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दिल्ली के कारोबारियों ने न्यूनतम वेज रेट बढ़ने पर दी धमकी, कहा - दूसरे राज्यों में शिफ्ट करेंगे फैक्ट्री

नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने न्यूनतम वेज रेट में करीब 37 फीसदी बढ़ा दी है। इससे दिल्ली के कारोबारी परेशान हैं क्योंकि उन्हें वेज रिवीजन से कॉस्ट बढ़ने का डर है। राजधानी के कारोबारी बढ़ती लागत को देखते हुए वर्कर्स की संख्या कम करने और फैक्ट्री दूसरे राज्यों में शिफ्ट करने की धमकी दे रहे हैं। अन्य राज्यों में दिल्ली के मुकाबले वेज रेट कम होने के कारण वह फैक्ट्री दिल्ली के बाहर लेकर जाने की बात कह रहे हैं।
 
अन्य राज्यों में वेज रेट दिल्ली के मुकाबले है कम
 
राज्य
अनस्किल्ड लेबर
(मासिक वेतन रुपए में)
सेमीस्किल्ड लेबर
(मासिक वेतन रुपए में)
स्किल्ड लेबर
(मासिक वेतन रुपए में)
उत्तराखंड
600-3,900
900-4,200
1,200-4,500
उत्तर प्रदेश
5,750
6,325
7,085
बिहार
5,670-5,910
5,910-6,180
6,180-7,530
कर्नाटक
5,942-7,538
6,201-7,601
6,375-7,821
पंजाब
7,458
8,238
9,135
गुजरात
8,280
8,520
8,790
हरियाणा
9,300
9,750
11,310
मध्यप्रदेश
6,950
7,807
9,185
राजस्थान
5,226
5,486
5,467
महाराष्ट्र
4,570-9,040
4,670-9,540
4,772-10,340
तमिलनाडु
8,212
8,340
8,490
दिल्ली
13,350
14,698
16,182
 
 
दिल्ली में सबसे ज्यादा हो गए हैं वेज रेट
 
दिल्ली सरकार ने साल 2017-18 के बजट में अनस्किल्ड, सेमीस्किल्ड और स्किल्ड की सैलरी में 37 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है। अब दिल्ली में अनस्किल्ड लेबर की सैलरी 13,350 रुपए महीना हो गई है जो पहले 9,724 रुपए थी। सेमीस्किल्ड स्किल्ड लेबर की सैलरी 10,764 रुपए से बढ़कर 14,698 रुपए हो गई है। स्किल्ड लेबर की सैलरी 11,830 रुपए से बढ़कर 16,182 रुपए हो गई है। इस बढ़ोतरी के बाद अन्य राज्यों की तुलना में दिल्ली में सबसे ज्यादा वेज रेट हो गए हैं। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली के वेज रेट अन्य राज्यों की तुलना में सबसे अधिक हो गए हैं।
 
कारोबारी हो गए हैं परेशान
 
दिल्ली की इंडस्ट्रिएल एसोसिएशन एपेक्स चैंबर के अध्यक्ष कपिल चोपड़ा ने moneybhaskar.com को बताया कि दिल्ली सरकार ने लेबर वेज रेट बढ़ाकर कारोबारियों की लेबर कॉस्ट 40 फीसदी तक बढ़ जाएगी। लेबर कॉस्ट बढ़ने से कारोबारियों के लिए दिल्ली में फैक्ट्री चलाना नामुमकिन होता जा रहा है। बढ़ती लेबर कॉस्ट के कारण कारोबारी लेबर घटाने और फैक्ट्री दिल्ली के बाहर लेकर जाने की धमकी दे रहे हैं।
 
दिल्ली के इंडस्ट्रियल एरिया के कारोबार पर पड़ सकता है असर
 
दिल्ली के पटपड़गंज, वजीरपुर इंडस्ट्रियल एरिया, मायापुरी, पंजाबी बाग, नारायणा इंडस्ट्रियल एरिया में वेल्डिंग टूल्स, मेडिकल इक्विपमेंट, यूटेंसिल्स, मोटर पार्ट्स और फुटवेयर इंडस्ट्री है जहां लाखों की संख्या में लेबर और कर्मचारी काम कर रहे हैं। वजीरपुर इंडस्ट्रियल एरिया के अध्यक्ष नें moneybhaskar.com को बताया कि एमएसएमई सेक्टर की बढ़ती लेबर कॉस्ट से परेशान है।
 
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