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इन कारणों से गोल्ड के मुकाबले सिल्वर में रहेगी तेजी, बेहतर रिटर्न के लिए निवेश की सलाह

नई दिल्ली। साल 2017 में अब तक जहां गोल्ड ने डोमेस्टिक मार्केट में 3.2 फीसदी का रिटर्न दिया है, सिल्वर में 20 फीसदी रिटर्न मिला है। ग्लोबल मार्केट में भी सिल्वर की कीमतें गोल्ड के मुकाबले दोगुनी 12 फीसदी बढ़ चुकी हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस साल सिल्वर का टेक्निकल चार्ट गोल्ड के मुकाबले मजबूत दिख रहा है। कुछ ऐसे फैक्टर दिख रहे हैं, जिसकी वजह से सिल्वर में आगे भी तेजी बनी रहेगी। उनका कहना है कि इस साल सिल्वर की कीमतें 48000 रुपए प्रति किग्रा तक पहुंच सकती हैं। वहीं, गोल्ड में अभी अनिश्चितता बनी हुई है।  
 
ये फैक्टर दे रहे हैं सिल्वर को सपोर्ट
-बेस मेटल में तेजी, इंडस्ट्रियल कंजम्पशन बढ़ने से चांदी की डिमांड बढ़ रही है।
-पुराने सिल्वर माइंस की क्षमता कम हो रही है, जिससे सप्लाई घटी है।
-टेक्निकल चार्ट पर सिल्वर काफी मजबूत दिख रहा है।  
 
गोल्ड में अभी अनिश्चितता का माहौल
वहीं, गोल्ड में अभी अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। यूएस फेड अगर इंटरेस्ट बढ़ाता है तो गोल्ड की कीमतें कम होंगी। हालांकि जियो पॉलिजटिकल फैक्टर गोल्ड को सपोर्ट करते दिख रहे हैं। फिर भी गोल्ड में इस साल बहुत ज्यादा बढ़त की उम्मीद नहीं । इस साल गोल्ड की कीमतें 31500 रुपए प्रति 10 ग्राम तक जा सकती हैं। शॉर्ट टर्म के लिए गोल्ड 28700 से 29500 की रेंज में रहेगा
 
 
सिल्वर की इंडस्ट्रियल डिमांड बढ़ी
केडिया कमोडिटी के अजय केडिया का कहना है कि सिल्वर प्रीसियस मेटल होने के साथ ही इंडस्ट्रियल मेटल भी है। पिछले कुछ दिनों से सिल्वर की इंडस्ट्रियल डिमांड बढ़ी है। आगे सोलर पैनल और इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स में चांदी की डिमांड और ज्यादा होगी। यूरोप, चीन सहित कुछ देशों में इकोनॉमी को रिवाइव करने के लिए इंडस्ट्रियल एक्टिविटी बढ़ाई जाएगी, जिससे सिल्वर की डिमांड और तेज होगी। इसका फायदा सीधे तौर पर सिल्वर मार्केट को होगा।
 
पुरानी माइंस की क्षमता कम होने से सप्लाई घटी
एंजेल ब्रोकिंग के अनुज गुप्ता का कहना है कि ऐसी रिपोर्ट आई हैं कि सिल्वर की कई पुरानी माइंस की प्रोडक्शन क्षमता घटी है। वहीं, डिमांड बढ़ रही है। डिमांड और सप्लाई का अंतर बढ़ रहा है। ऐसे में सिल्वर की कीमतें आगे और बढ़ने की उम्मीद है। इस साल सिल्वर की कीमतें 48 हजार तक का लेवल छूती दिख रही हैं। अब से सिल्वर 42 हजार से 48500 की रेंज में दिखेगा। 
 
गोल्ड-सिल्वर रेश्‍यो में सिल्वर मजबूत
एक्सपर्ट का कहना है कि 2017 में गोल्ड-सिल्वर रेश्‍यो बढ़ने की उम्मीद है। अभी गोल्ड और सिल्वर रेश्‍यो देखकर साफ हो रहा है कि गोल्ड के मुकाबले सिल्वर की कीमतें इस साल ज्यादा बढ़ी हैं। इस लिहाज से भी 2017 चांदी के लिहाज से अच्छा साल रहेगा। इसलिए सिल्वर में लॉन्ग टर्म में निवेश से अच्छा रिटर्न मिल सकता है।
 
क्या हो निवेश की स्ट्रैटजी
-एक्सपर्ट्स के अनुसार डोमेस्टिक मार्केट में सिलवर में शॉर्ट टर्म के लिए हल्की गिरावट देखी जा सकती है। 40 हजार के लेवल पर आने पर खरीददारी का मौका होगा। यहा से निवेश पर लॉन्ग टर्म में 20 से 25 फीसदी तक रिटर्न मिल सकता है। 
-वहीं, बोफा मेरिल लिंच ग्लोबल रिपोर्ट के अनुसार ग्लोबल मार्केट में अभी सिल्वर 17.839 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेंड कर रहा है। शॉर्ट टर्म में इसमें हल्की गिरावट हो सकती है और यह 17.25 डॉलर प्रति औंस के लेवल पर जा सकता है। यह लेवल लॉन्ग टर्म में निवेश के लिए बेहतर साबित होगा। 2017 में सिल्वर 19 डॉलर प्रति औंस तक जा सकता है, वहीं 2018 में इसकी कीमतें 20.21 डॉलर प्रति औंस तक जा सकती हैं। खरीददारी के लिए बेहतर है।
 
अगली स्लाइड में, डोमेस्टिक मार्केट में कितनी बढ़ी चांदी की कीमतें
 

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