Home »Economy »Taxation» Provision Being Built Into The Model Law To Take Care Of Contingencies In Future

मॉडल GST बिल में मैक्सिमम टैक्स 40% करने का प्लान, फिलहाल तय रेट बने रहेंगे

नई दिल्‍ली. गुड्स एंड सर्विस टैक्‍स (जीएसटी) काउंसिल ने मैक्सिमम टैक्‍स रेट 40% करने का प्रस्‍ताव किया है। अभी मैक्सिमम टैक्स रेट 28% है। काउंसिल लोकसभा में भेजे जाने वाले मॉडल गुड्स एंड सर्विस टैक्‍स बिल में यह प्रपोजल जोड़ना चाहती है। ऐसा होने से बाद में अगर जीएसटी के तहत टैक्‍स बढ़ाना होगा तो दोबारा संसद से परमिशन नहीं लेना होगा। अभी हैं4स्‍तर के टैक्‍स स्‍लैब... 
 
- अभी जो बिल तैयार हुआ है उसमें 5, 12, 18 और 28% की टैक्‍स दरों का प्रपोजल किया गया है।
- सूत्रों का कहना है कि भविष्‍य में अगर जरूरत पड़े तो टैक्‍स रेट बढ़ाने के लिए अभी से व्यवस्था किए जाने का प्रपोजल है। अभी जो 28 फीसदी मैक्सिमम टैक्स रेट है इसमें 14 फीसदी सेंट्रल जीएसटी और 14 फीसदी स्‍टेट जीएसटी है। अगर इसे बढ़ाकर 20 फीसदी का प्रस्‍ताव किया जाता है तो मैक्सिमम 40% तक टैक्स लगाया जा सकेगा।
 
मैक्सिमम  14टैक्स रेट है फिलहाल
- गुड्स और सर्विस के इंटर स्‍टेट कारोबार पर सेंट्रल जीएसीटी और स्‍टेट जीएसटी के तहत टैक्‍स लगाने का प्रपोजल है। अभी तय रेट्स के हिसाब से 14% मैक्सिमम टैक्स रेट है। यानी केन्‍द्र और राज्‍य 14-14% यानी मैक्सिमम 28% टैक्स लगा सकते हैं।
- लेकिन वर्तमान में नोटिफाइड बिल के हिसाब से इससे ज्‍यादा टैक्‍स नहीं लगाया जा सकता है। अफसरों का कहना है कि इस 14% को बढ़ा कर 20% करने का प्रस्‍ताव किया जा सकता है।  
 
जीएसटी काउंसिल में है सहमति
- जीएसीटी काउंसिल की चेयरमेनशिप अरुण जेटली करते हैं। इसमें राज्यों के रिप्रेजेंटेटिव भी रहते हैं।  यह काउंसिल मैक्सिमम 20% टैक्‍स रेट करने को तैयार है।
- हालांकि फिलहाल, तय रेट 5, 12, 18 और 28 को बदलने का कोई प्रपोजल नहीं है।
- काउंसिल का मानना है कि मैक्सिमम रेट को 20% करने का मकसद है कि अगर फ्यूचर में इसकी ऐसा किया जाना पड़ा तो संसद की इजाजत की जरूरत नहीं पड़ेगी। क्योंकि जीएसटी काउंसिल यह फैसला करने के लिए स्‍वतंत्र होगी।
 
9 मार्च से शुरू हो रहे संसद सत्र में आएगा बिल
- 9 मार्च से शुरू हो रहे पार्लियामेंट सेशन में केन्‍द्र सीजीएसटी बिल पेश कर सकता है। बिल को संसद में मंजूरी मिल जाने के बाद राज्‍यों को भी अपनी अपनी विधान सभा में एसजीएसटी बिल पास कराना होगा। केन्‍द्र सरकार का इरादा 1 जुलाई 2017 से इस देश में लागू करने का है।  
 

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