Home »Market »Stocks» Consolidation Will Be Good For Telecom But Investors Should Be Cautious In Midterm

कंसोलिडेशन से सुधरेगी टेलिकॉम की सेहत, लेकिन मिड टर्म में सतर्क रहें निवेशक

नई दिल्ली।  भारतीय टेलिकॉम इंडस्‍ट्री में कंसॉलिडेशन का दौर शुरू हो गया है। कंपनियों के मर्जर की खबरों के बीच दिसंबर से अब तक टेलिकॉम इंडेक्स 21 फीसदी तक चढ़ चुका है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि कंसोलिडेशन से आने वाले दिनों में टेलिकॉम इंडस्ट्री की सेहत सुधरेगी, लेकिन टेलिकॉम कंपनियों पर अभी 6 से 9 महीनों तक प्राइसिंग प्रेशर बना रहेगा। ऐसे में इन्वेस्टर्स को फिलहाल स्टॉक्स में मिड टर्म में सतर्क रहने की सलाह है।  
 
टेलिकॉम कंपनियों पर रहेगा प्राइसिंग प्रेशर
इकरा के सेक्टर हेड एंड वीपी कॉरपोरेट रेटिंग्स हर्ष जगनानी ने moneybhaskar.com को बताया कि कंसोलिडेशन के बाद इंडस्ट्री में कुछ गिने-चुने ही टेलिकॉम प्लेयर रह जाएंगे। ऐसे में कॉम्पिटीशन घटने से वे अपने रिसोर्सेज का बेहतर इस्तेमाल कर पाएंगे। उन्हें नेटवर्क एक्सपेंशन और मार्केटिंग और प्रोडक्ट पोर्टफोलियो बढ़ाने में मदद मिलेगी। वहीं, उनके लिए स्पेक्ट्रम एफिसिएंसी इंप्रूव करने का मौका मिलेगा। इससे लॉन्ग टर्म में कंपनियों की सेहत सुधरेगी। लेकिन अभी साल भर तक टेलिकॉम कंपनियों पर प्राइसिंग प्रेशर बना रहेगा।
 
 
प्राइस वार बढ़ेगा, मार्जिन बढ़ता नहीं दिख रहा
फॉर्च्युन फिस्कल लिमिटेड के जगदीश ठक्कर ने moneybhaskar.com को बताया कि टेलिकॉम कंपनियों को अपना कस्टमर बेस बनाए रखने के लिए डेटा स्पीड बेहतर रखने और वर्चुअल नेटवर्क प्लेटफॉर्म को मजबूत रखने पर काम करने का दबाव होगा। वहीं, जियो के सस्ते टैरिफ प्लान की वजह से दूसरी टॉप टेलिकॉम कंपनियों को अपने 9-10 फीसदी प्रीमियम ग्राहकों से हाथ धोना पड़ सकता है। इन कंपनियों को आमतौर पर ऐसे ग्राहकों से 50 फीसदी तक रेवेन्यू मिल रहा है। इससे अगले फाइनेंशियल ईयर के दूसरे क्वार्टर तक कंपनियों के प्रॉफिट पर असर पड़ सकता है।
 
क्या हो स्टॉक स्ट्रैटजी
बोनांजा पोर्टफोलियो के एवीपी रिसर्च पुनीत किनरा ने moneybhaskar.com को बताया कि टेलिकॉम स्टॉक्स में पिछले कुछ दिनों से तेजी बनी हुई है। दिसंबर से अब तक टेलिकॉम इंडेक्स सेंसेक्स के मुकाबले करीब दोगुना बढ़ चुका है। इन्वेस्टर प्रॉफिट बुकिंग भी कर रहे हैं। ऐसे में अभी कम से कम 6 महीनों तक इन स्टॉक्स में निवेश करने से सतर्क रहना चाहिए। एयरटेल और रिलायंस इंडस्ट्री का फंडामेंटल अब भी अच्छा बना हुआ है। हालांकि इन्वेस्टर्स को फ्रंटलाइन स्टॉक्स के लिए लॉन्ग टर्म के लिए ही स्ट्रैटजी बनानी चाहिए।
 
 
टेलिकॉम इंडस्ट्री  में 5कंपनियां ही रह जाएंगी
इकरा की रिपोर्ट के अनुसार अभी इस क्षेत्र में 12 कंपनियां हैं,  आगे 5 कंपनियां ही रह जाएंगी। इनमें रिलायंस जियो, एयरटेल-टेलिनॉर, वोडाफोन-आइडिया, आरकॉम-एमटीएस-एयरसेल-टाटा टेलीसर्विस और बीएसएनएल-एमटीएनएल होंगी। 
 
अभी किस कंपनी का कितना बड़ा बेस
कंपनी
सब्सक्राइबर्स
मार्केट शेयर
भारती एयरटेल        
26 करोड़
31 फीसदी
वोडाफोन
20.5 करोड़
23 फीसदी
आइडिया
19 करोड़
19 फीसदी
जियो
10 करोड़
-
टाटा टेलीसर्विस
5.3 करोड़
-
टेलिनॉर
5 करोड़
-
 
 
मर्जर के बाद
वोडाफोन-आइडिया                        
38 करोड़
40 फीसदी
आरकॉम-एमटीएस-एयरसेल-टाटा टेलीसर्विस  
26 करोड़
18 फीसदी 
 
एयरटेल-टेलिनॉर                   
31 करोड़
35 फीसदी
 
 
 
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