Home »Industry »Auto» Supreme Court Ask Automakers To Submit Details Of Unsold BS-III Inventory

सुप्रीम कोर्ट ने ऑटो कंपनि‍यों से कहा-अनसॉल्‍ड बीएस-3 व्‍हीकल्‍स की दें डि‍टेल

सुप्रीम कोर्ट ने ऑटो कंपनि‍यों से कहा-अनसॉल्‍ड बीएस-3 व्‍हीकल्‍स की दें डि‍टेल
 
नई दि‍ल्‍ली।सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कार कंपनियों से अनसॉल्‍ड बीएस-3 गाड़ि‍यों की डि‍टेल्‍स मांगी है। कोर्ट ने कहा, ‘हमें अपनी अनसॉल्‍ड इन्‍वेंटरी की डि‍टेल दें और दि‍संबर 2015 के बाद से मासि‍क आधार पर बीएस-3 गाड़ि‍यों की मैन्‍युफैक्‍चरिंग का आंकड़ा दें।’ इसके अलावा, कोर्ट ने सोसाइटी ऑफ इंडि‍यन ऑटोमोबाइल मैन्‍युफैक्‍चरर्स (सि‍आम) को डाटा कलेक्‍ट कर जमा करने के लि‍ए कहा है। बजाज ऑटो ने भारत स्‍टेज-3 (बीएस-3) गाड़ि‍यों की सेल 1 अप्रैल के बाद जारी रखने के लि‍ए याचि‍का दायर की थी। इस मामले की सुनवाई जस्‍टि‍स मदन बी. लोकर की अध्‍यक्षता वाली बेंच कर रही है।
 
ऑटो कंपनि‍यों की क्‍या है परेशानी
 
1 अप्रैल 2017 से ऑटो कंपनि‍यों को बीएस-4 एमि‍शन नॉर्म्‍स वाले व्‍हीकल्‍स का ही प्रोडक्‍शन करना है। हालांकि‍, कंपनि‍यों को अपनी अनसॉल्‍ड बीएस-3 वाली गाड़ि‍यों की चिंता सता रही है।
 
1 जनवरी 2014 को जारी कि‍या था नोटि‍फि‍केशन
 
केंद्र सरकार ने 1 जनवरी 2014 को सभी व्‍हीकल्‍स (पैसेंजर और कमर्शि‍यल) के लि‍ए बीएस-4 मानकों को लागू करने के लि‍ए नोटि‍फाई कि‍या था। कई कार कंपनि‍यों का कहना है कि‍ नोटि‍फि‍केशन स्‍पष्‍ट नहीं है। इसमें यह नहीं पता चल रहा कि‍ कंपनि‍यों को केवल बीएस-4 वाली गाड़ि‍यों की मैन्‍युफैक्‍चरिंग करनी या फि‍र केवल उनही को बेचना भी है।  
 
अप्रैल तक 8.9 लाख व्‍हीकल्‍स की इन्‍वेंटरी की उम्‍मीद
 
सोसाइटी ऑफ इंडि‍या ऑटोमोबाइल मैन्‍युफैक्‍चरर्स (सि‍आम) ने दावा कि‍या है कि‍ 1 अप्रैल 2017 तक 7.5 लाख टू-व्‍हीलर्स, 75 हजार कमर्शि‍यल व्‍हीकल्‍स, 45 हजार थ्री व्‍हीलर्स और 20 हजार पैसेंजर व्‍हीकल्‍स की पेंडिंग इन्‍वेंटरी रहने की उम्‍मीद है।
 
कैटेगरी
अनुमानि‍त स्‍टॉक
पैसेंजर व्‍हीकल्‍स 
20 हजार
टू-व्‍हीलर्स
7.5 लाख
थ्री व्‍हीलर्स
45 हजार
कमर्शि‍यल व्‍हीकल्‍स
75 हजार

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