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नोटबंदी ने मैन्‍युफैक्‍चरिंग सेक्‍टर को दि‍या झटका, दिसंबर में पहली बार घटा PMI

नोटबंदी ने मैन्‍युफैक्‍चरिंग सेक्‍टर को दि‍या झटका, दिसंबर में पहली बार घटा PMI
नई दि‍ल्‍ली. नोटबंदी से मैन्‍युफैक्‍चरिंग सेक्‍टर को दि‍संबर 2016 में तगड़ा झटका लगा है। मंथली पीएमआई सर्वे के मुताबि‍क, 2016 में पहली बार दिसंबर के दौरान नए वर्क ऑर्डर्स और आउटपुट में कमी दर्ज की गई है। निक्‍केई मार्कि‍ट इंडि‍या मैन्‍युफैक्‍चरिंग पर्चेजिंग मैनेजर्स के इंडेक्‍स (पीएमआई) गि‍रकर दिसंबर में 49.6 पर आ गया। नवंबर में यह आंकड़ा 52.3 पर था। पीएमआई का 50 के स्‍तर से नीचे रहना सेक्‍टर में निगेटिव सेंटीमेंट को दर्शाता है। वहीं, 50 से ऊपर का आंकड़ा पॉजिटिव सेंटीमेंट को बताता है। 
 
 
सर्वे में क्‍या कहा गया
 
रि‍पोर्ट के लेखक और आईएचएस मार्टि‍क के इकोनॉमि‍स्‍ट पोलीयाना डे लि‍मा ने कहा कि‍ नवंबर में जमीन पर आने के बाद अचानक पुराने 500 रुपए और 1000 रुपए के नोटों को बंद करने के बाद साल 2016 के अंत में भारतीय मैन्‍युफैक्‍चरिंग इंडस्‍ट्री में गि‍रावट आई। लि‍मा ने कहा कि‍ कैश की किल्‍लत से कंपनि‍यों की पर्चेजिंग और रोजगार एक्‍टि‍वि‍टी में कमी आई है।
 
नोटबंदी एक मात्र वजह
 
हाई वैल्‍यू रुपए नोटों के बंद होने से ही इकोनॉमी में कैश की कि‍ल्‍लत देखी गई, जि‍सकी वजह से नए ऑर्डर्स में तेजी से गि‍रावट आई है। इसके अलावा, छह माह तक लगातार ग्रोथ देखने के बाद बाजार बाजारों में चुनौतीपूर्ण माहौल के कारण वि‍देश से आने वाले नए बि‍जनेस में भी कमी आई है।  
 
जनवरी होगा अहम
 
लि‍मा ने कहा कि‍ दि‍संबर के अंत तक पुराने नोटों को बदलने की समय सीमा खत्‍म हो गई, ऐसे में जनवरी का डाटा यह बताएगा कि‍ सेक्‍टर में रि‍कवरी आई है या नहीं। रि‍पोर्ट में कहा गया है कि‍ रॉ मैटि‍लि‍यल की कीमतों में इजाफा होने से लागत का बोझ लगातार 15वें माह बढ़ा है।

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