Home »Industry »Companies» NCLT Says Cyrus Mistry Not Qualified To Challenge Tata Sons

NCLT ने मि‍स्‍त्री को दि‍या झटका, कहा- टाटा संस को चुनौती देने के लि‍ए नहीं है क्‍वालि‍फाई

NCLT ने मि‍स्‍त्री को दि‍या झटका, कहा- टाटा संस को चुनौती देने के लि‍ए नहीं है क्‍वालि‍फाई
 
नई दि‍ल्‍ली। नेशनल कंपनी लॉ ट्रि‍ब्‍यूनल (एनसीएलटी) की ओर से सायरस मि‍स्‍त्री को बड़ा झटका लगा है। एनसीएलटी ने कहा है कि‍ सायरस मि‍स्‍त्री की फैमि‍ली की कंपनि‍यां टाटा संस के मि‍समैनेजमेंट और माइनॉरिटी शेयरहोल्डर्स को दबाने का आरोप लगाने वाली याचि‍का को दायर करने के लि‍ए क्‍वालि‍फाई नहीं हैं।
 
एनसीएलटी के सदस्‍य बी.एस.पी. कुमार ने कहा कि‍ ‘याचिकाकर्ता कोर्ट को यह आश्वस्त करने में असफल रहे हैं कि उनका आवेदन स्वीकार करने योग्य है।’ लॉ ट्रि‍ब्‍यूनल ने जारी बयान में कहा है, ‘मि‍स्‍त्री की कंपनि‍यां मि‍समैनेजमेंट और माइनॉरिटी शेयरहोल्डर्स को दबाने का आरोप लगाने के योग्‍य नहीं हैं।’
 
मि‍स्‍त्री की हि‍स्‍सेदारी कम
 
मिस्त्री फैमि‍ली की सभी कंपनियों को मिलाकर टाटा संस में होल्डिंग 18.4 फीसदी है। मि‍स्‍त्री के पास केवल 3 फीसदी हि‍स्‍सा है। वहीं, रतन टाटा के कंट्रोल वाले चैरिटेबल इंस्टीट्यूशंस के ग्रुप, टाटा ट्रस्ट्स के पास 66 फीसदी हि‍स्‍सेदारी है। बाकी की हिस्सेदारी टाटा ग्रुप की कंपनियों और रतन टाटा सहित टाटा फैमिली के कुछ सदस्‍यों के पास है।
 
आज फि‍र होगी सुनवाई
 
कंपनीज एक्ट, 2013 के तहत एनसीएलटी में याचिका दायर करने के लिए शेयरहोल्डर्स के पास कम से कम 10 पर्सेंट हिस्सेदारी होनी चाहिए। एनसीएलटी मंगलवार को यह फैसला करेगा कि इस शर्त में छूट दी जा सकती है या नहीं।
 
अगर मंगलवार को याचिका दायर करने की योग्यता में छूट मि‍लती है, तो टाटा संस इसे एनसीएलएटी में चुनौती दे सकती है क्योंकि नि‍यमों के तहत इस तरह की छूट की मांग याचिका दायर करने से पहले की जानी चाहिए। अगर एनसीएलटी छूट देने के खिलाफ फैसला देता है तो मिस्त्री सोमवार के फैसले के खिलाफ और छूट की याचिका पर कोर्ट जा सकते हैं।
 
कब क्‍या हुआ
 
20 दि‍संबर 2016 : मि‍स्‍त्री की कंपनि‍यों ने एनसीएलटी में टाटा संस के खि‍लाफ माइनॉरिटी शेयरहोल्डर्स को दबाने का आरोप लगाया।
22 दि‍संबर 2016 : एनसीएलटी ने मि‍स्‍त्री को अंतरि‍म राहत देने से इनकार करते हुए सबूत मांगा।
11 जनवरी 2017 : मि‍स्‍त्री ने कोर्ट की अवमानना वाली याचि‍का दायर करते हुए कहा कि‍ टाटा संस उनको बोर्ड से नहीं हटा सकती।
18 जनवरी 2017 : एनसीएलटी ने मि‍स्‍त्री की याचि‍का को खारि‍ज कर दि‍या।
2 फरवरी 2017 : बोर्ड सीट को बचाने के लि‍ए मि‍स्‍त्री एनसीएलटी गए।
3 फरवरी 2017 : एनसीएलटी ने याचि‍का को खारि‍ज कि‍या। 

Recommendation

    Don't Miss

    NEXT STORY