Home »Economy »Foreign Trade» China Trying Several Measures To Keep Economy Floating And Struggling To Keep The Growth Rate Steady

भारत ने बढ़ाई चीन की चिंता, शी जिनपिंग ने कहा-और ओपेन करेंगे देश की इकोनॉमी

नई दिल्ली। इकोनॉमी के मोर्चे पर भारत ने चीन की चिंता बढ़ा दी है। चीन ने माना है कि फॉरेन इन्वेस्टमेंट के मामले में भारत से उसे कड़ी टक्कर मिल रही है। वहीं चीन में विदेशी मुद्रा भंडार भी कम हो रहा है। इन सबके बीच चीन के प्रेसिडेंट शी जिनपिंग ने कहा है कि देश में आगे भी उदारीकरण जारी रहेगा और चीन की इकेानॉमी को इतना ओपेन करेंगे, जितना कभी नहीं किया गया। बता दें कि चीन दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी वाला देश है।
 
जीडीपी ग्रोथ का अनुमान घटाया
चीन अपनी इकोनॉमी को ग्रोथ देने के लिए कई तरह के उपायों में लगा है। चीन ने 2017 में अपनी जीडीपी ग्रोथ रेट का अनुमान घटाकर करीब 6.5 फीसदी कर दिया है। यह पिछले 25 साल में सबसे कम है। इससे पहले 1992 में 6 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि दर का लक्ष्य रखा गया था। पिछले साल चीन ने जीडीपी ग्रोथ रेट के 6.7-7 फीसदी का टारगेट रखा था।
 
आगे भी जारी रहेगा उदारीकरण
शिन्हुआ न्यूज एजेंसी के अनुसार शी ने कहा कि चीन के खुले दरवाजों को बंद नहीं किया जाएगा। शी ने संकल्प जताया है कि उदारीकरण आगे भी जारी रहेगा और सभी फ्रंट पर देश की इकोनॉमी को खुला रखा जाएगा। बता दें कि शी का पहला कार्यकाल लगभग खत्म होने वाला है। वे हाल के सालों में देश के सबसे शक्तिशाली नेता के रूप में उभरे हैं। 
 
डोमेस्टिक और फॉरेन कंपनियों के लिए एक ही मानक
शी ने कहा कि जब बरत लाइसेंस एप्लीकेशन की हो, स्टैंडर्ड सेटिंग की हो या गवर्नमेंट प्रॉक्योरमेंट की, चीन में डोमेस्टिक फर्म्स और फॉरेन फर्म्स में कोई अंतर नहीं किया जाएगा। दोनों के लिए एक ही मानक होंगे। फॉरेन फमर्स भी स्टॉक मार्केट में लिस्टेड हो सकेंगी और बॉन्ड इश्‍यू कर सकेंगी। यहां तक कि वे नेशनल साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रोजेक्ट्स में हिस्सा भी ले सकेंगी।
 

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