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खादी को इंडियन एयरलाइंस व रेलवे का मिला सपोर्ट, 2000 करोड़ होगा टर्नओवर

  
 
नई दिल्‍ली।खादी के दिन बहुरने वाले हैं। खादी एंड विलेज इंडस्‍ट्री कमीशन (केवीआईसी) को प्राइवेट व सरकारी एयरलाइंस से लेकर रेलवे, सरकारी विभागों और कॉरपोरेट कंपनियों तक सभी से खादी प्रोडक्‍ट्स के ऑर्डर मिल रहे हैं। दुनिया की सबसे बड़ी गैर-सरकारी स्‍वयंसेवी संगठन राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ (आरएसएस) से तो एक हजार करोड़ रुपए तक के ऑर्डर मिलने की संभावना जताई जा रही है। कई राज्य सरकारें पहले ही अपने खादी प्रोडक्ट्स बेचने के लिए फ्लिपकार्ट, स्नैपडील जैसी टॉप ई-कॉमर्स कंपनियों से हाथ‍ मिला चुकी हैं। इससे केवीआईसी को उम्‍मीद है कि खादी प्रोडक्‍ट्स का टर्नओवर वर्तमान 1100 करोड़ रुपए से बढ़कर इस साल 2000 करोड़ रुपए का हो सकता है।
 
 
लाखों बुनकरों की आय हो जाएगी दोगुनी
 
इन डेवलपमेंट का सबसे बड़ा फायदा देश के विभिन्‍न राज्‍यों में हाशिए पर जी रहे लाखों बुनकरों को होने जा रहा है। फिलहाल, बुनकरों की प्रतिदिन की आय महज 100 रुपए से लेकर 150 रुपए के बीच रहती है। ये ऑर्डर मिलने से उनकी आय दोगुनी हो जाने की संभावना है। इसके अलावा, गांवों में जो बुनकर इस काम से जुड़े हुए हैं, उन्‍हें हर दिन मुश्किल से तीन से चार घंटे का काम ही मिल पाता है। इन ऑर्डर से अब उन्‍हें पांच से छह घंटों का काम मिलना संभव होगा।
 
खादी बिजनेस में अभी तक इजाफा नहीं होने के क्‍या रहे कारण
 
हाल के वर्षों में खादी ने खुद को बदलने के लिए कई उपाय किए और आधुनिक फैशन को भी अपनाया। हालांकि, इन बदलावों का अपेक्षित असर देखने को नहीं मिला है। रणनीतियों और उनके क्रियान्‍वयन में त्रुटि और तालमेल के अभाव के अलावा इसकी एक बड़ी वजह कॉरपोरेट कंपनियों का साथ नहीं मिलना और सरकारी विभागों में अच्‍छी पैठ नहीं बन पाने को बताया जाता है। लेकिन अब स्थितियां बदल रही हैं। डिफेंस, पेरामिलिटरी फॉर्सेज, रेलवे, दिल्‍ली पुलिस से केवीआईसी की बातचीत चल रही है। इनके अलावा, होम गार्ड, सीबीआई से भी ऑर्डर मिलने की संभावना जताई जा रही है।
 
किन चीजों के मिल रहे हैं ऑर्डर 
 
एयरलाइंस, रेलवे और कॉरपोरेट कंपनियां केवीआईसी को ड्रेस, गिफ्ट और नैपकिंस आदि के ऑर्डर दे रही हैं। एयर इंडिया से संगठन को 1.25 करोड़ रुपए के ऑर्डर मिले थे। एयर इंडिया के ऑर्डर में खादी सिल्‍क साड़ी, खादी सिल्‍क जैकेट्स, कोट, ट्राउजर्स आदि प्रमुख हैं। केवीआईसी ने प्राइवेट एयरलाइंस के साथ भी इस तरह की डील के लिए बातचीत शुरू कर दी है। स्‍टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर को केवीआईसी पहले ही उसके ऑर्डर की डिलीवरी कर चुका है। कई और बैंकों से उसे इस तरह के ऑर्डर मिलने की संभावना है।
 
रेलवे से सबसे बड़ा बूस्‍ट मिलने की संभावना
 
केवीआईसी को सबसे बड़ा बूस्‍ट रेलवे से मिल सकता है। रेलवे हर दिन सिर्फ 3.5 लाख नैपकिन यूज करता है। सूत्रों के अनुसार, इसमें से 60 फीसदी नैपकिन की रिकवरी नहीं हो पाती है, जबकि एक की कीमत 20 रुपए आती है। इसके अलावा, इसकी एक बार सफाई पर पांच रुपए खर्च होते हैं। जबकि केवीआईसी ने उसे महज 8-10 रुपए में नैपकिन का ऑफर दिया है। ऐसे में रेलवे से नैपकिन, बेड शीट समेत कई चीजों के लगातार ऑर्डर मिल सकते हैं। इससे खादी का कायाकल्‍प हो सकता है।
 
दूसरी स्‍लाइड में जानें खादी को आरएसएस से मिल सकते हैं 1000 हजार करोड़ ऑर्डर... 

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