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राजनीति की सही दिशा तय करेगा सुप्रीम कोर्ट

राजनीति की सही दिशा तय करेगा सुप्रीम कोर्ट
करीब 40 साल पहले 1975 में सुप्रीम कोर्ट के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा हुआ। सुप्रीम कोर्ट को फैसला करना था कि राजनीति क्‍या है? क्‍या यह एक पेशा है या फिर आजीविका का साधन है?
इस मामले में एक पक्ष समाजवादी राजनीति करने वाले धनी महाराज पीवीजी राजू थे।राजू आंध्र-प्रदेश विधानसभा में अपनी पार्टी के प्रचार और पार्टी प्रत्याशियों की जीत के लिए जमकर खर्च कर रहे थे। सुप्रीम कोर्ट को निर्णय देना था कि समाजवाद के ठप्‍पे के साथ राजनीति करना वास्तव में एक पेशा है या फिर आजीविका का साधन है। राजू मौजूदा एविएशन मंत्री अशोक गजपति राजू के पिता हैं।
 
प्रसिद्ध विचारक हेरॉल्ड लास्‍की ने ग्रामर ऑफ पॉलिटिक्स पर लिखी किताब में राजनीति को विज्ञान माना है। साथ ही उन्‍होंने यह भी माना है कि प्रायोगिक तौर पर प्रशंसा और निंदा के आधार पर यह पूरी तरह से एक पेशा ही है। गांधी जी ने राजनीति को एक पवित्र धर्म का दर्जा दिया है। वहीं लिंकन ने इसे शासन कला का सर्वोच्च बिंदु माना है। लेनिन, नेहरू और अन्‍य महान नेताओं तथा आधुनिक विश्व के तमाम निर्माताओं ने राजनीति को एक पेशा मानते हुए अपने आप को समर्पित कर दिया है। लेकिन डॉ.जॉनसन जैसे महान विचारक ने मौजूदा दौर में इसके खराब आचरण के चलते इसे दुर्जनों का अंतिम पड़ाव माना है।
 
रॉबर्ट लुइस स्टीवेंसन ने राजनीति पर तीखे प्रहार करते हुए कहा है कि राजनीति मात्र एक पेशा है जिसमें नवीन विचारों की तैयारी की कोई आवश्यकता नहीं है। जॉर्ज बनाॅर्ड शॉ ने और भी चुभते शब्दों का प्रयोग करते हुए कहा है कि राजनीतिज्ञ को कुछ भी पता नहीं होता, फिर भी उसे लगता है कि उसे सब पता है। इससे साफ होता है कि बिना केस लॉ की पड़ताल किए कहा जा सकता है कि राजनीति एक पेशा है। वास्तव में भारत की मौजूदा स्थिति में राजनीति सबसे अधिक लोकप्रिय और बेशुमार लाभ देने वाली आजीविका ही है।
 
इस मामले पर अपना निर्णय सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बेशुमार दौलत के साथ राजनीतिक रूप से मह्त्वपूर्ण व्‍यक्ति होने के नाते राजू अपनी पार्टी को प्रदेश में खड़ा करना चाहते हैं। उन्‍होंने पार्टी की स्थापना के लिए कार्यकर्ताओंं को उदारता से दान दिया। इसके तहत एक्सपेंडीचर टैक्‍स एक्ट 1957 की धारा 5(जे) के तहत इस व्यय को एक्सपेंडीचर टैक्‍स से छूट प्रदान की जाती है।

लेखक टैक्‍स एक्सपर्ट हैं और  taxindiaonline.com में एडिटर-इन-चीफ हैं। 

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