Home »Economy »Taxation» Indian Oil Reconsiders Further Investment Of Rs 52,000 Crore In Allied Downstream Projects.

IOC के पारादीप रिफाइनरी प्रोजेक्‍ट को नहीं मिलेगी टैक्स छूट, कंपनी को इस साल होगा 2000 करोड़ का लॉस

नई दिल्‍ली.ओडिशा सरकार ने इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के 34,555 करोड़ रुपए के पारादीप रि‍फाइनरी प्रोजेक्‍ट से टैक्‍स छूट वापस ले ली है। टैक्‍स छूट वापस लेने से इंडियन ऑयल को इस साल करीब 2000 करोड़ रुपए का नुकसान होगा। वहीं, इंडियन ऑयल ने कहा है कि वह इससे जुड़े डाउनस्‍ट्रीम प्रोजेक्‍ट में भविष्‍य में 52,000 रुपए के इन्‍वेस्‍टमेंट पर दोबारा से विचार करेगी। पिछले साल फरवरी में पीएम नरेंद्र मोदी ने परादीप रिफाइनरी को देश को समर्पित किया था। 
 
सूत्रों के अनुसार, ओडिशा सरकार ने पहला कारण बताओ नोटिस जारी करने के लिए दो माह से कम समय में ही यह फैसला किया। राज्‍य सरकार ने 22 फीसदी को रिफाइनरी के सबसे बड़े इन्‍वेस्‍टर इंडियन ऑयल को लेटर लिखकर बताया कि वह राज्‍य में बेचे जाने वाले पारादीप रिफाइनरी के प्रोडक्‍ट्स पर 11 साल की सेल्‍स टैक्‍स छूट को वापस लेती है। इससे इंडियन ऑयल को इस साल 2000 करोड़ रुपए का नुकसान होगा। यह ओडिशा में बेचे गए पेट्रोल, डीजल और पेट्रोकेमिकल्‍स पर हर साल बढ़ेगा।
 
भवि‍ष्‍य के इन्‍वेस्‍टमेंट प्‍लान पर दोबारा वि‍चार करेंगे: IOC
- आईओसी के डायरेक्‍टर (रिफाइनरीज) संजीव सिंह से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्‍होंने कहा कि राज्‍य सरकार के फैसले की मेरिट पर वह मीडिया में कोई टिप्‍पणी नहीं करेंगे। उन्‍होंने बताया कि आईओसी ने ओडिशा तक पर परादीप रिफानरी और उससे एसोसिएटेड प्रोजेक्‍ट्स जैसे पाइपलाइन्‍स, पोर्ट में करीब 50 हजार करोड़ रुपए का इन्‍वेस्‍टमेंट किया है।
- राज्‍य सरकार के इन्‍सेंटिव को देखते हुए हमारा और अधिक इन्‍वेस्‍टमेंट का प्‍लान खासकर डाउनस्‍ट्रीम पेट्रोकेमिकल प्रोजेक्‍ट और रिफाइनरी एक्‍सपेंशन में था। लेकिन अभी मौजूदा हाल में हमारे पास अब आगे इन्‍वेस्‍टमेंट प्‍लान पर दोबारा विचार करने का विकल्‍प है।  
- आईओसी का प्‍लान पारादीप रिफाइनरी का एक्‍सेंशन मौजूदा 5 मिलियन टन से बढ़ाकर 15 मिलियन टन तक करना है। उन्‍होंने उम्‍मीद जताई कि ओडिशा सरकार अपने फैसले पर दोबारा विचार करेगी और इन्‍सेंटिव को पहले की तरह जारी रखेगी। 2004 में ओडिशा सरकार ने यह इन्‍सेंटिव देने पर सहमति जताई थी।
 
1998 में टैक्‍स इन्‍सेंटिव का दिया था ऑफर
- ओडिशा सरकार ने राज्‍य में रिफाइनरी लगाने के लिए दिसंबर 1998 में इंडियन ऑयल और उसकी उस समय की पार्टनर कुवैत पेट्रोलियम कार्प को टैक्‍स इन्‍सेंटिव ऑफर किया था। 2000 में यह प्रोजेक्‍ट ठंडे बस्‍ते में चला गया। 16 फरवरी 2004 को दोबारा आईओसी के साथ एमओयू हुआ और इन्‍सेंटिव्‍स देने का एलान हुआ।
- सूत्रों का कहना है कि राज्‍य सरकार ने पब्लिक इंटरेस्‍ट में टैक्‍स छूट वापस ली है। सरकार का कहना है कि इस प्रोजेक्‍ट में 6 साल की देरी हुई और कैपेसिटी में चेंज किया गया। हालांकि आईओसी ने यह 2004 में ही यह साफ किया था कि एमओयू में डिजाइन, कैपेसिटी और स्‍वरूप में बदलने की शर्त है।
- साथ ही राज्‍य सरकार को साइक्‍लोन, जमीन अधिग्रहण में और लॉ एंड ऑर्डर के चलते प्रोजेक्‍ट कंस्‍ट्रक्‍शन में देरी की जानकारी दे दी गई थी। एमओयू के मुताबिक कंस्‍ट्रक्‍शन के दौरान भी 550 करोड़ रुपए की टैक्‍स छूट लेने का आईओसी को अधिकार दिया गया था।
 
दिसंबरी में आईओसी को दिया गया नोटिस
- 29 दिसंबर 2016 को राज्‍य सरकार ने आईओसी को कारण बताओ नोटिस दिया गया था।
- इसके पूछा गया कि रिफाइनरी में 6 साल से ज्‍यादा की देरी को देखते हुए क्‍यों नहीं कंपनी की इस वित्‍त वर्ष की टैक्‍स छूट वापस ले ली जाए।
 
16 साल में बनी रिफाइनरी
- करीब 16 साल में बनकर तैयार हुई इस रिफाइनरी की सालाना प्रोडक्‍शन क्षमता 1.5 करोड़ टन है। इसके साथ ही इंडियन ऑयल, रिलायंस इंडस्‍ट्रीज को पीछे छोड़ देश की सबसे बड़ी रिफाइनर बन गई है।
- इस प्रोजेक्‍ट पर 34,555 करोड़ रुपए लागत आई है। दुनिया की यह एक सबसे आधुनिक रिफाइनरी है।
- 24 मार्च 2000 को तत्‍कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने IOC के इस नौवें प्‍लांट की आधारशिला रखी थी।
- आईओसी देश की सबसे बड़ी रिफाइनरी बन जाएगी, जिसकी सालाना प्रोडक्‍शन क्षमता 6.92 करोड़ टन हो जाएगी। इससे पहले, रिलायंस इंडस्‍ट्री के दो रिफाइनरी (जामनगर, गुजरात) की कुल क्षमता 6.2 करोड़ टन थी। 
- पारादीप रिफाइनरी से सालाना 56 लाख टन डीजल, 37 लाख टन पेट्रोल और 19 लाख टन से ज्‍यादा केरोसिन/एटीएफ का प्रोडक्‍शन होगा।
- रिफाइनरी से 7.90 लाख टन एलपीजी और 12 लाख टन पेटकोक का भी प्रोडक्‍शन किया जाएगा।   

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