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समूचे रियल्टी सेक्टर को ले डूबी एचडीआईएल

समूचे रियल्टी सेक्टर को ले डूबी एचडीआईएल

सफाई - दिवालियापन और डिफॉल्ट को लेकर उड़ रही अफवाहों का हम पूरी तरह खंडन करते हैं। कर्ज के भुगतान को लेकर हम आरामदायक स्थिति में हैं और शैड्यूल के मुताबिक चल रहे हैं।  - हरि प्रकाश पांडे, वाइस प्रेसिडेंट (फाइनेंस), एचडीआईएल

हाउसिंगडेवलपमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एचडीआईएल) के शेयरों में दर्ज की गई जबरदस्त गिरावट का असर गुरुवार को समूचे रियल्टी सेक्टर पर दिखाई दिया।

बांबे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के रियल्टी सेक्टोरल इंडेक्स में शामिल अधिकांश कंपनियों के शेयरों में गिरावट रही। इससे रियल्टी इंडेक्स 4.19 फीसदी की गिरावट के साथ 2,091.28 अंक पर आ गया। एचडीआईएल के मामले से रियल्टी सेक्टर की कंपनियों में कॉरपोरेट गवर्नेंस की कमी का मुद्दा एक बार फिर से गरमा गया है।

आईआईएफएल के रिसर्च प्रमुख अमर अंबानी मानते हैं कि रियल्टी सेक्टर की कई कंपनियां गवर्नेंस के मापदंड पर कमजोर नजर आती हैं।

एचडीआईएल ने मंगलवार को घोषणा की थी कि इसके वाइस चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर सारंग वधावन ने कंपनी में अपनी हिस्सेदारी के 50 लाख शेयर खुले बाजार में 57 करोड़ रुपये में बेच दिएहैं। इसके चलते, कंपनी में वधावन की हिस्सेदारी 2.19 फीसदी से घटकर 0.99 फीसदी पर आ गई। 31 दिसंबर, 2012 की स्थिति के मुताबिक, एचडीआईएल में प्रमोटरों की हिस्सेदारी 37.36 फीसदी पर थी।

लेकिन, इनमें से 98 फीसदी शेयर वित्तीय संस्थानों व बैंकों के पास गिरवी रखे हैं। इस खबर के असर से बुधवार को कंपनी के शेयरों में तेज गिरावट रही थी। गुरुवार को यह गिरावट और गहरा गई। बीएसई पर कंपनी के शेयर का भाव 22.44 फीसदी लुढ़क कर 74.65 रुपये पर आ गया।

हालांकि, गुरुवार को कंपनी प्रबंधन ने कर्ज के मुद्दे को लेकर भरपूर सफाई दी। कंपनी के वाइस प्रेसिडेंट (फाइनेंस) हरि प्रकाश पांडे ने निवेशकों के साथ एक कॉंफ्रेंस कॉल में कहा कि दिवालियापन और डिफॉल्ट को लेकर उड़ रही अफवाहों का हम पूरी तरह खंडन करते हैं।

कर्ज के भुगतान को लेकर हम आरामदायक स्थिति में हैं और शैड्यूल के मुताबिक चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि कर्ज के तुरंत भुगतान व मुंबई में खरीदी गई जमीन की अंतिम किस्त देने के लिए वधावन को अपनी हिस्सेदारी बेचनी पड़ी।

लेकिन, प्रमोटर अब अपनी और हिस्सेदारी नहीं बेचेंगे। कंपनी छोटी अवधि के महंगे कर्ज को लंबी अवधि के सस्ते कर्ज में बदलने पर भी काम कर रही है। दिसंबर, 2012 के आखिर में कंपनी का कुल कर्ज 3,470 करोड़ रुपये का है।

एचडीआईएल के साथ ही आईवीआरसीएल में भी समस्याओं की खबरें बाजार में चल रही थीं। इससे आईवीआरसीएल का शेयर भी 19.81 फीसदी टूटकर 33 रुपये पर आ गया।साथ ही, अनंतराज के शेयर में 7.61 फीसदी, यूनिटेक में 6.44 फीसदी, शोभा डेवलपर्स में 5.19 फीसदी और जयप्रकाश एसोसिएट्स के शेयरों में 5.53 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।

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