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प्रॉफिट बुकिंग से ग्वार में कमजोरी, डिमांड बढ़ने पर कीमतों में आएगी तेजी

प्रॉफिट बुकिंग से ग्वार में कमजोरी, डिमांड बढ़ने पर कीमतों में आएगी तेजी
नई दिल्ली। कमोडिटी मार्केट में पिछले दो-तीन दिनों में प्रॉफिट बुकिंग और मांग में कमी की वजह से ग्वार की  कीमतों में तकरीबन 200 रुपए तक गिरावट हुई है। एनसीडीएक्स पर ग्वार की कीमत फिलहाल 3750 रुपए प्रति क्विंटल है। 9 मार्च को ग्वार उच्चतम 3970 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गया था। एक्सपर्ट्स का कहना है कि एक्सपोर्ट डिमांड बढ़ने और अलनीनो की खबरें आने से आने वाले दिनों में ग्वार की कीमतें बढ़ जाएगी।
 
क्यों हुई ग्वार में गिरावट
 
- स्टॉकिस्ट्स ने पिछले एक महीने से जारी तेजी का फायदा उठाते हुए बिकवाली की जिससे ग्वार की कीमतें गिरीं।
- क्रूड ऑयल में कमजोरी का असर कीमतों पर पड़ा।
- मांग में कमी भी रही एक वजह।
- सेंटीमेंट्ल इफेक्ट से पड़ा असर।
 
एक महीने में 14 फीसदी चढ़ा था भाव
पिछले एक महीने से ग्वार सीड और ग्वार गम की कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई थी। एक महीने के अंदर ग्वार सीड के दाम करीब 14 फीसदी और ग्वार गम के दाम करीब 25 फीसदी बढ़ चुके हैं। 
 
इन वजहों से कीमतों में आएगी तेजी-
 
क्रूड ऑयल में तेजी से बढ़ेगा दाम
एंजेल कमोडिटी के रिसर्च हेड अनुज गुप्ता का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने देश में कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया है जिसके कारण फरवरी महीने से ग्वार गम की मांग बढ़ी है जिससे कीमतें तेजी से बढ़ रही है।
 
मानसून कमजोर रहने से घटेगा उत्पादन
मार्केट मिरर के एग्री रिसर्च हेड हितेश भाला के मुताबिक इस बार अलनीनो की वजह से देश में मानसून कमजोर रहने की संभावना है। मानसून के कमजोर रहने से ग्वार का उत्पादन कम होने की आशंका है। कम उत्पादन होने पर ग्वार की कीमतें बढ़कर 4500 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच सकती है। फिलहाल, जोधपुर मंडी में ग्वार के दाम 4,000 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गए जबकि ग्वार गम 8,200 रुपए क्विंटल हो गया।
 
कितना बढ़ा एक्सपोर्ट
केडिया कमोडिटी के डायरेक्टर अजय केडिया ने कहा कि फाइनेंशियल ईयर 2016-17 के पहले नौ महीने में 2.79 लाख टन ग्वार गम का एक्सपोर्ट हुआ है जबकि 2015-16 में समान अवधि में 2.55 लाख टन एक्सपोर्ट हुआ था।
 
दिसंबर महीने में ग्वार गम का निर्यात 42,585 टन हुआ जो पिछले 23 महीनों में सबसे ज्यादा था। यह नवंबर महीने की तुलना में 34.6 फीसदी था जबकि पिछले साल के दिसंबर महीने की अपेक्षा दिसंबर 2016 में 20 फीसदी ज्यादा था। 
 
एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्वार एक एक्सपोर्ट ओरिएंटेड कमोडिटी है और एक्सपोर्ट डिमांड बढ़ने से कीमतें बढ़ती हैं।

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