Home »Economy »Policy» ISRO Attempts A New World Record By Launching 104 Satellites In A Single Flight Of PSLVC 37 From Sriharikota

ISRO ने अंतरिक्ष में रचा इतिहास, एक साथ लॉन्‍च किए 104 सैटेलाइट

बेंगलुरु. इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (इसरो) ने अंतरि‍क्ष में इति‍हास रच दिया है। इसरो ने एक साथ 104 सैटेलाइट लॉन्‍च करने का वर्ल्‍ड रिकॉर्ड बना दिया। ये सभी सैटेलाइट श्रीहरिकोटा, आंध्र प्रदेश से लॉन्‍च हुए। अभी तक किसी भी देश ने एक साथ इतने सैटेलाइट लॉन्च नहीं किए हैं। इससे पहले, सबसे ज्यादा सैटेलाइट लॉन्च करने का रिकॉर्ड फिलहाल रूस के नाम रहा। उसने 2014 में एकबार में 37 सैटेलाइट लॉन्च किए थे। इसरो इन सैटेलाइट्स को बुधवार सुबह 9:28 बजे PSLV-C37 से लॉन्च किया। 
 
सभी सैटेलाइट का सफल प्रक्षेपण
इसरो PSLVC37 के जरिए कार्टोसैट-2 समेत 104 सैटेलाइट का सफल प्रक्षेपण कर दिया गया। इसके साथ ही भारत सैटेलाइट की कमर्शियल लॉन्चिंग में रूस और अमेरिका से आगे निकल गया। सभी 104 सैटेलाइट पीएसएलवी से सफलतापूर्वक अलग कर दिए गए।
 
पीएम मोदी ने दी बधाई
इसरो की इस कामयाबी पर पीएम नरेंद्र मोदी ने वैज्ञानिकों को बधाई दी है। पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा, ‘‘पीएसएलवी-सी37 और कार्टोसेट के साथ 103 नैनो सैटेलाइट्स के सफलपूर्वक लॉन्‍च पर इसरो को बधाई।’’ इसरो के डायरेक्‍टर ने वैज्ञानिकों को बधाई दी है। 
 
मिशन में भारत के 3, अमेरिका के 96 सैटेलाइट
PSLV-C37 का यह 39वां मिशन है। 104 में से भारत के तीन सैटेलाइट हैं। यूएस, इजराइल, कजाकिस्‍तान, यूएई, नीदरलैंड्स, स्विट्जरलैंड के भी सैटेलाइट हैं। मिशन में अमेरिका की प्राइवेट कंपनियों के 96 सैटेलाइट्स हैं। इनके अलावा, 1-1 सैटेलाइट इजरायल, कजाकिस्तान, नीदरलैंड, स्विट्जरलैंड और यूएई का है। सिंगल मिशन में कई सैटेलाइट्स छोड़ने का इसरो का यह तीसरा मौका है। इससे पहले 2008 में एक बार में 10 और जून, 2015 में 23 सैटेलाइट लॉन्च किए गए थे।
 
भारत से सैटेलाइट की कमर्शियल लॉन्चिंग सबसे सस्‍ती
भारत में सैटेलाइट्स की कमर्शियल लॉन्चिंग दुनिया में सबसे सस्ती पड़ती है। भारत के जरिए सैटेलाइट लॉन्च करना अमेरिका, चीन, जापान और यूरोप से करीब 66 गुना सस्ता पड़ता है। रूस से भी यह चार गुना सस्ता पड़ता है। PSLV से लॉन्च का खर्च 100 करोड़ रुपए है।  वैज्ञानिकों के मुताबिक, एंट्रिक्स ने इन सैटेलाइट्स के लिए 200 करोड़ रुपए की डील की है। यानी उसे करीब 100 करोड़ रुपए की बचत होगी। यह उसके मुनाफे का 50 फीसदी है।
 
ग्‍लोबल सैटेलाइट इंडस्ट्री पर भारत की नजर
ग्लोबल सैटेलाइट मार्केट पर भारत की नजर है। अभी यह इंडस्ट्री 13 लाख करोड़ रुपए की है। इसमें अमेरिका की हिस्सेदारी 41 फीसदी की है। वहीं, भारत की हिस्सेदारी अभी 4 फीसदी से भी कम है। विदेशी सैटेलाइट की लॉन्चिंग इसरो की कंपनी एंट्रिक्स कॉरपोरेशन लिमिटेड के जरिए होती है।  1992 से 2014 के बीच एंट्रिक्स कॉरपोरेशन को 4408 करोड़ रुपए की कमाई हुई।  इसरो सैटेलाइट लॉन्चिंग से अब तक 660 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई कर चुका है।  

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