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भारत को फिस्‍कल कंसोलिडेशन प्‍लांस को पूरा करने के लिए और टैक्‍स रिफॉर्म्‍स की है जरूरत : IMF

भारत को फिस्‍कल कंसोलिडेशन प्‍लांस को पूरा करने के लिए और टैक्‍स रिफॉर्म्‍स की है जरूरत : IMF
 
नई दिल्‍ली। नई दिल्‍ली।भारत को मध्‍य अवधि के फिस्‍कल कंसोलिडेशन प्‍लांस को पूरा करने के लिए और भी टैक्‍स रिफॉर्म्‍स की जरूरत है। इंटरनेशनल मोनेट्री फंड (आईएमएफ) ने कहा कि फिलहाल भारत में वित्‍तीय घाटा जारी रहेगा और यह आने वाले टर्म में कम होगा। 
 
आईएमएफ ने नोट जारी किया 
 
जी-20 फाइनेंस मिनिस्‍टर्स और सेंट्रल बैंक गवनर्स की मीटिंग से पहले आईएमएफ ने एक नोट जारी किया है। इसमें उसने कहा है कि लघु अवधि फिस्‍कल कंसोलिडेशन प्‍लांस को पूरा करने के लिए भारत को गुड्स एंड सर्विसेज टैक्‍स (जीएसटी) जैसे टैक्‍स रिफॉर्म्‍स को लागू करना जरूरी होगा।
 
वित्‍तीय घाटा कम करना चाहता है भारत
 
ग्‍लोबल एजेंसी ने ग्‍लोबल प्रोसपेक्‍ट्स एंड पॉलिसी चेंजेस नाम से एक नोट जारी किया है। इसमें कहा है कि भारत अगले वित्‍त वर्ष में अपना वित्‍तीय घाटा जीडीपी का 3.2 फीसदी तक कम करना चाहता है। फिलहाल यह 3.5 पर है।  सरकार के मौजूदा फिस्‍कल कंसोलिडेशन रोडमैप के मुताबिक यह घाटा 2018-19 में जीडीपी का 3.0 फीसदी हो जाएगा।
 
1 जुलाई से लागू होगा जीएसटी
 
सरकार लगातार जीएसटी लागू करने के प्रयास में है, लेकिन केंद्र और राज्‍यों के बीच कई मुद्दों पर सहमति न बनने की वजह से यह कई बार लटक गया। पहले सरकार की योजना इसे 1 अप्रैल से लागू करने की थी। हालांकि राज्‍यों के बीच सहमति बनने के बाद इसे लागू करने के लिए 1 जुलाई की तारीख तय की गई है। आईएमएफ ने ये भी चेताया कि संरक्षण व्‍यापार पॉलिसी इन्‍वेस्‍टमेंट में बाधा बनती हैं और यह ग्‍लोबल स्‍तर पर प्रोड‍क्टिविटी घटाने का भी काम करती हैं।

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