
 
आईएमटी मानेसर स्थित मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के मजदूरों ने प्लान्ट में 18 जुलाई 2012 को उपद्रव मचाया था। इस दौरान प्लान्ट के एक सेक्शन में आग गई थी। इससे तब जनरल मैनेजर (एचआर) रहे देव की जलने से मौत हो गई थी। इस घटना के बाद मैनेजमेंट ने 546 मजदूरों को निकाल दिया था, और 148 लेबर्स के खिलाफ केस दर्ज किया था।
 
प्‍लांट में एक माह तक ठप रहा था उत्‍पादन
 
करीब एक महीने तक प्लान्ट में प्रोडक्शन ठप रहा था। घटना के 12 दिन बाद सभी 148 आरोपियों का चालान कर दिया गया था। इनमें मुख्य आरोपी जियालाल समेत दर्जन भर यूनियन नेता शामिल थे। पुलिस ने अदालत में 400 पेज की चार्जशीट पेश की। इस केस में 182 गवाह बनाए गए थे, जिनमें 30 डॉक्टर, 40 से ज्यादा पुलिसकर्मी और करीब मैनेजमेंट के 70 इम्प्लॉइज थे। 

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