Home »Economy »Foreign Trade» FM Arun Jaitley Says India Was No Longer Willing To Let Defaulters Escape The Law

डिफॉल्टर्स के रहने के लिए UK डेमोक्रेसी लिबरल, सख्त बनाने की जरूरत: जेटली

लंदन.  अरुण जेटली ने कहा है कि ब्रिटेन में डेमोक्रेसी इतनी लि‍बरल है कि वहां डिफॉल्टर भी आराम से रह सकते हैं। डिफॉल्टर्स के लिए इस तरह के ‘नॉर्मल’ हालात को खत्‍म करने की जरूरत है। जेटली ने भारतीय बैंकों के 9000 करोड़ के डिफॉल्‍टर और लंदन में रह रहे शराब कारोबारी विजय माल्‍या के बारे में ये बात कही। माल्‍या लोन डिफॉल्‍ट और दूसरे कई मामलों में भारत में वांटेड है। इस दिक्कत का हल निकालना जरूरी.....
 
 
 
- फाइनेंस मिनिस्टर ने लंदन स्‍कूल ऑफ इकोनॉमिक्‍स के साउथ एशिया सेंटर की ओर से एक प्रोग्राम के ‘ट्रांसफार्मिंग इंडिया: विजन फार द नेक्‍स्‍ट डिकेड’ सेशन में लोन डिफॉल्‍ट को बड़ी परेशानी बताया। 
- उन्होंने कहा- इसका हल निकालने की सख्‍त जरूरत है। लोन डिफॉल्‍टर्स अब भारतीय कानून से बच नहीं सकते। जेटली ने कहा, ‘‘यह पहली बार है, जब कड़ी कार्रवाई की जा रही है। दरअसल, इससे पहले डिफॉल्‍टर्स के भागने का मामला भी कभी सामने नहीं आया था। अब उनकी प्रॉपर्टीज जब्‍त की जा रही हैं।’’
- ‘‘इससे पता चलता है कि यह भारत में पहली बार हो रहा है। वैसे हमें तो डिफॉल्‍टर्स के साथ रहने की आदत हो गई थी।’’
 
माल्‍या को भारत लाए जाने की कोशिश
- बंद हो चुकी किंगफिशर एयरलाइन के प्रमुख विजय माल्‍या पिछले साल मार्च में ही ब्रिटेन भाग गए थे। इसी महीने की शुरुआत में भारत सरकार ने ब्रिटेन से माल्‍या को भारत को सौंपने के लिए कहा था। दोनों देशों के बीच इस पर बातचीत भी हो चुकी है। 
- भारत और ब्रिटेन के बीच 1993 से प्रत्‍यपर्ण संधि (extradition treaty) है। इसके तहत अब तक एक बार ही यूके से भारत में प्रत्‍यपर्ण हुआ है।  
- अक्‍टूबर, 2016 में समीरभाई विनुभाई को प्रत्‍यर्पित किया गया था। उन पर गुजरात में 2002 में हुए दंगे के मामले में जांच चल रही थी। 
- जेटली ने सोमवार को यूके फॉरेन सेक्रेटरी बोरिस जॉन्‍सन से मिलेंगे। मंगलवार को वह यूके चांसलर फिलिप हैमंड से मीटिंग करेंगे।

 

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