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TDS सर्टिफिकेट लेने का आ गया है समय, देरी से जारी करने पर देना होगा जुर्माना

नई दिल्ली। टीडीएस सर्टिफिकेट को जारी करने के लिए आखिरी तारीख निकल चुकी है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने टैक्स डिडक्टर्स के लिए 31 मई आखिरी तारीख तय की थी। यह तारीख निकल चुकी है। अब आपकी कंपनी या फिर बैंक में जाकर के आप इसको कलेक्ट कर सकते हैं। बैंक और कंपनियां दो अलग-अलग तरह के टीडीएस फॉर्म जारी करते हैं।
 
फॉर्म 16 और 16A जारी करती हैं कंपनियां और बैंक
 
सीबीडीटी की गाइडलाइंस के अनुसार, इंप्लायर की तरफ से कर्मचारियों को फॉर्म 16 किया जाता है। इसमें कंपनी की तरफ से काटे गए टीडीएस की जानकारी होती है। यह फॉर्म कंपनियां पिछले वित्त वर्ष का जारी करती हैं। बैंक भी टीडीएस फॉर्म जारी करते हैं जिसको फॉर्म 16 A  के नाम से भी जाना जाता है। बैंक इस फॉर्म को एक फाइनेँश्यिल ईयर में चार बार जारी करता है। फॉर्म 16 A केवल उन्हीं को जारी करता है जिनके अकाउंट डिपाजिट पर इंटरेस्ट एक साल में 10 हजार रुपए से ज्यादा का होता है।
 
देरी से जारी करने पर देना होता है जुर्माना
 
अगर आपकी कंपनी या बैंक 31 मई 2015 के बाद टीडीएस फॉर्म देने में देरी करती हैं तो इनकम टैक्स एक्ट में इसके लिए जुर्माने का भी प्रावधान है। एक्ट के सेक्शन 276(B) के अनुसार, अगर कोई इम्पलॉयर या बैंक टीडीएस सर्टिफिकेट देने में देरी करता है तो उसके टीडीएस जारी करने वाली अथॉरिटी को तीन महीने से लेकर के सात साल की जेल हो सकती है।
 
टैक्स एक्सपर्ट सीए विशाल पालीवाल ने moneybhaskar.com को बताया कि इसके अलावा टीडीएस में मिलने वाले कुल अमाउंट तक का जुर्माना भी टैक्सपेयर्स को देना होता है। यह जुर्माना और सजा इनकम टैक्स के असेसिंग ऑफिसर (एओ) द्वारा तय की जाएगी।  
 
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