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नोटबंदी के बाद कंज्‍यूमर लोन डिमांड बेहतर हुई, क्रेडिट क्‍वालिटी में भी आया सुधार

नोटबंदी के बाद कंज्‍यूमर लोन डिमांड बेहतर हुई, क्रेडिट क्‍वालिटी में भी आया सुधार
 
मुंबई।नोटबंदी के चलते कंज्‍यूमर और रिटेल लोन में आई कमी में अब सुधार हो गया है। नवंबर 2016 के बाद इन लोन्‍स की डिमांड और इन्‍क्‍वायरी 25 फीसदी बढ़ी है। इंफोर्मेशन मैनेजमेंट सर्विस ट्रांसयूनियन सिबिल ने नोटबंदी के पहले और बाद के हालात का विश्‍लेषण किया है। इसके मुताबिक कंज्‍यूमर क्रेडिट डिमांड बेहतर है और क्रेडिट क्‍वालिटी में भी सुधार हुआ है।
 
ट्रांसयूनियन सिबिल ने किया विश्‍लेषण
क्रेडिट ब्‍यूरो ट्रांसयूनियन सिबिल की रिपोर्ट के मुताबिक नवंबर 2016 में जहां कंज्‍यूमर और रिटेल लोन में जीरो ग्रोथ रहा। वहीं, जनवरी में यह डिमांड 25 फीसदी बढ़ गई। बैंक लोन की डिमांड काफी कम हुई है। इस दौरान सिर्फ रिटेल लोन ही एक ऐसा सेगमेंट है, जिसमें ग्रोथ देखने को मिली है। 500 और 1000 के पुराने नोट बंद किए जाने के दौरान इस पर भी इनका असर पड़ा।
 
लोन रीपेमेंट स्थित रही
रिपोर्ट के मुताबिक दिसंबर में कर्ज की देनदारी का प्रदर्शन स्थिर रहा। ऑटो लोन और क्रेडिट कार्ड सेगमेंट कर्ज की रीपेमेंट क्रमश: 92 और 14 बेसिस प्‍वाइंट्स घटी। वहीं, टू व्‍हीलर और हाउसिंग लोन डेट रीपेमेंट बढ़ी। यह क्रमश: 11 बीपीएस और 32 बीपीएस हुआ। ट्रांसयूनियन सिबिल में फाइनेंसियल सर्विसेज रिसर्च एंड कसल्टिंग अमृता मित्रा ने कहा कि नोटबंदी के बाद क्रेडिट डिमांड सुधरती जा रही है। इससे भारत के क्रेडिट सेक्‍टर का ग्रोथ होगा। यह क्रेडिट इंडस्‍ट्री और इकोनॉमी के ग्रोथ के लिए अच्‍छे संकेत हैं।

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