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करदाताओं पर होगा सांसदों की सुविधाओं का बोझ

करदाताओं पर होगा सांसदों की सुविधाओं का बोझ
सांसदों के वेतन के अलावा तीन गुना भत्‍तों और परिवहन का खर्च सामान्‍य लोगों की जेब पर भारी पड़ेगा। इससे साफ है कि सांसदों की सुख-सुविधाओं के लिए आम करदाता पर सीधा भार पड़ेगा। हाल में हुए लोकसभा चुनावों में चुने गए 540 संसद सदस्‍य जल्‍द ही सांसद बनने की शपथ ग्रहण करेंगे। देश की जनता ने जिन सदस्‍यों को चुनकर अपनी सेवा के लिए संसद में भेजा है, वे सम्‍मानित सदस्‍य देश के करोड़ों करदाताओं से क्‍या प्राप्‍त करेंगे। यहां नेतृत्‍व करने वाले सदस्‍यों को मिलने वाली उन कुछ सुविधाओं का जिक्र किया गया है, जिनका बोझ हर करदाता उठएगा। प्रत्‍येक संसद सदस्‍य को 50,000 रुपये मासिक वेतन मिलेगा। इसके साथ ही उन्‍हें संसदीय क्षेत्र भत्‍ते के रूप में 45,000 रुपये मिलेंगे। साथ ही ऑफिस भत्‍ते के लिए 45,000 रुपये अतिरिक्‍त प्राप्‍त होंगे।
 
सांसद जब भी संसदीय कार्यवाही या फिर स्‍थाई समिति की बैठक में शामिल होंगे। उन्‍हें 2000 रुपये दैनिक भत्‍ते के रूप में प्राप्‍त होंगे। यहां उन्‍हें वास्‍तव में उपस्थि‍त होना जरूरी नहीं है। बल्कि यहां सिर्फ उपस्थिति रजिस्‍टर पर हस्‍ताक्षर भर से काम चल जाएगा। वहीं जब वे संसद में उपस्थित होने या फिर संसद सदस्‍य के रूप में किसी अन्‍य कार्य से हवाई यात्रा करेंगे तो उन्‍हें ट्रेवलिंग-अलाउंस्‍ा के रूप में हवाई टिकट का 125 फीसदी भत्‍ता प्रदान किया जाएगा।
 
संसद सदस्‍य एवं उनकी पत्‍नी को देश-भर में कभी भी और कहीं भी आने जाने के लिए टेन में एसी प्रथम श्रेणी का टिकट प्रदान किया जाएगा। संसद सदस्‍य को पूरे कार्यकाल के समय तक दिल्‍ली में किराया मुक्‍त निवास सुविधा प्राप्‍त होगी। इसके साथ ही सांसद को उसके संसदीय क्षेत्र और दिल्‍ली स्थित निवास में मुफ्त टेलिफोन मिलेगा। जिसमें प्रति वर्ष 50,000 मुफ्त कॉल की सुविधा प्राप्‍त होगी। साथ ही उन्‍हें दो मोबाइल फोन नेशनल रोमिंग सुविधा के साथ मुफ्त प्राप्‍त होंगे। वरिष्‍ठ सरकारी अधिकारी को मिलने वाली सभी प्रकार की स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाएं सांसद महोदय को भी प्राप्‍त होंगी।
 
देश के लोकतंत्र को लगातार गति प्रदान करने के लिए यह कीमत कुछ अधिक नहीं है। वैसे भी प्रत्‍येक संसद सदस्‍य को उसके संसदीय क्षेत्र के लाखों लोग चुनकर भेजते हैं और हम लोग प्रशासन में उच्‍च पदों पर बैठे बाबुओं के जैसी कुछ आधारभूत सुविधाएं सांसदों को प्रदान करते हैं। लेकिन ये मुफ्त में मिलने वाली सुविधाओं की विडंबना है कि एक दिन में किसी सेंट्रल-एक्‍साइज के कमिश्‍नर को हवाई जहाज के एक्‍जीक्‍यूटिव क्‍लास में सफर करते देखता हूं। वहीं कल ही एक सर्विस टैक्‍स के कमिश्‍नर प्रेस से कह रहे थे कि उन्‍होंने सर्विस टैक्‍स अदा नहीं कर पाने की दशा में एयर इंडिया के बैंक खाते फ्रीज कर दिए हैं।
 
लेखक टैक्‍स एक्‍सपर्ट हैं और  taxindiaonline में एडिटर-इन-चीफ हैं। 

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