Home »SME »Industry Voice» 30 Percent Freight Of Goods Reduced After Demonetization

नोटबंदी से ट्रांसपोर्ट बिजनेस पर पड़ा बड़ा असर, 30 फीसदी तक गिरा किराया

 
नई दिल्‍ली। नोटबंदी का ट्रांसपोर्ट बिजनेस पर बड़ा असर पड़ा है। ट्रांसपोर्ट के किराये  में लगभग 30 फीसदी की गिरावट आई है, जबकि बिजनेस में 40 से 50 फीसदी की कमी आई है। ट्रांसपोर्ट इंडस्‍ट्री को लगता है कि अभी उन्‍हें मंदी से निजात नहीं मिलने वाली। वहीं, शनिवार से टोल टैक्‍स वसूली शुरू होने से भी ट्रांसपोर्र्ट्स  की दिक्‍कतें बढ़ गई हैं। जानकारों का कहना है कि ट्रांसपोर्ट में लगभग 80 फीसदी बिजनेस कैश में होता है, लेकिन 500 और 1000 रुपए के नोट बंद होने से बिजनेस पर बुरा असर पड़ा है।
 
30 फीसदी कम हुआ किराया
 
इंडियन फाउंडेशन आफ ट्रांसपोर्ट रिसर्च एंड ट्रेनिंग (आईएफटीआरटी) के सीनियर फेलो एसपी सिंह का कहना है कि आठ नवंबर को बड़े नोट बंद होने के दो दिन बाद से ही किराये पर असर दिखने लगा था, क्‍योंकि इस बिजनेस में सबसे अधिक कैश का इस्‍तेमाल होता है, लेकिन कैश बंद होते ही यह बिजनेस पूरी तरह ठप हो गया और नई बुकिंग बंद हो गई। तीन-चार दिन तक तो किसी को समझ ही नहीं आया कि क्‍या किया जाए, लेकिन उसके बाद थोड़ी बहुत कैशलेस ट्रांजैक्‍शन शुरू हुई, लेकिन किराये  में कमी आने लगी।
 
टोल फ्री से भी घटा किराया
 
सिंह के मुताबिक, नोटबंदी के दूसरे दिन सरकार ने नेशनल हाइवे के सभी टोल प्‍लाजा फ्री कर दिए। इससे ट्रांसपोर्र्ट्स को कुछ राहत मिली। साथ ही, उन्‍हें किराये में भी कमी करनी पड़ी। सिंह ने कहा कि शनिवार से टोल टैक्‍स शुरू हो चुका है, लेकिन ट्रांसपोर्र्ट्स मांग कर रहे हैं कि टोल प्‍लाजा पर लगने वाले जाम को देखते हुए टोल फ्री की समय सीमा बढ़ाई जाए। ऐसे में, अभी से यह नहीं कहा जा सकता कि किराये में कमी रहेगी या नहीं, लेकिन जिस तरह से बिजनेस में अभी तक मंदी बनी हुई है, उससे लगता नहीं है कि किराया बढ़ेगा।
 
50 फीसदी कम हुआ बिजनेस
 
सालों से ट्रांसपोर्ट पर रिसर्च कर रहे सिंह मानते हैं कि ट्रांसपोर्र्ट्स को समय रहते कैशलेस ट्रांजैक्‍शन की ओर बढ़ जाना चाहिए था, लेकिन अपनी सहूलियत को देखते हुए उन्‍होंने इसे नहीं अपनाया, जिस कारण नोटबंदी का असर ट्रांसपोर्ट बिजनेस पर ज्‍यादा पड़ा है। सिंह के मुताबिक, इन दिनों ट्रांसपोर्ट बिजनेस लगभग आधा रह गया है। उन्‍होंने कहा कि देश की इकोनॉमी कंज्‍यूमर गुड्स पर ज्‍यादा निर्भर है और कैश क्राइसिस की वजह से कंज्‍यूमर गुड्स की डिलिवरी थम सी गई है। इससे भी ट्रांसपोर्ट बिजनेस पर व्‍यापक असर पड़ा है। 
 

और देखने के लिए नीचे की स्लाइड क्लिक करें

Recommendation

    Don't Miss

    NEXT STORY