Home »Economy »Foreign Trade» The US Has Announced That From April 3 It Would Temporarily Suspend The Premium Processing Of H1B Visas

H1-B वीजा की प्रीमियम प्रोसेसिंग रुकने से नहीं पड़ेगा फर्क, कंपनियों को बदलनी होगी रणनीति

नई दिल्‍ली। आईटी कंपनियां अब अचानक आने वाली जरूरत पर अपने कर्मचारियों को 3 अप्रैल के बाद अमेरिका नहीं भेज पाएंगी। लेकिन जो कंपनियां अपनी जरूरत का हिसाब-किताब पहले से लगा लेंगी, उनको इस प्रतिबंध से कुछ ज्‍यादा फर्क नहीं पड़ेगा। फिर भी इससे भारत की बड़ी कंपनियों के अगले तिमाही के कारोबार पर मामूली असर पड़ सकता है। अमेरिका ने भारत में 3 अप्रैल से अपने एच1बी वीजा की प्रीमिमय प्रोसेसिंग को अस्‍थाई रूप से रोकने की घोषणा की है।
 
बड़ी समस्‍या नहीं है, निकल जाएगा रास्‍ता
 
आईटी कंपनी क्‍वैत्रो के एमडी रमण राय का मानना है कि इसका वास्‍तविक असर कुछ खास नहीं है। इस क्षेत्र में करीब 35 लाख लोग काम कर हैं, इसमें से केवल 2 से लेकर 5 फीसदी ही ऐसे वीजा के दायरे में आते हैं। कंपनियां अब अपनी जरूरतों का हिसाब किताब पहले ही लगा लेंगी और कर्मचारियों के लिए समय से वीजा के लिए अप्‍लाइ करेंगी। इसके अलावा अगर किसी प्रोजेक्‍ट पर अगर अचानक जरूरत आ जाएगी तो अमेरिका में लोकल हायरिंग की जा सकेगी। अभी भी जिन लोगों को एच1बी वीजा के तहत भेजा जाता है, उनकी सेलरी एवरेज 1 लाख डॉलर के आसपास होती है। ऐसे में अगर कुछ लोगों को थोड़ी ज्‍यादा सैलरी पर हायर किया जाएगा तो कंपनियों पर कोई विशेष फर्क नहीं पड़ेगा।
 
कंपनियों पर नहीं पड़ेगा ज्यादा असर
 
एंजेल ब्रोकिंग की वीपी रिसर्च (आईटी) सरबजीत कौर का मानना है कि इस फैसले से आईटी कंपनियों पर कोई बड़ी दिक्‍कत नहीं आएगी, इसलिए हम लोग बड़ी कंपनियों जैसे इन्फोसिस,एचसीएल आदि पर अपनी राय नहीं बदल रहे हैं।
वहीं नैसकॉम का कहना है कि अमेरिका के एच1बी वीजा की प्रीमियम प्रोसेसिंग रोकने के फैसले से भारतीय आईटी इंडस्‍ट्री पर टैम्‍परेरी फर्क ही पड़ेगा। नैसकॉम के अनुसार संगठन अमेरिकी दूतावास से संपर्क में हैं, और कोशिश हो रही हैं कि भारतीय टैलेंट के अमेरिका आने जाने पर इस प्रतिबंध पर असर न पड़े।
वहीं आईटी क्षेत्र के बड़े नाम टीवी मोहनदास पई का मानना है कि आईटी इंडस्‍ट्री पर इससे कोई बड़ा फर्क नहीं पड़ेगा। पई को उम्‍मीद है कि अमेरिका अपनी यह सर्विस जल्‍द ही दोबारा शुरू कर देगा।
 
 
अगली स्‍लाइड में जानें किन कंपनियों को होना होगा सतर्क
 

और देखने के लिए नीचे की स्लाइड क्लिक करें

Recommendation

    Don't Miss

    NEXT STORY