Home »Do You Know »Other» What's Shares Dilisting?

क्या है शेयर डिलिस्टिंग?

क्या है शेयर डिलिस्टिंग?

शेयरडिलिस्टिंग की सीधा सा मतलब किसी सूचीबद्ध कंपनी के शेयरों का शेयर बाजार से अस्थायी तौर पर हट जाना है। दूसरे शब्दों में कहें तो डिलिस्टेड कंपनी के शेयर बाजार में खरीदने या बेचने के लिए उपलब्ध नहीं रहेंगे। डिलिस्टिंग स्वैच्छिक भी हो सकती या बाध्यकारी भी।

किसी कंपनी में बड़ी हिस्सेदारी वाले प्रमोटर नियमन से जुड़ी जरूरी शर्तों से बचने या शेयरहोल्डरों के दबाव में डिलिस्टिंग के लिए आवेदन कर सकते हैं। कई बार प्रमोटर अपनी कंपनी की बेहतरी के लिए हिस्सेदारी बढ़ाने और डिलिस्टिंग का विकल्प चुनते हैं।

अगर कंपनी अच्छा प्रदर्शन करती है तो ज्यादा शेयरहोल्डिंग की वजह से प्रमोटर फायदे में रहता है। हालांकि मौजूदा परिस्थितियों में भारत में कुछ प्रमोटर न्यूनतन शेयरहोल्डिंग नियमों की शर्तों को पूरा करने के बजाय डिलिस्टिंग का विकल्प आजमाने को प्राथमिकता देते हैं। कई बार कंपनियों को रेग्यूलेशन से जुड़ी शर्तों का पालन न क रने की वजह से डिलिस्ट कर दिया जाता है।

डिलिस्टिंग ऑफर तभी सफल माना जाता है, जब प्रमोटर की अपनी शेयरहोल्डिंग कुल शेयरों की 90 फीसदी हो। डिलिस्ट होने की स्थिति में जिन शेयरधारकों के पास शेयर होते हैं उनके लिए इसे सौंप देना जरूरी नहीं होता है। अगर आप शेयरों को सौंपते नहीं है तो भी इन पर मिलने वाले बोनस और लाभांश के हकदार बने रहेंगे।

Recommendation

    Don't Miss

    NEXT STORY