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Askmebazaar के बाद अब स्‍नैपडील में फंसी वेंडर्स की पेमेंट, 400 करोड़ रुपए अटके

Askmebazaar के बाद अब स्‍नैपडील में फंसी वेंडर्स की पेमेंट, 400 करोड़ रुपए अटके
 
नई दि‍ल्‍ली। ई-कॉमर्स कंपनी स्‍नैपडील को लेकर ऑनलाइन सेलर्स में डर बढ़ता जा रहा है। सेलर्स को डर है कि‍ पि‍छले साल जि‍स तरह AskMeBazaar.com में करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ था वैसे ही स्‍नैपडील में भी उनके पैसे न डूब जाएं। यही वजह है कि‍ ऑल इंडि‍या ऑनलाइन वेंडर्स एसोसि‍एशन (AIOVA) ने कॉमर्स एंड इंडस्ट्री मि‍नि‍स्‍टर निर्मला सीतारमण को लेटर लि‍खकर अपनी चिंता जताई है। लेटर में कहा गया है कि‍ स्‍नैपडील के पास वेंडर्स के करीब 400 करोड़ रुपए बकाया है जि‍सका पेमेंट उन्‍होंने नहीं कि‍या है।
 
स्‍नैपडील में वेंडर्स के फंसे 400 करोड़ रुपए
 
AIOVA ने नि‍र्मला सीतारमण को लेटर लि‍खकर कहा है कि‍ स्‍नैपडील के पास बकाया राशि और रीफंड‍ के रूप में वेंडर्स के 300 करोड़ से 400 करोड़ रुपए हैं। एसोसि‍एशन ने कहा है कि‍ Askmebazaar और दूसरे मार्केटप्‍लेस के मामले में डूबे पैसों और कोई राहत नहीं मि‍लने की वजह से इन कंपनि‍यों के साथ काम करने में क्रेडि‍ट रि‍स्‍क बढ़ गया है।
 
वेंडर्स की शि‍कायत, स्‍नैपडील ने ब्‍लॉक की पेमेंट
 
कई वेंडर्स ने एसोसि‍एशन के जरि‍ए सरकार के पास स्‍नैपडील के खि‍लाफ शि‍कायत दर्ज की है। वेंडर्स का कहना है कि‍ स्‍नैपडील ने लंबे समय से पेमेंट को ब्‍लॉक कर रखा है। वहीं, इसकी जगह वेंडर्स पर पेनाल्‍टी लगा रहे हैं। एक वेंडर ने लेटर में लि‍खा है कि‍ उनके 1 लाख रुपए से ज्‍यादा पैसे स्‍नैपडील ने ब्‍लॉक कि‍ए हैं। वहीं, स्‍नैपडील की ओर से वेंडर को फ्रॉड एक्‍सकलेशन टीम के पास मामला भेजने के लि‍ए कहा गया जि‍न्‍होंने‍ उलटा मुझ पर 6 लाख रुपए की पेनाल्‍टी लगा दी। बातचीत करने के बाद वह 3 लाख रुपए मांग रहे हैं। ऐसे कई वेंडर्स हैं जि‍न्‍होंने पेमेंट ब्‍लॉक होने की शि‍कायत की है।
 
वेंडर्स ने बताया, कैसे स्‍नैपडील दे रही है धोखा
 
क्रेडि‍ट रि‍स्‍क के साथ-साथ कई और मामलों को लेकर भी ई-कॉमर्स सेलर्स चिंति‍त हैं। यहां ऑपरेशन में पारदर्शि‍ता का मामला भी बढ़ गया है। उदाहरण के लि‍ए स्‍नैपडील प्रोडक्‍ट के शि‍पमेंट के बाद भी हमारे ऑर्डर को कैंसिल कर रही है। उसके बाद वह हम पर ‘आउट ऑफ स्‍टॉक’ के साथ पेनाल्‍टी लगा देते हैं और यह कहते हैं कि‍ उन्‍होंने प्रोडक्‍ट को शि‍प नहीं कि‍या।
 
वेंडर्स ने कहा कि‍ चौकाने वाली बात यह है कि‍ स्‍नैपडील नि‍यम और शर्तों के मुताबि‍क, अगर कि‍सी मामले में हम प्रोडक्‍ट शि‍प करने में फेल हो जाते हैं स्नैपडील पेनाल्‍टी के तौर पर 250 फीसदी मार्केटिंग फीस चार्ज करते हैं। लेकि‍न यहां कई मामले ऐसे हैं जब कंपनी पेनाल्‍टी के तौर पर 700 फीसदी से 800 फीसदी तक मार्केटिंग फीस लेते हैं।   
 
स्‍नैपडील ने शि‍कायतों से कि‍या इनकार
 
स्‍नैपडील के स्‍पोक्‍सपर्सन ने बताया कि‍ यहां सेलर्स या वेंडर्स का कोई बकाया पेमेंट नहीं है और यह बि‍ना आधार की शि‍कायत है। सभी पेमेंट्स टाइम पर की जा रही है।

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