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नोटबंदी की मार से परेशान आम आदमी को राहत देने वाला है ये बजट

नोटबंदी की मार से परेशान आम आदमी को राहत देने वाला है ये बजट
नई दिल्‍ली।वित्‍त मंत्री अरुण जेटली का बजट नोटबंदी की वजह से हुई परेशानियों को कम करने पर फोकस है। बजट में इकोनॉमी के उन सेक्‍टर्स को ज्‍यादा अहमियत दी गई है, जिन पर नोटबंदी का असर सबसे ज्‍यादा पड़ा है। इसीलिए नोटबंदी से प्रभावित रूरल सेक्‍टर और एसएमई के लिए बजटीय आवंटन बढ़ाया गया है।
 
नोटबंदी की मार से परेशान रहे करदाताओं के लिए भी बजट में राहत दी गई है। कम इनकम वालों के लिए टैक्‍स रेट कम कर दिया गया है। इन्‍हें यह लाभ देने के लिए हायर इनकम वालों की आय पर ज्‍यादा टैक्‍स लगाया गया है। इसलिए उनका शिकायत करना लाजमी है। यह एक कजम्‍पशन फ्रेंडली बजट है इस बजट में एसएमई सेक्‍टर को मजबूत करने पर ज्‍यादा ध्‍यान दिया गया है।
 
हालांकि इस बजट ने कई मोर्चों पर निराश भी किया है। इसमें इनकम ट्रांसफर प्रोग्राम को पायलट प्रोजेक्‍ट के तौर पर शुरू करने के बारे में कुछ नहीं था। बैंकों की भूमिका को लेकर भी बजट में कुछ साफ नहीं किया गया है। इस बजट के बाद आम आदमी को कम ब्‍याज दर मिलेगी। कम ब्‍याज की कैटेगरी में अफोर्डेबल हाउसिंग के तौर पर जरूर आम आदमी को राहत दी गई है। बजट में सरकार ने डिजिटल ट्रांजैक्‍शंस को बढ़ावा देने के लिए भी खास प्रावधान किए हैं।
 
सामान्‍य रूप में यह बजट आम आदमी के लिए एक अच्‍छा बजट है। इसमें नोटबंदी की मार को कम करते हुए उसे फायदा पहुंचाने की कोशिश की गई है। रूरल एरिया के लोगों के लिए यह भी यह बजट अच्‍छा साबित हुआ है। इसमें रूरल सेक्‍टर की अलग-अलग स्‍कीम्‍स के लिए बजटीय आवंटन बढ़ाया गया है।
 
ज्‍यादा चमक-दमक और दिखावे के बिना पेश किया गया यह आमा आदमी का बजट है। इस बजट में आम आदमी को वित्‍तीय स्‍तर पर मजबूत बनाने की कोशिश है। यह बजट न सिर्फ कम आय वालों को फायदा पहुंचाने वाला है, बल्कि छोटे कारोबारियों को भी इससे फायदा मिलेगा। इस बजट को आम आदमी की परेशानियों को ध्‍यान में रखकर तैयार किया गया है।
 
(लेखक एचडीएफसी बैंक के चीफ इकोनॉमिस्‍ट हैं)

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