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BSNL-MTNL मर्जर के लिए बनाया जाए एक्सपर्ट पैनल, संसदीय समिति ने सरकार को दिया सुझाव

BSNL-MTNL मर्जर के लिए बनाया जाए एक्सपर्ट पैनल, संसदीय समिति ने सरकार को दिया सुझाव
नई दिल्‍ली।एमटीएनएल-बीएसएनएल के मर्जर को लेकर लंबे समय से चल रही मांग को संसदीय समिति का साथ भी मिल गया है। संसदीय समिति ने सरकार को इन दोनों टेलिकॉम कंपनियों के मर्जर के लिए एक एक्‍सपर्ट पैनल गठित करने का सुझाव दिया है। इसके साथ ही मार्केट शेयर सुधारने के लिए प्रोफेशनल्‍स की राय लेने का सुझाव भी दिया है।  
 
लोकसभा में पेश की रिपोर्ट
संसदीय समिति (पेटीशंस) ने सरकार को सुझाव दिया कि वह महानगर टेलिफोन निगम लिमिटेड (एमटीएनएल) और भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के मर्जर की संभावनाओं का पता लगाने के लिए एक्‍सपर्ट कमिटी गठित करे। संसदीय समि‍ति ने गुरुवार को लोकसभा में अपनी रिपोर्ट पेश की। मर्जर होने के बाद ये दोनों कंपनियां प्राइवेट प्‍लेयर्स के खिलाफ मजबूती से खड़ी हो पाएंगे और इनसे कम्‍पीट कर पाएंगी। पैनल ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि मर्जर के चलते इन इनकी सर्विस में भी काफी सुधार होगा।
 
घट रहा है दोनों कंपनियों का मार्केट शेयर
समिति ने कहा कि एक्‍सपर्ट कमिटी गठित करने के बाद उनकी तरफ से दिए गए सुझाव के आधार पर सरकार मर्जर पर आगे विचार कर सकती है। इसकी जानकारी समिति भी दी जाए। समिति ने कहा कि पिछले कुछ सालों से दोनों कंपनियों के मार्केट शेयर में लगातार गिरावट आ रही है। अगर ऐसा ही चलता रहा, तो सरकारी खजाने के लिए इनका बोझ उठाना काफी मुश्किल हो जाएगा।
 
 
मर्जर के अलावा ये भी दिए सुझाव
मर्जर के अलावा पैनल ने सुझाव दिया है कि टेक्‍नोलॉजिक एडवासंमेंट और नेटवर्क इम्‍प्रूवमेंट करने के साथ ही वन-टाइम फंड इन कंपनियों को दिया जाए। ताकि दोनों कंपनियों के प्रदर्शन में सुधार हो सके। गिरते मार्केट शेयर को बेहतर स्थिति में लाने के लिए पैनल ने टेलिकॉम डिपार्टमेंट को प्रोफेशनल्‍स के साथ चर्चा करने का सुझाव दिया है।
 
 
 
मर्जर को लेकर फिर विचार-विमर्श शुरू
बीएसएनएल-एमटीएनएल के मर्जर का प्रस्‍ताव कई साल पहले लाया गया था, लेकिन बाद में इसे ठंडे बस्‍ते में डाल दिया गया। अब मार्च महीने में फिर से टेलिकॉम डिपार्टमेंट ने इस पर विचार करना शुरू कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक हाल ही में एक टॉप लेवल की मीटिंग हुई। इसमें इन दोनों कंपनियों के मर्जर को लेकर चर्चा हुई। इस मीटिंग से जुड़े एक अधिकारी ने बताया था कि बीएसएनएल गुड़गांव, नोएडा और फरीदाबाद में एमटीएनल का मोबाइल ऑपरेशन अपने हाथ में लेने को तैयार है। वहीं, दूसरा विकल्‍प मीटिंग में ये भी रखा गया कि बीएसएनएल दिल्‍ली और मुंबई में एमटीएनएल के मोबाइल ऑपरेशन को अपने हाथ में ले ले।
 
 
प्रमोद महाजन ने लाया था सबसे पहले प्रस्‍ताव    
यह मीटिंग इसी महीने की शुरुआत में टेलिकॉम सेक्रेटरी जे.एस. दीपक की अध्‍यक्षता में हुई थी। इन दोनों कंपनियों को मर्ज करने का प्रस्‍ताव सबसे पहले सालों पहले तत्‍कालीन टेलिकॉम मिनिस्‍टर प्रमोद महाजन ने रखा था। उसके बाद से कई बार इस मुद्दे पर विचार-विमर्शा किया गया। हालांकि इस पर अंतिम सहमति अभी बन नहीं पाई है।
 
लॉस में चल रही है एमटीएनएल
सरकार संचालित ये दोनो कंपनियां लॉस में चल रही हैं। इसकी वजह से इन्‍हें मर्ज करने पर विचार चल रहा है। पिछले साल नवंबर में कम्‍युनिकेशन मिनिस्‍टर ने राज्‍यसभा में बताया था कि वित्‍तीय दिक्‍कतों के चलते एमटीएनएल अपने उपकरण का अपग्रेडेशन करने में पीछे रही है। उन्‍होंने कहा था कि एमटीएनएल कर्ज में डूबी हुई है और अपने रोजमर्रा के ऑपरेशन को चलाने के लिए कर्ज ले रही है। उन्‍होंने बीएसएनएल के भी लॉस में रहने की बात कही थी।  

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