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सरकार ट्रेडर्स को भी 1,000 और 500 रुपए का नोट लेने का दे अधिकार - खंडेलवाल

सरकार ट्रेडर्स को भी 1,000 और 500 रुपए का नोट लेने का दे अधिकार - खंडेलवाल
नई दिल्ली। केंद्र सरकार के 500 और 1,000 रुपए के नोट स्क्रैप करने से देश की कमर्शियल मार्केट और मंडी में कारोबार सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। सरकार के इस फैसले से मार्केट में सामान्य दिनों की तुलना में कस्टमर की संख्या बहुत कम रही। मंडी में किसानों के प्रोडक्ट की बिक्री नहीं हो रही है, क्योंकि 100 रुपए के नोट नहीं होने से फंड की कमी हो गई है। ट्रेडर्स एसोसिएशन सरकार से मांग कर रही है कि ट्रेडर्स को भी 1,000 रुपए का नोट लेने का अधिकार दिया जाए।
 
 
दुकानों पर सेल्समैन बैठे हैं खाली
 
सरकार का कदम सराहनीय है, लेकिन उनके इस फैसले ने मार्केट और मंडी कारोबारियों की परेशानी बढ़ा दी है। मार्केट में 500 और 1,000 रुपए के नोट नहीं होने के कारण कस्टमर मार्केट में शॉपिंग के लिए नहीं आ रहे हैं। सेल्समैन दुकान पर खाली बैठे हैं। डिजिटल पेमेंट क्रेडिट और डेबिट कार्ड ने मदद की है, लेकिन कस्बों की मार्केट और मंडियों में डेबिट और क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल न के बराबर होता है।
 
मंडियों का काम हुआ ठप
 
एपीएमसी और देश भर की मंडी में बहुत कम कारोबार हुआ है। किसान अपने उनकी प्रोडक्ट मंडी में बेच ही नहीं पाए हैं, क्योंकि खरीदारों के पास 100 रुपए के नोट ही नहीं है। नोटों की कमी के कारण पेट्रोल पंप, बैंक और एटीएम पर लंबी लाइन लगी हुई है।
 
कस्बों की मार्केट का काम हुआ प्रभावित
 
गांवों और कस्बो के रिटेलर्स आसपास की डिस्ट्रिक्ट की मार्केट में सामान खरीदने के लिए जाते हैं। वह सामान नहीं खरीद रहे हैं क्योंकि उनके पास 100 रुपए के नोट नही हैं। उनके पास सामान खरीदने के लिए मान्य नोट में फंड्स उपलब्ध नहीं है।
 
ट्रेडर्स को भी दिया जाए500-1,000रुपए के नोट लेने का अधिकार
 
ट्रेडर्स एसोसिएशन फाइनेंस मिनिस्टर से मांग कर रही है कि सरकार 500 और 1,000 रुपए के नोट लेने का अधिकार रिटेलर्स को भी पास करे। खासकर, जो पक्का बिल बनाकर सीधे कस्टमर के साथ डील कर रहे हैं। अगर सरकार रिटेलर्स की मदद करती है, तो इससे मार्केट और मंडी में बिना किसी रूकावट के काम कर पाएंगी।
 

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