Home »Economy »Policy» SCgivesSasikala A Jail Term Of 4 Years In Disproportionate Assets Case Against Her

SC का फैसला- आय से अधिक संपत्ति मामले में शशिकला को 4 साल की जेल, 6 साल तक नहीं लड़ पाएंगी चुनाव

नई दिल्‍ली. सुप्रीम कोर्ट ने शशिकला को आय से अधिक संपत्ति  (डिसप्रपोर्शनेट एसेट-DA) मामले में दोषी ठहराते हुए 4 साल जेल की सजा सुनाई है। कोर्ट के इस फैसले के बाद शशि‍कला 6 साल तक चुनाव नहीं लड़ पाएंगी। सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के 4 साल की सजा के फैसले को बरकरार रखा है। लिहाजा उन्हें ट्रायल कोर्ट में सरेंडर करना होगा और जेल जाना होगा। 21 साल पुराने इसी मामले में कर्नाटक हाईकोर्ट ने शशिकला और जयललिता को 2015 में बरी कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने शशि‍कला को सरेंडर करने के लि‍ए कहा है। 
 
 
कर्नाटक सरकार ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद ओ. पन्‍नीरसेल्‍वम के तमि‍लनाडु का सीएम बनने का रास्‍ता साफ होता नजर आ रहा है।सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद तमि‍लनाडु गवर्नर वि‍द्यासागर राव राज्‍य का अगला सीएम कौन होगा, इस पर नि‍णर्य करेंगे। 
 
- सुप्रीम कोर्ट ने फैसले में कहा है कि‍ शशि‍कला को 3 साल 6 महीने जेल में रहना होगा। क्‍योंकि‍ वह पहले ही 6 महीने जेल में बीता चुकी हैं। शशिकला 4 साल की सजा के बाद 6 साल तक चुनाव नहीं लड़ पाएंगी।  
- सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस पीसी घोष और जस्टिस अमिताभ रॉय की बेंच ने शशिकला मामले में फैसला सुनाया।
- फैसले के मुताबिक, शशिकला और उनके दो आरोपी रिलेटिव्स को बेंगलुरु की ट्रायल कोर्ट में सरेंडर करना होगा।
- बेंच ने ये भी कहा कि चूंकि जयललिता की मौत हो चुकी है। लिहाजा उनके खिलाफ मामला खत्म हो जाता है। 
- "सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के जस्टिस माइकल कुन्हा के फैसले पर अमल करने का आदेश दिया है।" 
- सीनियर अफसरों के साथ तमिलनाडु पुलिस की एक यूनिट कोवाथुर के गोल्‍डनबे रेजॉर्ट्स में पहुंच गई। इसी रेजॉर्ट्स में 100 से ज्‍यादा एआईएडीएमके विधायकों को रखा गया है। 
 
गवर्नर को लेना है फैसला 
- कानून एवं न्‍याय राज्‍य मंत्री पीपी चौधरी ने कहा कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लागू कराएगी। अब यह गवर्नर का फैसला है कि वह शशिकला को बुलाते हैं या नहीं। 
- डीए केस में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद चेन्‍नई में ओ. पन्‍नीरसेल्‍वम के समर्थक उनके आवास के बाहर जमा हो गए हैं।
- पूर्व एडवोकेट जनरल बीवी आचार्य ने कहा, "फैसले में न्याय हुआ है। इससे लगता है कि ज्यूडिशियरी मजबूत है और आजादी से फैसला ले सकती है।" 
 
फैसले पर क्‍या बोले सुब्रमण्‍यम स्‍वामी? 
SC का फैसला आने के बाद सुब्रमण्‍यम स्‍वामी ने कहा है, ‘‘मैं इसी फैसले की उम्‍मीद कर रहा था। मेरा मानना है कि वह (शशिकला) चार साल तक जेल से बाहर नहीं रह सकती हैं।’’
 
कर्नाटकHCने जया-शशिकला को किया था बरी
कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा था- जयललिता के पास इनकम से 8.12% प्रॉपर्टी थी। यह 10% से कम है जो परमिसिबल लिमिट में है। आंध्र प्रदेश सरकार तो इनकम से 20% ज्यादा प्रॉपर्टी होने पर भी उसे जायज मानती है, क्योंकि कई बार हिसाब बढ़ा-चढ़ा कर पेश किया जाता है। जो प्रॉपर्टीज खरीदी गईं, उसके लिए आरोपियों ने नेशनलाइज्ड बैंकों से बड़ा कर्ज लिया था। लोअर कोर्ट ने इस पर विचार नहीं किया। यह भी साबित नहीं होता कि इमूवेबल प्रॉपर्टी काली कमाई से खरीदी गईं। इनकम के सोर्स जायज हैं। लोअर कोर्ट का फैसला कमजोर था। वह कानून की नजरों में नहीं टिकता।
 
सुब्रमण्यम स्वामी ने किया था केस
1996 में तत्कालीन जनता पार्टी के नेता और अब बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने केस दायर कर आरोप लगाया था कि जयललिता ने 1991 से 1996 तक सीएम पद पर रहते हुए 66.44 करोड़ रुपए की बेहिसाब प्रॉपर्टी इकट्ठा की थी। जब मामला बेंगलुरू की स्पेशल कोर्ट में पहुंचा तो प्रॉसिक्यूशन ने जयललिता की संपत्ति का ब्योरा दिया। प्रॉसिक्यूशन ने कहा- जयललिता, शशिकला और बाकी दो आरोपियों ने 32 कंपनियां बनाईं जिनका कोई कारोबार नहीं था। ये कंपनियां सिर्फ काली कमाई से प्रॉपर्टीज खरीदती थीं। इन कंपनियों के जरिए नीलगिरी में 1000 एकड़ और तिरुनेलवेली में 1000 एकड़ की जमीन खरीदी गई। जयललिता के पास 30 किलोग्राम साेना, 12 हजार साड़ी थीं। उन्होंने एडॉप्ट किए गए बेटे वी.एन. सुधाकरण की शादी पर 6.45 करोड़ रुपए खर्च किए। अपने घर पर एडिशनल कंस्ट्रक्शन पर 28 करोड़ रुपए लगाए।  
 

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