Home »Economy »Banking» Bankers Are Saying Failure Of Meeting Cdr Norms Will Increase The NPA Of Banks

CDR पैकेज को लागू करने में फेल हो रही हैं कंपनियां, बैंकों का NPA रिकॉर्ड लेवल पर जाने का डर

नई दिल्ली. इकोनॉमी के रिवाइवल के संकेत अभी नहीं दिख रहे हैं। कम से कम कॉरपोरेट डेट रिस्ट्रक्चरिंग (सीडीआर) के मामलों से ऐसा ही पता चलता है। लेटेस्ट आंकड़ों के अनुसार कंपनियां सीडीआर पैकेज को लागू करने में फेल हो रही हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में एनपीए का प्रेशर बैंकों पर और ज्यादा बढ़ सकता है।
 
 
क्या कहते हैं आंकड़े?
कॉरपोरेट डेट रिस्ट्रक्चरिंग सेल से moneybhaskar.com को मिले आंकड़ों के अनुसार दिसंबर 2016 तक 264 कंपनियां सीडीआर पैकेज को पूरा करने में फेल हुई हैं। जिनके ऊपर करीब 1.25 लाख करोड़ रुपए का कर्ज है। जबकि साल 2015 की दिसंबर पर पैकेज के मानकों को पूरा नहीं करने वाली केवल 202 कंपनियां थी।
 
क्या है इसका मतलब?
पंजाब एंड सिंध बैंक के पूर्व सीजीएम जी.एस.बिंद्रा के अनुसार आंकड़ों से साफ है कि इकोनॉमी में रिवाइवल अभी नहीं हो रहा है। इसी वजह से सीडीआर पैकेज को पूरा नहीं करने वाली कंपनियों की संख्या बढ़ी है। इसका इम्पैक्ट बैंकों के एनपीए पर सीधे तौर पर दिखेगा। जैसा कि अभी बैंकों के आ रहे तीसरी तिमाही के क्वार्टर में बढ़े एनपीए के रुप में दिख रहा है।
 
लगातार बढ़ रहा है बैंकों का एनपीए
आरबीआई के डाटा के अनुसार मार्च 2016 में बैंकों का ग्रॉस एनपीए उनके द्वारा दिए गए कुल कर्ज का 7.6 फीसदी लेवल पर पहुंच गया है। बैंकर्स के अनुसार जिस तरह से एनपीए रिकवरी में प्रॉब्लम आ रही है उसे देखते हुए यह लेवल मार्च 2017 तक 8.5 फीसदी पर पहुंच सकता है।
 
सीडीआर में पहुंचे 4.74 लाख करोड़ के मामले
 
सीडीआर सेल की रिपोर्ट के अनुसार 31 दिसंबर 2016 तक कुल 655 केस पहुंच चुके हैं। जिन पर कुल 4.74 लाख करोड़ रुपए का कर्ज है। इसमें से 168 केस अभी लाइव हैं, जिन पर 2.07 लाख करोड़ रुपए का कुल कर्ज है।
सेक्टर
कुल केस
कर्ज (करोड़ रुपए)
इंफ्रास्ट्रक्चर
16
40349
ऑयरन एंड स्टील
37
40269
ईपीसी
5
23522
इंजीनियरिंग
8
22082
कंस्ट्रक्शन
11
18644
शिंप ब्रेकिंग एंड बिल्डिंग
3
11449
टेक्सटाइल
18
10558
 

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