Home »Economy »Policy» Rating Agency Crisil Blames Divergent Growth Dataprints For WPI And CPI Variance

WPI और CPI में फर्क के लि‍ए क्रि‍सि‍ल ने ठहराया ग्रोथ के आंकड़ों को जि‍म्‍मेदार

WPI और CPI में फर्क के लि‍ए क्रि‍सि‍ल ने ठहराया ग्रोथ के आंकड़ों को जि‍म्‍मेदार
मुंबई। रेटिंग एजेंसी क्रि‍सि‍ल (Crisil) ने होलसेल प्राइज इंडेक्स (WPI) में तेज बदलाव और कंज्‍यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) के स्‍थ्‍िार बने रहने के लि‍ए ग्रोथ संबंधी आंकड़ों को जि‍म्‍मेदार ठहराया है। कई वि‍शेषज्ञों ने सरकार द्वारा जीडीपी ग्रोथ को लेकर जारी कि‍ए गए आंकड़ों पर जीडीपी और जीपीए में बड़े अंतर के चलते सवाल उठाए थे।
 
क्रि‍सि‍ल के चीफ इकोनॉमि‍स्‍ट धर्माधि‍कारी जोशी और उनकी टीम के द्वारा तैयार की गई रि‍पोर्ट के मुताबि‍क, मैन्‍युफैक्‍चरिंग जीडीपी में तेज बढ़ोतरी की वजह प्रोडक्‍शन में इस्‍तेमाल होने वाले माल की वैल्‍यू में बढ़ोतरी अंति‍म रूप से तैयार माल की वैल्‍यू में बढ़ोतरी के मुकाबले कम होना है। जीडीपी को कैलकुलेट करने के लि‍ए पहली वाली वैल्‍यू को कंसीडर कि‍या जाता है और आईआर्इपी की कैलकुलेशन अंति‍म रूप से तैयार माल की वैल्‍यू के आधार पर की जाती है।
 
 
जोशी ने कहा, ‘इनपुट वैल्‍यू की ग्रोथ, आउटपुट वैल्‍यू के मुकाबले धीमी इसलि‍ए है क्‍योंकि‍ इनपुट के प्राइज आउटपुट प्राइज के मुकाबले ज्‍यादा तेजी से गि‍रे। इनफ्लेशन ट्रेंड से इसकी पुष्‍टि‍ होती है जहां 2008 के ग्‍लोबल फाइनेंशि‍यल क्राइसि‍स के बाद से WPI लगातार CPI से कम रहा है।’
 
इसलि‍ए होलसेल इन्‍फ्लेशन में गि‍रावट का मैन्‍युफैक्‍चरिंग जीडीपी पर रि‍टेल इन्‍फ्लेशन के मकाबले ज्‍यादा असर पड़ता है। इसकी वजह से आगे चलकर आईआईपी के मुकाबले मैन्‍युफैक्‍चरिंग जीडीपी ग्रोथ में और बढ़ोतरी हो जाती है।
 
यह बात नोट करने की है कि‍ बहुत सारे वि‍शेषज्ञों ने जीडीपी के आंकड़ों पर यह कहते हुए सवाल उठाए हैं कि‍ ग्राउंड लेवल पर जो कुछ नजर आ रहा है यह उससे कहीं अलग है। इसमें सबसे बड़ी खामी यह है कि‍ इसने मैन्‍युफैक्‍चरिंग जीडीपी को बढ़ा दि‍या है, जबकि‍ आमतौर पर आईआईपी इससे ज्‍यादा होता है। यह मुद्दा 2008 के फाइनेंशि‍यल क्राइसि‍स के बाद सामने आया है जि‍समें मैन्‍युफैक्‍चरिंग जीडीपी आईआईपी के मुकाबले तेजी से बढ़ रहा है। मगर इसके साथ ही होलसेल और रि‍लेट इन्‍फ्लेशन में भी अंतर का ट्रेंड चल रहा है।
 
जोशी कहते हैं कि‍ इस अंतर की एक वजह यह हो सकती है कि‍ आईआईपी में आउटपुट की मात्रा को शामि‍ल कि‍या जाता है जबकि‍ मैन्‍युफैक्‍चरिंग जीडीपी में वैल्‍यू एडेड को शामि‍ल कि‍या जाता है। इसके अलावा आईआईपी को कैलकुलेट करने के लि‍ए जि‍स तरह के डेटा का इस्‍तेमाल कि‍या जाता है वो मैन्‍युफैक्‍चरिंग जीडीपी को कैलकुलेट करने के लि‍ए इस्‍तेमाल होने वाला डाटा से अलग है। 

Recommendation

    Don't Miss

    NEXT STORY