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सैलरी-डे पर 50% से ज्यादा वर्कर्स को नहीं मिली सैलरी, कैश का नहीं हुआ इंतजाम


नई दिल्ली। नोटबंदी के चलते स्‍मॉल एंड मीडियम इंडस्‍ट्री में काम कर रहे वर्कर्स को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ नवंबर को नोटबंदी की घोषणा की थी, उस समय भी वर्कर्स अपनी पूरी सैलरी नहीं निकाल पाए थे और आज सात नवंबर को लगभग 50 फीसदी वर्कर्स को ही सैलरी मिल पाई है। यह भी उनके बैंक में ट्रांसफर की गई है, जबकि बाकी वर्कर्स को अपने अकाउंट खोलने को कहा गया है।
 
खाते में ट्रांसफर कराई सैलरी
 
इंडियन इंडस्‍ट्री एसोसिएशन, नोएडा के प्रेसिडेंट एनके खरबंदा ने कहा कि एक माह हो चुका है, लेकिन अब तक स्थिति सामान्‍य नहीं हो पाई है। जिन वर्कर्स के खाते खुल चुके हैं, उन्‍हें तो आज पेमेंट कर दी गई, लेकिन जिन वर्कर्स के खाते नहीं खुले हैं, उनसे जल्‍द से जल्‍द खाते खोलने को कहा है। उन्‍होंने कहा कि आधे से ज्‍यादा वर्कर्स के बैंक खाते नहीं हैं।
 
पर वर्कर्स को कैश कैसे मिलेगा
 
मैन्‍युफैक्‍चरर्स एसोसिएशन, फरीदाबाद के जनरल सेक्रेट्री रमणीक प्रभाकर ने कहा कि जिन वर्कर्स के एकाउंट में सैलरी ट्रांसफर की गई है, अब उन्‍हें नई परेशानी झेलनी पड़ेगी। बैंकों में कैश मिल ही नहीं रहा है। अब अगर वे बैंकों की लाइन में लगे रहेंगे तो फैक्‍ट्री में काम कौन करेगा। प्रभाकर ने कहा कि सरकार प्‍लास्टिक मनी की बात कर रही है, लेकिन वर्कर्स कैसे कार्ड से पेमेंट करेंगे, यह सरकार को समझना चाहिए। प्रभाकर ने कहा कि नवंबर माह की सैलरी लेने के लिए वर्कर्स को तीन-चार दिन की  छुट्टियां देनी पड़ी थी। इस बार ऐसा ही हुआ तो उनकी फैक्‍ट्री कैसे चलेगी। उन्‍होंने कहा कि सरकार को इस तरह की स्‍कीम लाने से पहले यह जरूर सूचना चाहिए था कि छोटा कारोबारी व वर्कर्स का क्‍या होगा।
 
वर्कर्स को छुट्टी पर भेजा
 
नोटबंदी के बाद से कई छोटे कारोबारियों ने अपने वर्कर्स को छुट्टी पर भेज दिया है। इस वजह से उन्‍हें इस बार सैलरी नहीं देनी पड़ रही है। गुड़गांव में आटो पार्ट्स बनाने वाले गुरुशरण सिंह ने कहा कि उनके पास 15 वर्कर्स थे। नोटबंदी के एक सप्‍ताह के बाद भी जब हालात नहीं सुधरे तो उन्‍होंने 12 वर्कर्स को पुराने नोट थमा कर छुट्टी पर भेज दिया था। अब इस महीने की सैलरी तो उन्‍हें नहीं देनी पड़ेगी, अगर इस महीने काम शुरू होता है तो उन वर्कर्स को बुलाकर उनका अकाउंट खुलवाएंगे। फिलहाल तो उनका काम बंद पड़ा है।
 
बैंक खोल रहे हैं अकाउंट
 
आईएम एसएमई ऑफ इंडिया से जुड़े सीए संगीत कुमार गुप्‍ता ने कहा कि एसएमई डिमोनिटाइजेशन के फैसले के साथ हैं और उनकी अपील पर बैंकों ने फैक्‍ट्री जा-जाकर वर्कर्स के अकाउंट्स खोलने शुरू किए हैं। अभी तो सैलरी की दिक्‍कत आ रही है, लेकिन अगले महीने से पूरा सिस्‍टम ठीक हो जाएगा। 

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