Home »Industry »Auto» Commercial Vehicles May Become Costly 15 Percent After Bs-4 Norms

नए नॉर्म्स लागू होने से महंगे हो सकते हैं कमर्शियल व्हीकल, पुराने मॉडल्‍स को क्‍लीयर कर रही हैं कंपनि‍यां

नए नॉर्म्स लागू होने से महंगे हो सकते हैं कमर्शियल व्हीकल, पुराने मॉडल्‍स को क्‍लीयर कर रही हैं कंपनि‍यां
 
नई दि‍ल्‍ली। अगले दो माह में देश में ट्रक, बस और दूसरे कमर्शि‍यल व्‍हीकल्‍स की कीमतों में 10 फीसदी तक का इजाफा हो सकता है। ऐसा इसलि‍ए क्‍योंकि‍ 1 अप्रैल 2017 से बीएस-4 फ्यूल नॉर्म्‍स लागू हो जाएगा। इसकी वजह से सभी व्‍हीकल्‍स की कीमतों में करीब 10 फीसदी से 15 फीसदी तक की बढ़ोतरी हो सकती है। नए नॉर्म्‍स लागू होने के बाद से कंपनि‍यों की मैन्‍युफैक्‍चरिंग कॉस्‍ट बढ़ जाएगी जि‍सका नुकसान कस्‍टमर्स को उठाना होगा। वहीं, एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि‍ बीएस-4 से पहले कंपनि‍यों अपने पुराने मॉडल्‍स को बेचने की कोशि‍श कर रही है। ऐसे में मार्च के दौरान ज्‍यादा सेल भी नजर आ सकती है।
 
महंगे हो जाएंगे कमर्शि‍यल व्‍हीकल्‍स
 
सोसाइटी ऑफ इंडि‍यन ऑटोमोबाइल मैन्‍युफैक्‍चरर्स (सि‍आम) के डीजी वि‍ष्‍णु माथुर ने moneybhaskar.com को बताया कि‍ बीएस-4 फ्यूल नॉर्म्‍स लागू होने से कमर्शि‍यल व्‍हीकल्‍स की कीमतों में 15 फीसदी तक का इजाफा हो सकता है। वहीं, कमर्शि‍यल व्‍हीकल्‍स फाइनेंस कंपनी श्रीराम ट्रांसपोर्ट फाइनेंस के एमडी उमेश रेवांकर ने moneybhaskar.com को बताया कि‍ बीएस-4 फ्यूल नॉर्म्‍स वाले व्‍हीकल्‍स की कीमतों में इजाफा होगा। इसका सबसे ज्‍यादा असर कमर्शि‍यल व्‍हीकल्‍स पर दि‍खेगा क्‍योंकि‍ इनकी इन्‍वेंटरी सबसे ज्‍यादा है। इनकी कीमतों में करीब 1 लाख से 2 लाख रुपए तक का इजाफा हो सकता है।   
 
ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसि‍एशन के सेक्रेटरी जनरल गुलशन अहुजा ने moneybhaskar.com को बताया कि‍ बीएस-4 नॉर्म्‍स का दबाव सबसे ज्‍यादा कमर्शि‍यल व्‍हीकल्‍स जैसे ट्रेक्‍टर, ट्रेलर्स, टि‍प्‍पर्स और मल्‍टी एक्‍सेल ट्रक्‍स पर बढ़ेगा। करीब 90 फीसदी व्‍हीकल्‍स बीएस 3 पर हैं। कंपनि‍यों की ओर से इन व्‍हीकल्‍स को बेचने की कोशि‍श की जा रही है। कीमतें बढ़ने पर उन्‍होंने कहा कि‍ यह फैसला कंपनि‍यों का है, हालांकि‍ दामों में बढ़ोतरी का संकेत दि‍या जा रहा है। वहीं, ऑफर्स और डि‍स्‍काउंट मार्केट की कंडीशन के हि‍साब से दि‍ए जाते हैं। इस समय भी कंडीशन कुछ ऐसी है। पुराने मॉडल्‍स पर खासतौर पर ऑफर्स हैं।
 
मार्च में ज्‍यादा सेल की उम्‍मीद
 
रेवांकर ने बताया कि‍ नए नॉर्म्‍स लागू होने से पहले कंपनि‍यों अपने बीएस-3 मॉडल्‍स को बेचने की कोशि‍श करेंगी। इसके लि‍ए ऑफर्स भी पेश कि‍ए जा सकते हैं। ऐसे में हमें मार्च माह के दौरान कमर्शि‍यल व्‍हीकल्‍स की सेल में पॉजि‍टि‍व ग्रोथ दि‍ख सकती है।
 
इंडस्‍ट्री का क्‍या है कहना
 
सोसाइटी ऑफ इंडि‍यन ऑटोमोबाइल मैन्‍युफैक्‍चरर्स के डीजी वि‍ष्‍णु माथुर ने moneybhaskar.com को बताया कि‍ हम कि‍सी से भी नॉर्म्‍स में नरमी नहीं चाहते। इंडस्‍ट्री 1 अप्रैल 2017 की तय समयसीमा पर बीएस-4 पर शि‍फ्ट हाने के लि‍ए तैयार है। इंडस्‍ट्री को 1 अप्रैल के बाद से अनसोल्‍ड स्‍टॉक्‍स को बेचने की मंजूरी मि‍लनी चाहि‍ए।
 
उन्‍होंने कहा कि‍ बस खरीदार बस की चेस्‍सी खरीदता है, पूरी बस नहीं। इसके बाद बस की बॉडी को बनाने में 2 से 3 माह का समय लगता है। अगर कोई खरीदार फरवरी या मार्च में चेस्‍सी खरीदता है तो वह गाड़ी 1 अप्रैल के बाद ही सड़क पर आ पाएगी। 
 
कॉमर्शियल व्‍हीकल्‍स की सेल गिरी
 
सिआम के अनुसार, जनवरी 2017 में कॉमर्शियल व्‍हीकल्‍स की बिक्री में भी मामूली गिरावट आई है। पिछले महीने घरेलू बाजार में कॉमर्शियल व्‍हीकल्‍स की बिक्री 61,239 यूनिट दर्ज की गई। सिआम के आंकड़ों के अनुसार, पिछले महीने सभी कैटेगरी में व्‍हीकल्‍स की बिक्री 4.71 फीसदी घटकर 16,20,045 यूनिट दर्ज की गई। जनवरी 2016 में यह आंकड़ा 17,00,141 था।
 
1अप्रैल तक8.9लाख व्‍हीकल्‍स की इन्‍वेंटरी की उम्‍मीद
 
सोसाइटी ऑफ इंडि‍या ऑटोमोबाइल मैन्‍युफैक्‍चरर्स (सि‍आम) ने दावा कि‍या है कि‍ 1 अप्रैल 2017 तक 7.5 लाख टू-व्‍हीलर्स, 75 हजार कमर्शि‍यल व्‍हीकल्‍स, 45 हजार थ्री व्‍हीलर्स और 20 हजार पैसेंजर व्‍हीकल्‍स की पेंडिंग इन्‍वेंटरी रहने की उम्‍मीद है।
 
कैटेगरी
अनुमानि‍त स्‍टॉक
पैसेंजर व्‍हीकल्‍स 
20 हजार
टू-व्‍हीलर्स
7.5 लाख
थ्री व्‍हीलर्स
45 हजार
कमर्शि‍यल व्‍हीकल्‍स
75 हजार

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