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टेक्‍सटाइल प्रोडक्‍शन के लिए सरकार का टारगेट तय नहीं

टेक्‍सटाइल प्रोडक्‍शन के लिए सरकार का टारगेट तय नहीं
 
नई दिल्‍ली। सरकार ने टेक्‍सटाइल और गारमेंट इंडस्‍ट्री के लिए कोई टारगेट तय नहीं किया है, क्‍योंकि इन पर मुख्‍य रूप से प्राइवेट सेक्‍टर का दबदवा है। ऐसे में कोई टारगेट तय करना संभव नहीं लगता। टेक्‍सटाइल्‍स मिनिस्‍टर संतोष कुमार गंगवार ने गुरुवार को ये जानकारियां दीं।
 
 
प्रोडक्‍शन और एक्‍सपोर्ट लगातार बढ़ रहे हैं
 
गंगवार ने कहा कि प्रोडक्‍शन और एक्‍सपोर्ट के मामले में जो आंकड़े उपलब्‍ध हैं, उनसे साफ है कि पिछले तीन वर्षों के साथ ही वर्तमान साल के दौरान भी इनमें लगातार इजाफा हो रहा है।
 
सरकार को वर्कर्स से नहीं मिली है कोई रिपोर्ट
 
गंगवार ने यह भी कहा कि मंदी के कारण टेक्‍सटाइल वर्कर्स जिन समस्‍याओं का सामना कर रहे हैं, उनके बारे में सरकार को वर्कर्स से कोई रिपोर्ट भी प्राप्‍त नहीं हुई है। हालांकि, गंगवार ने यह भी कहा कि विभिन्‍न नीतियों और स्‍कीम के जरिए टेक्‍सटाइल्‍स गारमेंट का प्रोडक्‍शन बढ़ाना सरकार के लक्ष्‍यों में ऊपर है।
 
सेक्‍टर की बेहतरी के लिए कई स्‍कीमें लॉन्‍च
 
देश में टेक्‍सटाइल इंडस्‍ट्री को मजबूत बनाने और टेक्‍सटाइल वर्कर्स के हितों की रक्षा के लिए सरकार ने हाल के महीनों में कई सारी नीतिगत पहल और स्‍कीमें लॉन्‍च की हैं। इनमें टेक्‍नोलॉजी अपग्रेडेशन फंड स्‍कीम प्रमुख है, जिसे पावरलूम सेक्‍टर के विकास के लिए लॉन्‍च किया गया है। इस स्‍कीम से टेक्‍सटाइल वर्कर्स के लिए रोजगार के और अवसर निकलकर सामने आएंगे। 

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