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रेडीमेड गारमेंट होगा महंगा, एक्‍साइज ड्यूटी 6% तक बढ़ेंगी कीमतें

 
नई दिल्‍ली।रेडीमेड गारमेंट्स की कीमतों में पांच से छह फीसदी का इजाफा होना लगभग तय हो गया है। इससे ग्राहकों के साथ ही गारमेंट मैन्‍युफैक्‍चरर्स की परेशानियां भी बढ़ गई हैं। सरकार द्वारा 2016 के बजट में रेडीमेड गारमेंट्स पर दो फीसदी एक्‍साइज ड्यूटी लगाने से गारमेंट की मैन्‍युफैक्‍चरिंग महंगी हो गई है। टेक्‍सटाइल इंडस्‍ट्री के लिए यह दोहरी मार जैसी है। एक तरफ मैन्‍युफैक्‍चरर्स के समक्ष प्रोडक्‍ट्स की कीमतें कम करके बाजार में टिके रहने की चुनौती है तो दूसरी तरफ उन्‍हें सरकारी मुलाजिमों के कानूनी शिकंजे की फिक्र है।
 
 
एक हजार से अधिक के रेडीमेड गारमेंट पर लगी यह ड्यूटी
 
फाइनेंस मिनिस्‍टर ने उन ब्रांडेड गारमेंट्स पर यह ड्यूटी लगाई है, जिनकी कीमत एक हजार रुपए से अधिक है। इस इंडस्‍ट्री से जुड़े लोगों के अनुसार, इस सेग्‍मेंट में संगठित अपैरल रिटेल इंडस्‍ट्री का लगभग आधा आ जाता है। साफ तौर पर सरकार के इस निर्णय से आधा रे‍डीमेंट गारमेंट का प्रभावित होना तय है। इसके अलावा, असंगठित गारमेंट इंडस्‍ट्री के भी इस निर्णय से बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका है। भारत में संगठित गारमेंट इंडस्‍ट्री अनुमानित रूप से 1.5 लाख करोड़ रुपए का है, जबकि असंगठित गारमेंट इंडस्‍ट्री इससे अधिक लगभग तीन लाख करोड़ रुपए का है। असंगठित इंडस्‍ट्री इसलिए भी प्रभावित होगी, क्‍योंकि इसके दायरे में आने वाली कंपनियां अक्‍सर बड़ी कंपनियों के लिए मैन्‍युफैक्‍चरिंग करती हैं।
 
मैन्‍युफैक्‍चरर्स के लिए रिकॉर्ड्स मेनटेन करना भी कठिन
 
मैन्‍युफैक्‍चरिंग कंपनियों का मानना है कि सरकार के इस कदम से रेडीमेंट गारमेंट्स की कीमतों में तुरंत प्रभाव से लगभग पांच से छह फीसदी का इजाफा हो जाएगा। इसके अलावा, इसके कारण रिकॉर्ड्स मेनटेन करना भी पहले की तुलना में अधिक कठिन हो जाएगा, क्‍योंकि अब सेल्‍स टैक्‍स और इनकम टैक्‍स के साथ ही उन्‍हें एक्‍साइज डिपार्टमेंट से भी जूझना पड़ेगा।
 
गारमेंट इंडस्‍ट्री की क्‍या है प्रतिक्रिया
 
यूं तो देशभर की गारमेंट इंडस्‍ट्री ने सरकार के इस कदम की आलोचना की है। लेकिन पंजाब से इसे लेकर कुछ अधिक सख्‍त प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। रेडीमेड गारमेंट मैन्‍युफैक्‍चरिंग के लिए चर्चित पंजाब की गारमेंट इंडस्‍ट्री ने सरकार के इस कदम को सबसे चिंताजनक बताया है।
 
लुघियाना की रेडीमेड गारमेंट मैन्‍युफैक्‍चरिंग कंपनी ‘एनजी अपैरल्‍स’ के मैनेजिंग डायरेक्‍टर नीलेश गुप्‍ता ने कहा कि रेडीमेड गारमेंट इंडस्‍ट्री पहले से कई तरह की समस्‍याओं की शिकार है। इंडस्‍ट्री स्‍लोडाउन का सामना भी कर रही है। ऐसे में एक्‍साइज ड्यूटी के कारण रेडीमेंट गारमेंट्स की कीमतों में छह से सात फीसदी तक की वृद्धि हो सकती है। इससे एक तरफ हमारे प्रोडक्‍ट्स कंप्‍टीटिव नहीं रह जाएंगे, दूसरी तरफ कीमतें कम करने पर हमारा मार्जिन कम हो जाएगा।
 
गुप्‍ताने कहा है कि सरकार के इस कदम से गारमेंट मैन्‍युफैक्‍चरिंग से जुड़े अधिकांश स्‍मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज अप्रत्‍यक्ष भी एक्‍साइज कर के दायरे में आ जाएंगे। इससे इन एंटरप्राइजेज की ग्रोथ प्रभावित होगी, क्‍योंकि ये बड़ी गारमेंट कंपनियों के लिए मैन्‍युफैक्‍चरिंग करते हैं। इसके अलावा, जब सरकार जीएसटी लागू करने की राह पर आगे बढ़ ही रही है तो एक्‍साइज ड्यूटी लगाने का क्‍या मतलब था।
 
दूसरी स्‍लाइड में जानें इस कदम से किस तरह मिलेगा भ्रष्‍टाचार को बढ़ावा...
 

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